कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 4 गतिविधि 3 के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
दो टाइलें अथवा पत्थर लीजिए, एक को काले और दूसरे को श्वेत रंग से रंगें। उन्हें धूप में रखिए। कुछ देर बाद उनमें से प्रत्येक को स्पर्श करें और उनके तापमान के अंतर को अनुभव कीजिए। इनमें से कौन-सा ठंडा है?
उत्तर
श्वेत टाइल ठंडी लगी। काली टाइल स्पष्ट रूप से गर्म थी — इतनी गर्म कि हाथ तुरंत हटा लेना पड़े।
कैसे करें
एक ही आकार और एक ही प्रकार की दो टाइलें या दो चपटे पत्थर लीजिए।
एक को पूरी तरह काले और दूसरे को पूरी तरह श्वेत रंग से रंगिए। रंग पूरी तरह सूखने दीजिए।
दोनों को खुली धूप में, अगल-बगल, एक ही सतह पर रखिए। दोनों पर बिल्कुल एक जैसी धूप पड़नी चाहिए।
लगभग 20 से 30 मिनट प्रतीक्षा कीजिए।
पहले श्वेत को, फिर काली को स्पर्श कीजिए। उँगलियों की पीठ से, हल्के से छुइए।
टाइल
धूप में 30 मिनट बाद कैसी लगती है
नमूना तापमान
श्वेत टाइल
गुनगुनी, हाथ रखा जा सकता है
लगभग 42 °C
काली टाइल
स्पष्ट रूप से गर्म; हाथ हट जाता है
लगभग 55 °C
अंतर
काली कहीं अधिक गर्म
लगभग 13 °C
आपके माप ठीक यही नहीं होंगे। ये महीने, दिन के समय और धूप की तीव्रता पर निर्भर करते हैं। परंतु काली टाइल सदैव अधिक गर्म ही मिलेगी।
वही सूर्य, वही समय, वही पत्थर — केवल रंग अलग है, और इतना ही पर्याप्त है।
ऐसा क्यों होता है: सूर्य के प्रकाश में ऊष्मा होती है। काली सतह उसे अवशोषित करती है — वह लगभग सारी ऊष्मा भीतर ले लेती है, इसलिए टाइल गर्म हो जाती है। श्वेत सतह उसे परावर्तित करती है — वह अधिकांश ऊष्मा वापस लौटा देती है, इसलिए टाइल में कम ऊष्मा रुकती है और वह ठंडी रहती है। इसीलिए श्वेत रंग चमकीला दिखता है — वह प्रकाश आपकी आँखों की ओर लौटा रहा है।
यह आप पहले से जानते हैं: दोपहर में नंगे पाँव काली तारकोल की सड़क पर खड़े होने और श्वेत संगमरमर के फ़र्श पर खड़े होने के अंतर को याद कीजिए। यह भी सोचिए कि भारत की गर्मियों में लोग श्वेत या हल्के रंग के और सर्दियों में गहरे रंग के कपड़े क्यों पहनते हैं।