कक्षा ५ गणित अध्याय 3 घुमाव के खेल के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
कक्षा के बच्चे खेल रहे हैं जिसमें शिक्षक उन्हें बता रहे हैं कि उन्हें किस दिशा में घूमना है। दिए गए चक्कर को पूर्ण करने पर बच्चों का मुख किस दिशा में होगा। यह बताकर तालिका पूर्ण कीजिए। तालिका में प्रारंभिक दिशा दी गई है।
…… समकोण दक्षिणावर्त, वामावर्त दिशा में चार बार समकोण
पृष्ठ 41 पर छपी तालिका और उसके साथ दिया दिशा-चक्र। अंतिम स्तंभ आपको भरना है। अंतिम पंक्ति में पुस्तक ने यह नहीं छापा कि दक्षिणावर्त कितने समकोण घूमना है — वह संख्या पुस्तक में छूट गई है।
उत्तर
दो बातें हर पंक्ति को आसान बना देती हैं।
एक समकोण = एक-चौथाई घुमाव, और एक-चौथाई घुमाव आपको ठीक एक दिशा आगे ले जाता है— दक्षिणावर्त में उत्तर → पूर्व → दक्षिण → पश्चिम → उत्तर, और वामावर्त में उत्तर → पश्चिम → दक्षिण → पूर्व → उत्तर।
चार समकोण = एक पूर्ण घुमाव, जिससे कुछ नहीं बदलता। इसलिए यदि पाँच समकोण कहे जाएँ तो चार हटा दीजिए और केवल एक ही करना बाकी रहता है।
(संख्या पुस्तक में छूटी हुई) समकोण दक्षिणावर्त, वामावर्त दिशा में चार बार समकोण
नीचे टिप्पणी देखिए
पंक्ति दर पंक्ति
उत्तर, 2 समकोण दक्षिणावर्त। उत्तर → पूर्व (पहला) → दक्षिण (दूसरा)। दक्षिण।
दक्षिण, 2 समकोण वामावर्त। दक्षिण → पूर्व (पहला) → उत्तर (दूसरा)। उत्तर।
पूर्व, 4 समकोण वामावर्त। 4 समकोण एक पूर्ण घुमाव है। पूर्व।
पश्चिम, 4 समकोण दक्षिणावर्त। फिर वही पूर्ण घुमाव। पश्चिम।
उत्तर, 5 समकोण दक्षिणावर्त। 5 = 4 + 1। चार से आप उत्तर पर लौट आते हैं, फिर एक और आपको पूर्व ले जाता है।
दक्षिण, 3 समकोण दक्षिणावर्त + 1/2 + 1/2 समकोण दक्षिणावर्त। दोनों आधे मिलकर 1 पूरा समकोण बनाते हैं, अतः यह 4 समकोण हुआ — पूर्ण घुमाव। दक्षिण।
पश्चिम, ? समकोण दक्षिणावर्त, वामावर्त दिशा में चार बार समकोण। नीचे टिप्पणी देखिए — छपाई में एक संख्या छूट गई है।
पंक्ति 1— उत्तर से दो समकोण दक्षिणावर्त घूमने पर मुख दक्षिण की ओर हो जाता है।पंक्ति 5— उत्तर से 5 समकोण दक्षिणावर्त वही है जो 1 समकोण; अंत में मुख पूर्व की ओर होता है।
अंतिम पंक्ति का हिसाब: वामावर्त दिशा में चार बार समकोण = 4 समकोण वामावर्त = एक पूर्ण घुमाव पूर्ण घुमाव से दिशा नहीं बदलती अतः समाप्ति दिशा वही होगी जो केवल दक्षिणावर्त वाले समकोणों से बनती है। यदि छूटी हुई संख्या 2 हो तो — पश्चिम → उत्तर → पूर्व।
पुस्तक में एक बात अधूरी है: अंतिम पंक्ति में दक्षिणावर्त घूमने वाले समकोणों की संख्या छपाई में छूट गई है — खाना सीधे “समकोण दक्षिणावर्त” से आरंभ होता है। अपने शिक्षक से पूछिए कि वहाँ कौन-सी संख्या थी। संख्या जो भी हो, नियम वही रहेगा— दक्षिणावर्त समकोण गिनिए, उनमें से वामावर्त समकोण घटाइए, 4 के हर पूरे समूह को हटा दीजिए, और जो बचे उतना घूमिए।
ऐसा क्यों होता है: इस दिशा-चक्र में केवल चार दिशाएँ हैं, इसलिए घूमना चार कोनों वाले वर्ग पर चलने जैसा है। हर 4 चौथाई घुमावों के बाद आप उसी कोने पर लौट आते हैं — इसीलिए केवल शेष ही मायने रखता है।
प्र2.
पद्मा खिलौनों की दुकान की ओर मुख करके खड़ी है। यदि वह दक्षिणावर्त दिशा में आधा घूम जाए तब उसका मुख किस स्थान की ओर होगा?
उत्तर
उसका मुख आइसक्रीम की गाड़ी की ओर होगा।
चित्र को ऊपर से देखिए।
पद्मा गली के बीच खड़ी है।
खिलौनों की दुकान (टॉय दुकान) ठीक उसके सामने है।
आइसक्रीम की गाड़ी ठीक उसके पीछे है।
आधा घुमाव आपको ठीक उलटी ओर कर देता है।
इसलिए जो पीछे था वही सामने आ जाता है — आइसक्रीम की गाड़ी।
आधा घुमाव— जो पीछे था वह अब सामने है।
ऐसा क्यों होता है: आधा घुमाव 2 समकोण के बराबर है, यानी पूरे वृत्त का आधा। वह हमेशा आगे और पीछे को आपस में बदल देता है — और बाएँ-दाएँ भी बदल जाते हैं।
स्वयं जाँचिए: श्यामपट्ट की ओर मुख करके खड़े होइए। आधा घुमाव लीजिए। अब आपका मुख कक्षा के पीछे वाली दीवार की ओर है — वही दीवार जो पहले पीछे थी।
प्र3.
उसी स्थान की ओर मुख करने के लिए वह अन्य किस प्रकार से घूम सकती है?
उत्तर
वह वामावर्त दिशा में आधा घूम सकती है। तब भी उसका मुख आइसक्रीम की गाड़ी की ओर ही होगा।
ये तरीके भी चलेंगे—
दो एक-चौथाई घुमाव दक्षिणावर्त (एक के बाद एक)
दो एक-चौथाई घुमाव वामावर्त
दो समकोण, किसी भी दिशा में
डेढ़ घुमाव दक्षिणावर्त — बीच का पूरा घुमाव कुछ नहीं बदलता
आधा घुमाव दक्षिणावर्त …… और आधा घुमाव वामावर्त। दोनों एक ही स्थान पर पहुँचाते हैं।
ऐसा क्यों होता है: आधा घुमाव ठीक वृत्त का आधा है, और वृत्त के केवल दो आधे होते हैं। किसी भी आधे से होकर जाइए, आप उलटी ओर के उसी बिंदु पर पहुँचते हैं। यह बात केवल आधे घुमाव की है — एक-चौथाई घुमाव में ऐसा नहीं होता।