कक्षा ५ गणित अध्याय 13 जानवरों की छलाँग के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
एक खरगोश प्रत्येक बार 4 की छलाँग लगाता है। एक मेंढक प्रत्येक बार 3 की छलाँग लगाता है। संख्या-रेखा का उपयोग करके उन संख्याओं का पता लगाइए जिन पर दोनों पहुँचेंगे। यदि खरगोश और मेंढक 0 से प्रारंभ करते हैं तो जिन संख्याओं पर वे दोनों पहुँचेंगे उन्हें 3 व 4 के उभयनिष्ठ गुणज कहते हैं।
मेंढक — 3 की छलाँगखरगोश — 4 की छलाँग03468912
पृष्ठ 165 — संख्या-रेखा। दोनों 0 से चलना शुरू करते हैं। मेंढक की पहली छलाँग नीले रंग में और खरगोश की पहली छलाँग लाल रंग में दिखाई गई है।
उत्तर

0 से 12 के बीच दोनों केवल एक ही संख्या पर पहुँचते हैं — 12 पर।

0123456789101112मेंढक: 3 की छलाँगखरगोश: 4 की छलाँग
मेंढक 3, 6, 9, 12 पर उतरता है। खरगोश 4, 8, 12 पर। घेरा लगी 12 ही साझा पड़ाव है।
  1. मेंढक की छलाँगें बनाइए। 0 से 3-3 की छलाँग: 3, 6, 9, 12।
  2. खरगोश की छलाँगें बनाइए। 0 से 4-4 की छलाँग: 4, 8, 12।
  3. दोनों सूचियों में समान संख्या खोजिए। केवल 12 दोनों में है।
मेंढक (3): 3, 6, 9, 12
खरगोश (4): 4, 8, 12

पहला साझा पड़ाव = 12
ऐसा क्यों होता है: 12, 3 के पहाड़े में भी है (3 × 4 = 12) और 4 के पहाड़े में भी (4 × 3 = 12)। जो संख्या दोनों का गुणज हो उसे उभयनिष्ठ गुणज कहते हैं। 'उभयनिष्ठ' का अर्थ है — दोनों में साझा।
ध्यान दीजिए: मेंढक 4 छलाँगों में 12 पर पहुँचता है, खरगोश 3 छलाँगों में। दोनों पहुँचते तो हैं, पर खरगोश पहले पहुँचता है क्योंकि उसकी छलाँग लंबी है।
प्र2.
संख्याओं 3 व 4 का पहला उभयनिष्ठ गुणज 12 है। 3 व 4 के कुछ अन्य उभयनिष्ठ गुणज कौन-से हैं? इसके लिए आप संख्या-रेखा को आगे बढ़ा सकते हैं या 3 व 4 के पहाड़ों की सहायता ले सकते हैं।
मेंढक — 3 की छलाँगखरगोश — 4 की छलाँग03468912
पृष्ठ 165 — संख्या-रेखा। दोनों 0 से चलना शुरू करते हैं। मेंढक की पहली छलाँग नीले रंग में और खरगोश की पहली छलाँग लाल रंग में दिखाई गई है।
उत्तर

अगले उभयनिष्ठ गुणज हैं 24, 36, 48, 60 और 72 — और यह सिलसिला कभी खत्म नहीं होता।

3 के गुणज3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24, 27, 30, 33, 36, 39, 42, 45, 48
4 के गुणज4, 8, 12, 16, 20, 24, 28, 32, 36, 40, 44, 48
उभयनिष्ठ गुणज12, 24, 36, 48, 60, 72 …
  1. 3 का पहाड़ा लिखिए। 3, 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24 …
  2. उसके नीचे 4 का पहाड़ा लिखिए। 4, 8, 12, 16, 20, 24 …
  3. जो संख्याएँ दोनों पंक्तियों में हैं उन पर घेरा लगाइए। 12, 24, 36, 48 …
12 × 1 = 12
12 × 2 = 24
12 × 3 = 36
12 × 4 = 48
12 × 5 = 60
ऐसा क्यों होता है: मेंढक और खरगोश एक बार 12 पर मिल जाते हैं, तो वहीं से पूरा प्रतिरूप दोबारा शुरू हो जाता है। इसलिए वे 12 कदम बाद 24 पर, फिर 36 पर मिलते हैं — हर 12 कदम पर।
प्र3.
3 व 4 के उभयनिष्ठ गुणजों के बारे में आपने क्या ध्यान दिया? कक्षा में चर्चा कीजिए।
उत्तर

नमूना उत्तर: 3 व 4 का हर उभयनिष्ठ गुणज 12 का गुणज है। सूची असल में 12 का पहाड़ा ही है — 12, 24, 36, 48, 60 … सबसे छोटा 12 है और बाकी सब उसमें बार-बार 12 जोड़कर बनते हैं। सबसे बड़ा कोई नहीं होता; सूची कभी खत्म नहीं होती।

कक्षा को तीन बातें ध्यान में रखनी चाहिए:

  1. पहला उभयनिष्ठ गुणज 12 है, और 12 = 3 × 4। जब दो संख्याओं में 1 के अलावा कुछ साझा न हो, तो पहला उभयनिष्ठ गुणज उनका गुणनफल ही होता है।
  2. बाकी सब पहले वाले के गुणज हैं। 24 = 12 × 2, 36 = 12 × 3, 48 = 12 × 4।
  3. सूची कभी खत्म नहीं होती। दो संख्याओं के उभयनिष्ठ गुणज सदा अनगिनत होते हैं — उभयनिष्ठ गुणनखंडों की तरह गिने-चुने नहीं।
ऐसा क्यों होता है: एक ही पड़ाव पर पहुँचने के लिए संख्या तक 3 की छलाँगों से भी पहुँचा जा सके और 4 की छलाँगों से भी। यह केवल 12 के पहाड़े की संख्याएँ ही कर सकती हैं, क्योंकि 12 सबसे छोटी संख्या है जिसे 3 और 4 दोनों पूरा-पूरा विभाजित करते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?