कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 4 लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
आपके विद्यालय में अग्निशमन यंत्र कहाँ स्थित है?
उत्तर

इसका अनुमान मत लगाइए। आज ही जाकर देखिए और वह स्थान याद रखिए। जिस अग्निशमन यंत्र का स्थान किसी को पता न हो, वह किसी काम का नहीं।

वे प्राय: कहाँ रखे जाते हैं

  • बरामदे में, दीवार पर, लगभग किसी बड़े व्यक्ति के कंधे की ऊँचाई पर
  • सीढ़ी के पास और हर निकास द्वार के पास
  • कार्यालय और शिक्षक-कक्ष के बाहर
  • रसोई या मध्याह्न भोजन कक्ष में और उसके पास, जहाँ रसोई गैस काम में आती है
  • कंप्यूटर कक्ष और मुख्य विद्युत बोर्ड के पास
  • जिन विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशाला है, वहाँ प्रयोगशाला में

नमूना उत्तर: “हमारे विद्यालय में चार अग्निशमन यंत्र हैं। एक कार्यालय के बाहर बरामदे में, एक सीढ़ी के नीचे, एक कंप्यूटर कक्ष के बाहर और एक मध्याह्न भोजन की रसोई में। ये दीवार पर लगे लाल सिलेंडर हैं जिनमें एक पिन और एक काली नली होती है। हमारे शिक्षक ने बताया कि इनका उपयोग केवल बड़े लोग करेंगे, पर हम सबको यह पता होना चाहिए कि ये कहाँ हैं।”

पहुँचकर क्या जाँचेंक्यों
क्या उसके आगे कुछ रखा है?वह तीन सेकंड में हाथ में आ जाना चाहिए
क्या डायल की सुई हरे भाग में है?हरा अर्थात् वह भरा हुआ और तैयार है
क्या पट्टी पर लिखी तिथि अभी वैध है?अग्निशमन यंत्र हर वर्ष भरवाने पड़ते हैं
क्या वह दूर से दिखाई देता है?ऊपर लगा संकेत धुएँ में सहायता करता है
मानचित्र पर अंकित कीजिए: गतिविधि 1 में बनाए विद्यालय के मानचित्र पर हर अग्निशमन यंत्र के लिए लाल बिंदु और हर निकास द्वार के लिए हरा तीर लगाइए। उस मानचित्र को अपनी कक्षा में लगाइए।
प्र2.
आग लग जाने की स्थिति में आपके विद्यालय में एकत्रित होने का स्थान अथवा सभास्थल कहाँ स्थित है?
उत्तर

सभास्थल वह निश्चित खुला स्थान है जहाँ भवन से बाहर निकलकर सब एकत्रित होते हैं। इसका पूरा उद्देश्य गिनती है — ताकि शिक्षक तुरंत जान सकें कि कोई भीतर तो नहीं रह गया।

अच्छा सभास्थल कैसा होता है

  1. वह खुले में होता है — प्राय: खेल का मैदान या सभा-स्थल।
  2. वह भवन से दूर होता है, ताकि गिरते टुकड़े या धुआँ वहाँ न पहुँचें।
  3. वह खड़े वाहनों, गैस सिलेंडरों और ऊपर से गुज़रते बिजली के तारों से दूर होता है।
  4. वहाँ सबके कक्षावार खड़े होने की जगह होती है।
  5. वह द्वार को नहीं रोकता — दमकल की गाड़ी भीतर आ सकनी चाहिए।

नमूना उत्तर: “हमारे विद्यालय में सभास्थल खेल के मैदान का दूसरा छोर है, चारदीवारी के पास दो गुलमोहर के पेड़ों के बीच। वहाँ हर कक्षा की जगह चिह्नित है — वही जगह जहाँ हम प्रात:कालीन सभा में खड़े होते हैं। जब हमने अग्नि सुरक्षा का अभ्यास किया तो हम पंक्ति में वहाँ गए, कक्षावार खड़े हुए, और हमारी कक्षा-शिक्षिका ने गिनकर प्रधानाचार्य को बताया कि कक्षा 5 के सभी 38 विद्यार्थी उपस्थित हैं।”

अपनी कक्षा के साथ खड़े होना इतना महत्वपूर्ण क्यों है: आपात स्थिति में केवल एक प्रश्न मायने रखता है — “क्या कोई भीतर रह गया है?” यदि सब भीड़ में खड़े हों तो इसका उत्तर नहीं मिल सकता। यदि सब अपनी-अपनी कक्षा की पंक्ति में खड़े हों तो हर शिक्षक एक मिनट में अपनी कक्षा गिन लेता है और उत्तर मिल जाता है। वही एक मिनट किसी का जीवन बचा सकता है।
आज ही पता कीजिए: आपका सभास्थल कहाँ है, आपकी कक्षा किस दरवाज़े से वहाँ जाएगी, और आग की चेतावनी की आवाज़ कैसी है। पता न हो तो अपने शिक्षक से पूछिए।
प्र3.
यदि आग लग जाए अथवा आपको धुएँ की गंध आए तो आप क्या करेंगे?
उत्तर

तुरंत किसी बड़े व्यक्ति को बताइए और बाहर निकल जाइए। स्वयं आग बुझाने की कोशिश मत कीजिए, और किसी भी वस्तु के लिए भीतर लौटिए मत।

क्या करें, क्रम से

  1. सहायता के लिए पुकारिए। पास के शिक्षक या बड़े व्यक्ति को तुरंत बताइए। पक्का करने के लिए रुकिए मत।
  2. चेतावनी दिलवाइए। यदि विद्यालय में अग्नि-घंटी है तो शिक्षक से कहिए कि वह बजाई जाए, ताकि पूरे विद्यालय को पता चल जाए।
  3. तुरंत बाहर निकलिए। निकटतम निकास मार्ग की ओर शीघ्रता और शांति से जाइए। दौड़िए मत — दौड़ने से भीड़ में गिरना और धक्का-मुक्की होती है।
  4. अपना बस्ता छोड़ दीजिए। पुस्तकें, बस्ता, टिफ़िन और पानी की बोतल वहीं रहने दीजिए। किसी भी वस्तु के लिए लौटना उचित नहीं।
  5. सीढ़ी से जाइए, लिफ़्ट से कभी नहीं। लिफ़्ट आपके भीतर रहते रुक सकती है।
  6. धुआँ हो तो नीचे झुक जाइए। धुआँ ऊपर उठता है और स्वच्छ वायु फ़र्श के पास रहती है। मुँह और नाक कपड़े से ढककर रेंगकर चलिए — गीला कपड़ा और भी अच्छा है।
  7. छिपिए मत — शौचालय, अलमारी या मेज़ के नीचे नहीं। वहाँ बचाने वाले आपको ढूँढ़ नहीं पाएँगे।
  8. दरवाज़ा गर्म लगे तो उसे मत खोलिए। आग दूसरी ओर है। दूसरे रास्ते से निकलिए।
  9. यदि आपके कपड़ों में आग लग जाए: रुकिए — गिरिए — लोटिए। वहीं रुकिए, ज़मीन पर लेट जाइए, हाथों से चेहरा ढकिए और तब तक लोटते रहिए जब तक आग बुझ न जाए। दौड़िए कभी मत; दौड़ने से लपटें और बढ़ती हैं।
  10. सीधे सभास्थल पर जाइए और अपनी कक्षा के साथ खड़े हो जाइए। यदि आपकी कक्षा का कोई साथी लापता या घायल हो तो शिक्षक को तुरंत बताइए।
  11. बाहर निकलने के बाद किसी भी कारण से भीतर मत लौटिए।
धुएँ में झुककर क्यों चलें: गरम धुआँ वायु से हल्का होता है, इसलिए वह पहले छत के पास इकट्ठा होता है और फ़र्श के पास की वायु अधिक देर तक स्वच्छ रहती है। अधिकांश आग में लोगों को हानि लपटों से नहीं, धुएँ से पहुँचती है — इसलिए सिर नीचा रखना और मुँह ढकना जानने योग्य सबसे उपयोगी बात है।
याद रखने योग्य नंबर: अग्निशमन सेवा का नंबर 101 है, और 112 भारत का सब आपात स्थितियों के लिए एक ही नंबर है। अपने विद्यालय का पता कंठस्थ रखिए, क्योंकि फ़ोन करने वाले को यह बताना पड़ता है कि आग कहाँ लगी है।
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