प्र1.
8. (क) सम संख्याओं के गुणनखंड सदैव ही सम संख्या होंगे।
उत्तर
असत्य।
सम संख्या के विषम गुणनखंड आसानी से हो सकते हैं।
6 के गुणनखंड → 1, 2, 3, 6 — 1 और 3 विषम हैं
10 के गुणनखंड → 1, 2, 5, 10
12 के गुणनखंड → 1, 2, 3, 4, 6, 12
10 के गुणनखंड → 1, 2, 5, 10
12 के गुणनखंड → 1, 2, 3, 4, 6, 12
ऐसा क्यों होता है: 6 गोटियों को 2-2 की 3 पंक्तियों में सजाया जा सकता है। 3 पंक्तियाँ बनने से 3 गुणनखंड बन जाता है, और 3 विषम है। असल में 1 हर संख्या का गुणनखंड है, और 1 विषम है — इसलिए किसी भी संख्या के सारे गुणनखंड सम नहीं हो सकते।