कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 4 अपने निष्कर्षों पर चर्चा के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
आपने क्या निष्कर्ष निकाला?
उत्तर

प्रत्येक समूह वही बताएगा जो उसने लिखा है। सामान्य बातों के बजाय संख्याएँ और स्थान बताइए।

नमूना उत्तर — हमारी कक्षा के निष्कर्ष:

  • जल-प्रहरी: “हमें 4 नलों से रिसाव मिला — दो बालकों के शौचालय में, एक रसोई के पास और एक उद्यान में। उद्यान वाला नल इतने समय से टपक रहा था कि उसके नीचे हरी काई जम गई थी। ऊपरी टंकी पर ढक्कन नहीं है।”
  • ऊर्जा-रक्षक: “मध्यावकाश में खाली कक्षों में 6 पंखे और 5 ट्यूबलाइट चल रहे थे। बरामदे की बत्तियाँ दिन भर जलती रहती हैं। कक्षा 5क और 5ख तीन बजे तक बिना बत्ती के भी पर्याप्त उजली रहती हैं।”
  • अपशिष्ट-योद्धा: “सबसे अधिक कूड़ा कक्षाओं के पीछे और खेल के मैदान की दीवार के साथ है। लगभग सारा कूड़ा रैपर हैं। पूरे विद्यालय में केवल 3 कूड़ेदान हैं, तीनों कार्यालय के पास, और खेल के मैदान के पास एक भी नहीं।”
  • हरित-संरक्षक: “14 वृक्ष और 11 गमले। पिछले वर्ष लगाए पाँच पौधों में से दो इसलिए मर गए क्योंकि गर्मी की छुट्टियों में किसी ने पानी नहीं दिया। खाद का गड्ढा नहीं है।”
  • यातायात-प्रहरी: “दोपहर 2:45 पर विद्यालय द्वार के सामने की सड़क पूरी तरह जाम हो जाती है। न ज़ेब्रा क्रॉसिंग है, न ‘आगे विद्यालय’ का संकेत। दस मिनट में हमने 11 ऐसे वाहन गिने जिन्होंने गति धीमी नहीं की।”
अच्छी प्रस्तुति कैसे करें: एक बार में एक समूह बोले। संख्या बताइए, स्थान बताइए, और एक वाक्य में यह भी कि क्या किया जाना चाहिए। पूरी कक्षा के निष्कर्ष एक ही चार्ट पर लिखिए ताकि सब एक साथ देख सकें।
प्र2.
क्या कुछ ऐसा था जिसे देखकर आपको लगा कि उस पर ध्यान देने की आवश्यकता है?
उत्तर

अर्थात् ऐसी बात जिसने आपको चिंतित किया — जो आपको ठीक नहीं लगी और जिसे सुधारा जाना चाहिए।

नमूना उत्तर: “दो बातों ने हमें चिंतित किया। पहली, द्वार के सामने का यातायात। वहाँ कोई ज़ेब्रा क्रॉसिंग नहीं है और कक्षा 1 तथा 2 के छोटे बच्चे खड़े ऑटो के बीच से सड़क पार करते हैं, जहाँ कोई चालक उन्हें देख ही नहीं सकता। हमें लगा कि किसी भी दिन दुर्घटना हो सकती है। दूसरी, बिना ढक्कन की पानी की टंकी। उसमें कुछ भी गिर सकता है — धूल, पत्ते, कोई पक्षी — और वही जल हम सब पीते हैं। हमें उन दो सूखे पौधों का भी दुख हुआ, क्योंकि पिछले वर्ष हमारी ही कक्षा ने उन्हें लगाया था और फिर छुट्टियों में भूल गई थी।”

इसे ज़ोर से कहना क्यों आवश्यक है: मन में रह गई चिंता कुछ नहीं बदलती। कक्षा में कही गई चिंता पूरी कक्षा की समस्या बन जाती है, और फिर वह योजना बन जाती है। अध्याय के बच्चे भी ठीक इसी तरह देखने से करने तक पहुँचे थे।
प्र3.
क्या किसी बात ने आपको आश्चर्यचकित किया? बताइए वह बात क्या थी?
उत्तर

नमूना उत्तर: “सबसे बड़ा आश्चर्य यह था कि एक छोटा-सा रिसाव कितना जल व्यर्थ करता है। उद्यान वाला नल केवल टपक रहा था — बह नहीं रहा था। पर जब हमने उसके नीचे गिलास रखा तो गिलास 6 मिनट में भर गया। हमने हिसाब लगाया — यह एक घंटे में 10 गिलास और एक दिन में लगभग 240 गिलास हुआ, उस नल से जिसे देखकर लगता था कि कुछ हो ही नहीं रहा।

दूसरा आश्चर्य कूड़ेदानों को लेकर था। हम हमेशा सोचते थे कि हमारे विद्यालय के बच्चे लापरवाह हैं। पर जब हमने मानचित्र देखा तो पाया कि तीनों कूड़ेदान कार्यालय के पास हैं और खेल के मैदान के पास एक भी नहीं — और सारा कूड़ा ठीक वहीं था। तो बच्चे लापरवाह नहीं थे। कूड़ेदान ही ग़लत जगह थे।

तीसरा आश्चर्य सुखद था। बड़े नीम के नीचे, बीस कदम दूर खुले आँगन से, स्पष्ट रूप से अधिक ठंडक थी।”

आश्चर्य मूल्यवान क्यों है: आश्चर्य वही क्षण है जब जो आपने देखा वह आपकी अपेक्षा से मेल नहीं खाया। ठीक उसी क्षण कुछ नया सीखा जाता है। ऊपर के दोनों आश्चर्यों ने कक्षा के अगले कदम बदल दिए।
प्र4.
ऐसी कौन-सी बात थी जिससे आप गौरवान्वित हुए?
उत्तर

नमूना उत्तर: “हमें कई बातों पर गर्व हुआ। हमारे विद्यालय में 14 बड़े वृक्ष हैं, और खेल के मैदान के पास का बड़ा नीम विद्यालय के भवन से भी पुराना है — आने वाले लोग हमेशा कहते हैं कि हमारा परिसर कितना हरा-भरा है। हमें रमेश भैया पर गर्व हुआ, जो बरामदे बुहारते हैं — वे हमारे आने से पहले काम शुरू कर देते हैं ताकि हर सुबह हमारा विद्यालय स्वच्छ मिले, और उन्हें कभी किसी ने धन्यवाद नहीं कहा था, इसलिए हमारी कक्षा ने सभा में उन्हें धन्यवाद दिया।

हमें स्वयं पर भी गर्व हुआ। हम एक साल से हर दिन उस टपकते नल के पास से गुज़र रहे थे और उसे देखा ही नहीं था। जब हमने ठीक से देखना शुरू किया तो वह पाँच मिनट में मिल गया — और अगले सप्ताह ठीक भी हो गया, क्योंकि हमने उसे लिखा और सूची कार्यालय को दी।”

धन्यवाद ज़ोर से कहिए: यदि आपके निष्कर्षों में कोई ऐसा व्यक्ति है जो चुपचाप विद्यालय को चलाए रखता है — माली, स्वच्छता कर्मचारी, रसोइया, चौकीदार — तो सभा में उनका नाम लीजिए। इसमें तीस सेकंड लगते हैं और यह आपकी सोच से कहीं अधिक मायने रखता है।
क्या यह उपयोगी रहा?