कक्षा ५ गणित अध्याय 3 आइए करके देखें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए प्रत्येक कोण के माप का अनुमान लगाइए। उसके बाद अपने कोण मापक उपकरणों से जाँच कीजिए। आपको मापों के संयोजन का उपयोग करना पड़ सकता है। यह भी बताइए कि प्रत्येक कोण न्यूनकोण, समकोण अथवा अधिककोण है।
पृष्ठ 38 पर छपे सातों कोण, हर एक के पास उत्तर लिखने के लिए एक खाली डिब्बा।
उत्तर

यहाँ सात कोण हैं जिनके पास एक-एक खाली डिब्बा बना है। क्रम से — पहले बाईं ओर के तीन, फिर बीच के दो, फिर दाईं ओर के दो—

कोणघुमाव की मापन्यूनकोण / समकोण / अधिककोणक्या दिखता है
11/12 घुमावन्यूनकोणदोनों भुजाएँ बहुत थोड़ा ही खुली हैं — चौकोर कोने से कहीं कम।
21/8 घुमावन्यूनकोणएक भुजा सीधे ऊपर जाती है, दूसरी समकोण के आधे जितनी झुकी है।
31/6 घुमावन्यूनकोणपहले दोनों से चौड़ा, फिर भी चौकोर कोने से पतला।
41/6 घुमावन्यूनकोणपतला ‘V’, लगभग पिछले जितना ही।
51/4 घुमावसमकोणदोनों भुजाएँ ठीक चौकोर कोना बनाती हैं।
62/6 घुमावअधिककोणचौकोर कोने से चौड़ा — पुस्तिका के कोने से कहीं अधिक खुला।
73/8 घुमावअधिककोणएक भुजा सपाट पड़ी है, दूसरी पीछे झुकी है — चौकोर कोने से बहुत चौड़ा।

उपकरणों से जाँच कैसे करें

  1. उपकरण की नोक ठीक कोण के कोने पर रखिए।
  2. उसका एक सीधा किनारा कोण की एक भुजा पर रखिए।
  3. देखिए दूसरा किनारा कहाँ पड़ता है। यदि वह दूसरी भुजा पर पड़े तो माप मिल गई।
  4. यदि कोण उपकरण से बड़ा है तो जहाँ उपकरण समाप्त हुआ वहाँ निशान लगाइए, उपकरण आगे खिसकाइए और फिर लगाइए। जितनी बार लगा, उतना जोड़ लीजिए।
कोण 6 : 1/6 उपकरण दो बार बैठता है → 1/6 + 1/6 = 2/6 घुमाव (अधिककोण)
कोण 7 : 2/8 उपकरण एक बार, फिर 1/8 उपकरण एक बार → 2/8 + 1/8 = 3/8 घुमाव (अधिककोण)
1/12 घुमाव
कोण 1 — 1/12 घुमाव।
1/8 घुमाव
कोण 2 — 1/8 घुमाव।
1/6 घुमाव
कोण 3 — 1/6 घुमाव।
1/6 घुमाव
कोण 4 — 1/6 घुमाव।
1/4 घुमाव
कोण 5 — 1/4 घुमाव।
2/6 घुमाव
कोण 6 — 2/6 घुमाव।
3/8 घुमाव
कोण 7 — 3/8 घुमाव।
ऐसा क्यों होता है: एक-चौथाई घुमाव तक का हर कोण न्यूनकोण है, ठीक एक-चौथाई घुमाव समकोण है, और एक-चौथाई से आधे घुमाव के बीच का हर कोण अधिककोण है। इसलिए घुमाव की भिन्न पता चलते ही कोण का नाम भी पता चल जाता है।
ध्यान रखिए: हर बार 1/4 से तुलना कीजिए। 1/12, 1/8 और 1/6 — तीनों 1/4 से छोटे हैं, इसलिए ये कोण न्यूनकोण हैं। 2/6 और 3/8 — दोनों 1/4 से बड़े हैं, इसलिए ये अधिककोण हैं।
प्र2.
निम्नलिखित कोणों की प्रत्येक स्थिति में तीर द्वारा बनाए गए घुमावों का अनुमान लगाइए। कोण मापक उपकरणों के संयोजन से सत्यापित कीजिए। (क) 1/4 + 1/8 घुमाव अथवा 3/8 घुमाव (ख) ___ घुमाव (ग) ___ घुमाव (घ) ___ घुमाव
उत्तर

हर चित्र में तीर ऊपर से चलकर दक्षिणावर्त घूमता है। गिनिए कि उसने कितने चौथाई और कितने आठवें भाग पार किए।

भागतीर कहाँ रुकता हैघुमावदूसरे रूप में
(क)नीचे-दाएँ चौथाई में3/8 घुमाव1/4 + 1/8 (पुस्तक में दिया हुआ)
(ख)नीचे-बाएँ चौथाई में5/8 घुमाव1/2 + 1/8
(ग)ऊपर-दाएँ चौथाई में1/8 घुमाव1/4 घुमाव का आधा
(घ)नीचे से थोड़ा आगेलगभग 5/12 घुमाव1/4 + 1/6
प्रारंभअंत
(ख) तीर ऊपर से चलकर नीचे-बाएँ चौथाई में रुकता है— 5/8 घुमाव।
प्रारंभअंत
(ग) ऊपर-दाएँ चौथाई तक छोटा दक्षिणावर्त घुमाव— 1/8 घुमाव।
प्रारंभअंत
(घ) तीर ऊपर-दाएँ से चलकर नीचे से आगे निकल जाता है— लगभग 5/12 घुमाव।
(ख) 1/2 + 1/8 = 4/8 + 1/8 = 5/8 घुमाव
(घ) 1/4 + 1/6 = 3/12 + 2/12 = 5/12 घुमाव
ऐसा क्यों होता है: हर चित्र चार रंगीन चौथाइयों में बँटा है। पहले गिनिए कि तीर कितने पूरे चौथाई पार कर चुका है, फिर देखिए कि अगले चौथाई में कितना आगे गया है — चौथाई का आधा 1/8 है और चौथाई का दो-तिहाई 1/6 है।
स्वयं जाँचिए: भाग (क) में पहले 2/8 उपकरण और फिर 1/8 उपकरण रखिए। दोनों मिलकर घुमाव को ठीक-ठीक भर देंगे — 1/4 + 1/8 = 3/8 का यही अर्थ है।
प्र3.
दी गई आकृतियों के प्रत्येक कोण का मापन कीजिए। कोणों की माप को घुमावों के रूप में लिखिए और बताइए कि वे न्यूनकोण, अधिककोण अथवा समकोण हैं। — आकृति (क)
क'ख'
पृष्ठ 38 की आकृति (क)। छायांकित दोनों कोण मापने हैं।
उत्तर

इस आकृति में दो कोण छायांकित हैं — एक पर और एक ख′ पर।

कोणघुमाव के रूप में मापनाम
∠क (कख′ और कख के बीच)1/8 घुमावन्यूनकोण
∠ख′ (ख′क और ख′क′ के बीच)1/8 घुमावन्यूनकोण
ख′क′
दो सीधी रेखाएँ ग पर काटती हैं। क और ख′ पर छायांकित कोण 1/8 घुमाव के हैं।

इन्हें कैसे मापें

  1. अपने 1/8 उपकरण की नोक बिंदु क पर रखिए।
  2. उसका एक किनारा भुजा कख′ पर रखिए।
  3. दूसरा किनारा ठीक भुजा कख पर पड़ता है। अतः ∠क = 1/8 घुमाव।
  4. यही ख′ पर कीजिए। वहाँ भी 1/8 उपकरण ठीक बैठता है।
क्या आपने देखा? काटने वाले बिंदु ग पर दोनों रेखाएँ समकोण बनाती हैं — 1/4 घुमाव। कारण यह है कि 1/8 + 1/8 = 2/8 = 1/4, और त्रिभुज क ख′ ग के तीनों कोण मिलकर आधा घुमाव बनाते हैं।
ऐसा क्यों होता है: 1/8 घुमाव एक-चौथाई घुमाव का आधा है, इसलिए वह चौकोर कोने से छोटा है। चौकोर कोने से छोटा हर कोण न्यूनकोण होता है।
प्र4.
दी गई आकृतियों के प्रत्येक कोण का मापन कीजिए। — आकृति (ख)
घ'ङ'
पृष्ठ 38 की आकृति (ख)। तीन कोण छायांकित हैं।
उत्तर

यह आकृति एक समचतुर्भुज है — चारों भुजाएँ बराबर हैं। तीन कोण छायांकित हैं— , और घ′ पर।

कोणघुमाव के रूप में मापनाम
∠ङ (ऊपर)2/6 घुमाव (यानी 1/3 घुमाव)अधिककोण
∠घ (बाएँ)1/6 घुमावन्यूनकोण
∠घ′ (दाएँ)1/6 घुमावन्यूनकोण
∠ङ′ (नीचे, छायांकित नहीं)2/6 घुमावअधिककोण
1/62/6घ′1/6ङ′2/6
समचतुर्भुज घ ङ घ′ ङ′। दोनों नुकीले कोने 1/6 घुमाव के हैं; दोनों चौड़े कोने 2/6 घुमाव के।
जाँच: 1/6 + 2/6 + 1/6 + 2/6
= 6/6
= 1 पूर्ण घुमाव
ऐसा क्यों होता है: समचतुर्भुज के किनारे-किनारे पूरा चक्कर लगाइए तो आप उसी दिशा में मुख किए लौट आते हैं — इसलिए चारों कोनों के घुमाव मिलकर एक पूर्ण घुमाव बनाते हैं। अपने चारों उत्तर जाँचने का यह अच्छा तरीका है।
ध्यान रखिए: समचतुर्भुज में आमने-सामने के कोण सदा बराबर होते हैं। इसीलिए घ और घ′ बराबर हैं, तथा ङ और ङ′ बराबर हैं।
प्र5.
दी गई आकृतियों के प्रत्येक कोण का मापन कीजिए। — आकृति (ग)
च'छ'
पृष्ठ 38 की आकृति (ग)। दो कोण छायांकित हैं और एक पर चौकोर कोने का चिह्न है।
उत्तर

इस चतुर्भुज में तीन कोण अंकित हैं— पर, पर, और च′ पर बना छोटा वर्ग-चिह्न।

कोणघुमाव के रूप में मापनाम
∠च (नीचे-बाएँ)1/8 घुमावन्यूनकोण
∠छ (नीचे-दाएँ)2/6 घुमावअधिककोण
∠च′ (ऊपर-दाएँ, वर्ग-चिह्न)1/4 घुमावसमकोण
∠छ′ (ऊपर-बाएँ, अंकित नहीं)1/4 घुमाव से कुछ अधिकअधिककोण
1/82/6च′1/4छ′अधिककोण
आकृति च छ च′ छ′। च′ पर बना छोटा वर्ग पुस्तक का समकोण दर्शाने वाला चिह्न है।
ऐसा क्यों होता है: किसी कोने में बना छोटा वर्ग समकोण का चिह्न होता है, इसलिए ∠च′ बिना मापे ही 1/4 घुमाव है। च नुकीला बिंदु है, अतः न्यूनकोण; और छ चौकोर कोने से कहीं चौड़ा खुला है, अतः अधिककोण।
स्वयं जाँचिए: आपका 1/8 उपकरण च पर ठीक बैठना चाहिए। 1/6 उपकरण छ पर दो बार बैठना चाहिए।
प्र6.
दी गई रेखाओं का उपयोग करते हुए घुमावों के दिए गए मापों के लिए कोण बनाइए। (1/2 घुमाव, 1/4 घुमाव, 1/4 घुमाव, 1/12 घुमाव, 1/8 घुमाव)
उत्तर

पाँचों रेखाओं के लिए एक ही तरीका—

  1. दी गई रेखा का कोई एक सिरा चुनिए। वही सिरा आपके कोण का कोना है।
  2. अपने उपकरण की नोक उस कोने पर और एक किनारा रेखा पर रखिए।
  3. जहाँ उपकरण का दूसरा किनारा पड़े वहाँ छोटा-सा निशान लगाइए।
  4. कोने से उस निशान तक नई रेखा खींचिए। अब दोनों रेखाएँ माँगा हुआ घुमाव बनाती हैं।
दी गई रेखामाँगा गया घुमावकौन-सा उपकरणआपकी आकृति कैसी दिखेगी
ऊपर-बाईं खड़ी रेखा1/2 घुमावदो 1/4 उपकरणनई रेखा आगे बढ़ जाती है — सरल कोण
ऊपर-बीच की तिरछी रेखा1/4 घुमाव2/8 उपकरणचौकोर कोना
नीचे-बाईं सपाट रेखा1/4 घुमाव2/8 उपकरणचौकोर कोना
नीचे-बीच की तिरछी रेखा1/12 घुमाव1/12 उपकरणबहुत पतला न्यूनकोण
दाईं ओर की खड़ी रेखा1/8 घुमाव1/8 उपकरणन्यूनकोण, चौकोर कोने का आधा
दी गई रेखा1/2 घुमाव
खड़ी रेखा पर 1/2 घुमाव— नई भुजा उलटी ओर चली जाती है और एक ही सीधी रेखा बनती है।
दी गई रेखा1/4 घुमाव
तिरछी रेखा पर 1/4 घुमाव— चौकोर कोना।
दी गई रेखा1/4 घुमाव
सपाट रेखा पर 1/4 घुमाव— चौकोर कोना।
दी गई रेखा1/12 घुमाव
1/12 घुमाव— बहुत पतला खुलाव।
दी गई रेखा1/8 घुमाव
खड़ी रेखा पर 1/8 घुमाव— चौकोर कोने का आधा।
ध्यान रखिए: आप किसी भी ओर घुमा सकते हैं — दक्षिणावर्त या वामावर्त। दोनों से सही माप का कोण बनेगा।
प्र7.
अपनी अभ्यास पुस्तिका में नीचे दिए गए घुमावों से बनने वाले कोणों को बनाइए। 1/2 घुमाव, 1/4 घुमाव, 2/4 घुमाव, 1/6 घुमाव, 4/6 घुमाव, 3/12 घुमाव, 1/2 + 1/4 घुमाव और 1/8 + 1/6 घुमाव।
उत्तर

पहले पता कीजिए कि हर घुमाव क्या है, फिर उसे बनाइए। इस सूची में दो जोड़े असल में एक ही घुमाव हैं।

माँगा गया घुमावसरलतम रूपकौन-सा कोण
1/2 घुमाव1/2सरल कोण — एक सीधी रेखा
1/4 घुमाव1/4समकोण — चौकोर कोना
2/4 घुमाव1/2सरल कोण — पहले वाले जैसा ही
1/6 घुमाव1/6न्यूनकोण
4/6 घुमाव2/3सरल कोण से अधिक (आधे से आगे)
3/12 घुमाव1/4समकोण — दूसरे वाले जैसा ही
1/2 + 1/4 घुमाव3/4तीन-चौथाई घुमाव — सरल कोण से अधिक
1/8 + 1/6 घुमाव7/24अधिककोण — चौथाई घुमाव से थोड़ा अधिक

दोनों जोड़ चरण दर चरण

1/2 + 1/4
चरण 1: हर समान कीजिए → 1/2 = 2/4
चरण 2: जोड़िए → 2/4 + 1/4 = 3/4 घुमाव
1/8 + 1/6
चरण 1: 8 और 6 दोनों 24 में जाते हैं
चरण 2: 1/8 = 3/24 और 1/6 = 4/24
चरण 3: जोड़िए → 3/24 + 4/24 = 7/24 घुमाव
चरण 4: चौथाई से तुलना → 1/4 = 6/24, और 7/24 उससे थोड़ा अधिक है, अतः कोण अधिककोण है
प्रारंभअंत
4/6 घुमाव — वृत्त का दो-तिहाई भाग, सरल कोण से काफ़ी आगे।
प्रारंभअंत
1/2 + 1/4 = 3/4 घुमाव।
प्रारंभअंत
1/8 + 1/6 = 7/24 घुमाव — चौकोर कोने से ज़रा-सा आगे, इसलिए अधिककोण।
ध्यान रखिए: 2/4 वही है जो 1/2 है, और 3/12 वही है जो 1/4 है। तुल्य भिन्नों से बराबर घुमाव बनते हैं।
प्र8.
जब मिनट की सुई 15 मिनट आगे बढ़ती है तब वह वृत्त का एक __________ चक्कर लगा लेती है।
उत्तर

1/4 चक्कर (एक-चौथाई घुमाव)।

मिनट की सुई का पूरा चक्कर 60 मिनट में होता है
60 में से 15 मिनट = 15/60
15/60 = 1/4 चक्कर
1212345678910113 से चली → 6 पर रुकी
सुई 3 से चलकर 15 मिनट दक्षिणावर्त बढ़ती है और 6 पर रुकती है। यही एक-चौथाई चक्कर है।
ऐसा क्यों होता है: 15/60 के ऊपर और नीचे दोनों को 15 से भाग देने पर 1/4 मिलता है। इसलिए घंटे का चौथाई भाग मिनट की सुई का चौथाई चक्कर है।
अंतिम स्थिति बनाना: पुस्तक में सुई 3 पर है। उसे तीन अंक आगे — 6 पर — ले जाकर बनाइए।
प्र9.
जब मिनट की सुई 30 मिनट आगे बढ़ती है तब वह वृत्त का एक ________ चक्कर लगा लेती है।
उत्तर

1/2 चक्कर (आधा घुमाव)।

60 में से 30 मिनट = 30/60
30/60 = 1/2 चक्कर
1212345678910116 से चली → 12 पर रुकी
सुई 6 से चलकर 30 मिनट दक्षिणावर्त बढ़ती है और 12 पर रुकती है। यही आधा चक्कर है।
ऐसा क्यों होता है: आधा घंटा 60 मिनट का आधा है, इसलिए सुई घड़ी के मुख का आधा भाग घूम जाती है। अंत में वह ठीक उलटी ओर संकेत करती है — यानी सरल कोण।
प्र10.
जब मिनट की सुई 45 मिनट आगे बढ़ती है तब वह वृत्त का एक ________ चक्कर लगा लेती है।
उत्तर

3/4 चक्कर (तीन-चौथाई घुमाव)।

60 में से 45 मिनट = 45/60
दोनों को 15 से भाग दीजिए → 3/4 चक्कर
1212345678910119 से चली → 6 पर रुकी
सुई 9 से चलकर 45 मिनट दक्षिणावर्त बढ़ती है— 9 से 12, 12 से 3, 3 से 6। वह 6 पर रुकती है।
ऐसा क्यों होता है: 45 मिनट में 15 मिनट के तीन हिस्से हैं, और हर 15 मिनट एक-चौथाई चक्कर है। तीन चौथाई मिलकर 3/4 चक्कर बनाते हैं।
स्वयं जाँचिए: घड़ी के अंक गिनिए— 9 → 10 → 11 → 12 → 1 → 2 → 3 → 4 → 5 → 6। यह 9 अंक हुए, और हर अंक 5 मिनट का है। 9 × 5 = 45 मिनट।
प्र11.
जब मिनट की सुई पूर्ण चक्कर का 1/12 भाग घूम लेती है तब वह ________ मिनट आगे बढ़ती है।
उत्तर

5 मिनट।

पूरा चक्कर = 60 मिनट
पूरे चक्कर का 1/12 भाग = 60 ÷ 12
= 5 मिनट
1212345678910111 से चली → 2 पर रुकी
सुई 1 से चलकर वृत्त का 1/12 भाग घूमती है — वह 2 पर पहुँच जाती है, यानी 5 मिनट बाद।
ऐसा क्यों होता है: घड़ी का मुख 1 से 12 तक के अंकों से पहले ही 12 बराबर भागों में बँटा है। एक अंक से अगले अंक तक जाना ठीक वृत्त का 1/12 भाग है, और उसमें 5 मिनट लगते हैं।
ध्यान रखिए: एक अंक से अगले अंक तक = 5 मिनट। यह याद कर लेना चाहिए।
प्र12.
जब मिनट की सुई एक पूर्ण वृत्त घूम लेती है तब वह __________ मिनट आगे बढ़ती है।
उत्तर

60 मिनट — यानी पूरा एक घंटा।

1 पूर्ण चक्कर = 12 अंतराल × 5 मिनट
= 60 मिनट
= 1 घंटा
12123456789101112 से चली → फिर 12 पर
सुई 12 से चलकर फिर 12 पर आ जाती है। एक पूर्ण चक्कर = 60 मिनट।
ऐसा क्यों होता है: मिनट की सुई वहीं लौटती है जहाँ से चली थी, तभी जब पूरा घंटा बीत जाता है। घड़ी के मुख पर घंटे का यही अर्थ है।
प्र13.
जब मिनट की सुई एक पूर्ण चक्कर का 1/6 भाग घूम जाती है तब वह _________ मिनट आगे बढ़ती है।
उत्तर

10 मिनट।

पूरा चक्कर = 60 मिनट
पूरे चक्कर का 1/6 भाग = 60 ÷ 6
= 10 मिनट
1212345678910112 से चली → 4 पर रुकी
सुई 2 से चलकर वृत्त का 1/6 भाग घूमती है — दस मिनट बाद वह 4 पर रुकती है।
ऐसा क्यों होता है: घड़ी के मुख का छठा भाग अंकों के बीच के बारह अंतरालों में से दो अंतराल है। हर अंतराल 5 मिनट का है, इसलिए दो अंतराल 10 मिनट के हुए।
स्वयं जाँचिए: 1/6 = 2/12, और 2 अंतराल × 5 मिनट = 10 मिनट। दोनों तरीके एक ही उत्तर देते हैं।
प्र14.
जब मिनट की सुई एक पूर्ण चक्कर का 1/4 भाग घूम जाती है तब वह _________ मिनट आगे बढ़ जाती है।
उत्तर

15 मिनट।

पूरा चक्कर = 60 मिनट
पूरे चक्कर का 1/4 भाग = 60 ÷ 4
= 15 मिनट
1212345678910114 से चली → 7 पर रुकी
सुई 4 से चलकर वृत्त का 1/4 भाग घूमती है — पंद्रह मिनट बाद वह 7 पर रुकती है।
ऐसा क्यों होता है: 1/4 भाग का अर्थ है घड़ी के मुख के 12 अंतरालों में से 3 अंतराल। हर अंतराल 5 मिनट का है, इसलिए 3 × 5 = 15 मिनट। भिन्न से भी वही उत्तर आता है, जो अच्छी जाँच है।
ध्यान दीजिए: पुस्तक के अंग्रेज़ी संस्करण में यही भाग “पूर्ण चक्कर का 4/12 भाग” लिखा है, और तब उत्तर 20 मिनट होता है। अपनी पुस्तक में जो भिन्न छपी हो, उसी का उत्तर लिखिए।
क्या यह उपयोगी रहा?