कक्षा ५ गणित अध्याय 14 आइए करके देखें के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
आपके विद्यालय में विभिन्न स्थानों को दर्शाने के लिए एक मानचित्र बनाइए। मानचित्र में प्रयोग किए गए प्रतीकों के अर्थ लिखिए। मानचित्र में कुछ वस्तुओं को छिपा दीजिए।
पृष्ठ 176 पर दिया गया विद्यालय का प्रतिदर्श मानचित्र और उसके संकेत। लाल गोला बताता है कि वहाँ कोई वस्तु छिपी है।
उत्तर
छह चरणों में कीजिए। पुस्तक में दिया प्रतिदर्श मानचित्र बताता है कि पूरा मानचित्र कैसा दिखता है।
कॉपी लेकर विद्यालय का एक चक्कर लगाइए और स्थानों की सूची बनाइए — द्वार, कार्यालय, कक्षाएँ, पुस्तकालय, खेल का मैदान, उद्यान, पानी की टंकी, शौचालय, पेड़, बेंच।
पहले चारदीवारी बनाइए, एक बड़े आयत के रूप में, मानो आप आकाश से नीचे देख रहे हों।
द्वार सही ओर बनाइए, फिर दीवार के भीतर भवन और खुली जगहें अपनी-अपनी जगह पर भरिए।
हर प्रकार की वस्तु के लिए एक प्रतीक सोचिए — ऐसा छोटा चित्र जो जल्दी बने और बार-बार दोहराया जा सके। हर बार वही प्रतीक बनाइए।
बगल में एक बॉक्स में संकेत बनाइए, जिसमें हर प्रतीक के साथ उसका नाम लिखा हो। पुस्तक के प्रतिदर्श संकेत में हैं: द्वार, सड़क, भवन, टैंक, छुपी वस्तुएँ, दीवार, बाड़, सीट/बेंच, पथ, उद्यान और पेड़।
उ., पू., द., प. वाला दिशा-चिह्न लगाइए। फिर जाकर कुछ छोटी वस्तुएँ — एक कंचा, एक चॉक, एक पत्ता — सचमुच उन स्थानों पर छिपा दीजिए जो आपने बनाए हैं।
विद्यालय का मानचित्र और उसके संकेत। मानचित्र का हर प्रतीक संकेत में है, और उसके अलावा कुछ नहीं।
संकेत क्यों ज़रूरी है: मानचित्र पर लंबे शब्दों के लिए जगह नहीं होती। प्रतीक जगह बचाता है — पर तभी, जब पढ़ने वाला जानता हो कि उसका अर्थ क्या है। संकेत आपका वादा है: “जहाँ यह छोटा चित्र दिखे, वहाँ यह वस्तु है।”
प्र2.
जहाँ वस्तुओं को छिपाया गया है, उन स्थानों को लाल बिंदुओं से या झंडों से चिह्नित कीजिए। अब अपने मित्रों को मानचित्र को पढ़कर छिपाई गई वस्तुओं को ढूँढ़ने की चुनौती दीजिए।
पृष्ठ 176 पर दिया गया विद्यालय का प्रतिदर्श मानचित्र और उसके संकेत। लाल गोला बताता है कि वहाँ कोई वस्तु छिपी है।
उत्तर
हर छिपाने की जगह पर एक छोटा लाल गोला या लाल झंडा बनाइए, ठीक वहीं जहाँ वस्तु सचमुच है, और संकेत में “छुपी वस्तु = लाल गोला” जोड़ दीजिए।
पहले वस्तुएँ छिपाइए, फिर मानचित्र पर चिह्न लगाइए। पहले चिह्न लगाएँगे तो भूल सकते हैं कि वस्तु कहाँ रखी थी।
हर लाल चिह्न सही प्रतीक पर लगाइए — टंकी पर, बेंच पर, उद्यान के कोने पर। पास नहीं, ठीक उसी पर।
मानचित्र मित्र को दीजिए, और कोई दूसरा संकेत मत दीजिए। न इशारा, न बताना।
देखिए वह कैसे पढ़ता है। अच्छा मानचित्र उसे हर वस्तु ढूँढ़ने देगा; कमज़ोर मानचित्र उसे ग़लत जगह भेज देगा। उसकी ग़लतियाँ बताती हैं कि आपको क्या सुधारना है।
नमूना उत्तर: “मैंने पाँच वस्तुएँ छिपाईं — पानी की टंकी के पीछे एक कंचा, तीसरी बेंच के नीचे एक चॉक, नीम के पेड़ की जड़ में एक बोतल का ढक्कन, द्वार के पास एक रबर और उद्यान में एक बटन। पाँचों को लाल गोलों से चिह्नित किया। मेरी सहेली को चार मिल गईं। नीम वाली नहीं मिली क्योंकि मैंने दो पेड़ एक जैसे बनाए थे और यह नहीं बताया था कि कौन-सा। तब मैंने दिशा-चिह्न जोड़ा और वह तुरंत मिल गई।”
इस खेल के पीछे का विचार: असली मानचित्र भी यही करता है। जो व्यक्ति आपके विद्यालय कभी नहीं आया, वह भीतर आकर आपके प्रतीक पढ़कर उस जगह तक पहुँच सकता है जिसे उसने कभी देखा ही नहीं। संकेत और दिशा-चिह्न वाले मानचित्र की यही शक्ति है।