कक्षा ५ गणित अध्याय 3 कौन-सी दिशा? के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
घड़ी की सुइयाँ किस दिशा में घूमती हैं?
उत्तर

सुइयाँ 12 से 1, फिर 1 से 2, फिर 2 से 3 — इसी क्रम में चलती हैं। यानी ऊपर से दाईं ओर, फिर नीचे, फिर बाईं ओर होकर वापस ऊपर।

इस दिशा का एक नाम है— दक्षिणावर्त। इसकी उलटी दिशा — 12 से 11, 11 से 10, 10 से 9 — को वामावर्त कहते हैं।

12123456789101112 → 1 और 2 की ओर
दक्षिणावर्त— 12 से 1, 2, 3 की ओर …
दक्षिणावर्तवामावर्त
12 → 3 → 6 → 9 → 1212 → 9 → 6 → 3 → 12
जिस ओर घड़ी की सुइयाँ चलती हैंउसकी उलटी ओर
बोतल का ढक्कन कसनाबोतल का ढक्कन खोलना
ध्यान रखिए: याद रखने के लिए दीवार घड़ी का चित्र मन में लाइए। सुइयाँ जो करती हैं वही ‘दक्षिणावर्त’ है। बाकी सब ‘वामावर्त’ है।
प्र2.
नीचे दिए गए जीवों ने एक बार में एक-चौथाई चक्कर लगाया है। जिस दिशा में वे घूम रहे हैं उस पर चिह्न लगाइए। (दक्षिणावर्त/वामावर्त)
उत्तर

देखिए कि जीव का मुख पहले किस ओर था और अब किस ओर है।

जीवपहले मुख किस ओरघूमने के बाद किस ओरदिशा
सोनपंखी (लेडीबर्ड)बाईं ओरऊपर की ओरदक्षिणावर्त
घोंघानीचे-दाईं ओरनीचे-बाईं ओरदक्षिणावर्त
मधुमक्खीबाईं ओरनीचे की ओरवामावर्त
चींटीऊपर की ओरबाईं ओरवामावर्त

हर बार यह तरीका अपनाइए

  1. जीव का कोई एक साफ़ दिखने वाला भाग चुनिए — सिर सबसे आसान है।
  2. बताइए कि वह भाग पहले कहाँ था— ऊपर, नीचे, बाएँ या दाएँ।
  3. बताइए कि अब वह कहाँ है।
  4. पूछिए— क्या घड़ी की सुई इसी तरह जाती? बाएँ → ऊपर → दाएँ → नीचे दक्षिणावर्त है। ऊपर → बाएँ → नीचे → दाएँ वामावर्त है।
NESW
सोनपंखी— उसका सिर बाईं ओर से घूमकर ऊपर की ओर आ गया, ठीक जैसे घड़ी की सुई चलती है। दक्षिणावर्त।
NESW
चींटी— उसका सिर ऊपर से घूमकर बाईं ओर आ गया, घड़ी की उलटी ओर। वामावर्त।
ऐसा क्यों होता है: एक-चौथाई चक्कर सिर को ठीक एक ‘कोना’ आगे ले जाता है— दक्षिणावर्त में बाएँ का ऊपर, ऊपर का दाएँ, दाएँ का नीचे और नीचे का बाएँ हो जाता है। वामावर्त में यही क्रम उलटा चलता है।
प्र3.
नल खोलते, ढक्कन खोलते अथवा नट खोलते समय गति की दिशा का अवलोकन कीजिए। क्या वे दक्षिणावर्त घूमते हैं अथवा वामावर्त?
उत्तर

खोलने के लिए वामावर्त घुमाते हैं, और बंद करने के लिए दक्षिणावर्त।

आप क्या करते हैंदिशा
नल खोलनावामावर्त
नल बंद करनादक्षिणावर्त
बरनी का ढक्कन खोलनावामावर्त
ढक्कन वापस कसनादक्षिणावर्त
पाने से नट ढीला करनावामावर्त
नट कसनादक्षिणावर्त
NESW
खोलना— हाथ वामावर्त घूमता है।
ऐसा क्यों होता है: नल, ढक्कन और नट — तीनों में चूड़ी (पेच वाली तिरछी धारी) होती है, जो सीढ़ी की तरह गोल-गोल चढ़ती है। दुनिया की लगभग सारी चूड़ियाँ एक ही तरह से कटी होती हैं, इसलिए दक्षिणावर्त घुमाने पर वे भीतर जाकर कस जाती हैं और वामावर्त घुमाने पर बाहर आकर ढीली हो जाती हैं।
नमूना उत्तर: “मैंने अपनी रसोई का नल खोला। मेरा हाथ वामावर्त घूमा। बंद करते समय हाथ दक्षिणावर्त घूमा। अचार की बरनी के ढक्कन के साथ भी ऐसा ही हुआ।”
क्या यह उपयोगी रहा?