कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 4 आइए अभ्यास करें के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
अपने शिक्षक की सहायता से अग्नि से सुरक्षा का अभ्यास कीजिए। 1. निकटतम निकास मार्ग तक शीघ्रता और शांति से जाएँ। घबराएँ और दौड़ें नहीं। 2. धुएँ से बचने के लिए अपने मुँह पर कपड़ा बाँधकर, झुककर, घुटनों के बल या रेंगकर चलें ताकि आप स्वच्छ वायु में श्वास ले सकें। 3. किसी बंद स्थान अथवा शौचालय में न छिपें। 4. यदि सुरक्षित लगे तो दूसरों की सहायता करें परंतु एक बार भवन से बाहर निकल जाने के बाद पुन: अंदर प्रवेश न करें। 5. सभास्थल पर जाएँ और अपने समूह के साथ रहें। 6. एक बार जब आप सभास्थल तक पहुँच जाएँ तो किसी व्यक्ति के लापता अथवा घायल होने पर कर्मचारियों अथवा शिक्षकों को तत्काल सूचित करें।
उत्तर
यह अभ्यास तब किया जाता है जब आग लगी नहीं होती, ताकि यदि कभी सचमुच लग जाए तो शरीर को पहले से पता हो कि क्या करना है। इसे गंभीरता से कीजिए — अभ्यास के समय हँसना और धक्का-मुक्की करना ही वह कारण है जिससे असली दिन पर अभ्यास काम नहीं आता।
अभ्यास से पहले
शिक्षक आपको आपकी कक्षा से निकटतम निकास मार्ग दिखाएँगे, और एक दूसरा मार्ग भी, यदि पहला बंद हो।
आप जान लेंगे कि चेतावनी की आवाज़ कैसी है — घंटी, सायरन या सीटी।
दो बच्चों को काम दिया जाएगा — एक पंक्ति-नायक जो आगे चलेगा, और एक अंतिम व्यक्ति जो देखेगा कि कक्ष ख़ाली है और दरवाज़ा बंद करेगा।
सबको बताया जाएगा कि सभास्थल कहाँ है और वहाँ उनकी कक्षा कहाँ खड़ी होगी।
अभ्यास, चरण-दर-चरण
चरण
आप क्या करेंगे
ऐसा क्यों किया जाता है
1. चेतावनी बजती है
तुरंत काम रोकिए। खड़े हो जाइए। बस्ता, पुस्तकें और पानी की बोतल मेज़ पर ही छोड़ दीजिए।
सामान लेकर चलने से गति धीमी होती है और दरवाज़ा रुक जाता है
2. निकास की ओर चलिए
एक पंक्ति में शीघ्रता और शांति से निकटतम निकास तक जाइए। दौड़िए मत, धक्का मत दीजिए।
भीड़ में दौड़ने से लोग गिरते हैं; दरवाज़े पर गिरा एक व्यक्ति पीछे सबको रोक देता है
3. धुआँ हो तो
हाथों और घुटनों के बल आ जाइए और मुँह-नाक कपड़े से ढककर रेंगिए।
धुआँ ऊपर उठता है, इसलिए स्वच्छ वायु फ़र्श के पास रहती है
4. सीढ़ी, लिफ़्ट कभी नहीं
सदैव सीढ़ी से जाइए।
लिफ़्ट रुककर आपको भीतर फँसा सकती है
5. छिपिए मत
शौचालय, भंडार कक्ष या अलमारी में मत जाइए।
छिपे हुए व्यक्ति को बचाने वाले ढूँढ़ नहीं पाते
6. सहायता कीजिए, पर सुरक्षित रहकर
छोटे बच्चे या घायल मित्र की सहायता कीजिए, यदि उसमें आपको ख़तरा न हो।
एक के बजाय दो लोगों का फँस जाना और बुरा है
7. लौटिए मत
एक बार बाहर आ गए तो बाहर ही रहिए — बस्ते के लिए, मित्र के लिए, किसी भी कारण से।
आग में हानि उठाने वाले अधिकांश लोग वही थे जो भीतर लौटे थे
8. सभास्थल
सीधे वहीं जाइए और अपनी ही कक्षा के साथ, अपनी ही जगह पर खड़े होइए।
ताकि हर शिक्षक अपनी कक्षा शीघ्र गिन सके
9. सूचना दीजिए
अपनी कक्षा का कोई साथी लापता या घायल हो तो शिक्षक को तुरंत बताइए।
दमकल दल को सबसे पहले यही जानकारी चाहिए
पूरा अभ्यास एक पंक्ति में — सब छोड़िए, चलकर बाहर निकलिए, इकट्ठे होइए, गिनती कराइए।
जो शायद कभी होगा ही नहीं, उसका अभ्यास क्यों: सच्ची आपात स्थिति में लोग ठीक से सोच नहीं पाते — वे या तो जड़ हो जाते हैं या भीड़ के पीछे चल देते हैं। अभ्यास सही काम पहले से ही शरीर में बैठा देता है, ताकि उस दिन आपको कुछ तय ही न करना पड़े। इसीलिए अभ्यास ठीक से और चुपचाप करना चाहिए — उस दिन आप वही करेंगे जो आपने अभ्यास में किया था।
घर पर भी कीजिए। परिवार के साथ तय कीजिए कि घर से बाहर निकलने का रास्ता कौन-सा होगा, बाहर मिलने का स्थान कौन-सा होगा — फाटक या नीम का पेड़ — और यह जाँचिए कि रात में रसोई गैस का रेगुलेटर बंद होता है या नहीं। किसी एक रविवार को दस मिनट लगेंगे।