कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 4 लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
क्या आप निम्नलिखित के लिए उपयोग किए जाने वाले कूड़ेदान का रंग बता सकते हैं? सूखा कचरा _________________ गीला कचरा _________________
उत्तर

सूखा कचरा — नीला कूड़ेदान। गीला कचरा — हरा कूड़ेदान।

कूड़ेदानरंगइसमें क्या डालेंउसका क्या होता है
गीला कचराहराफल-सब्ज़ी के छिलके, बची हुई जूठन, चाय की पत्ती, अंडे के छिलके, गिरे हुए पत्ते, फूलयह सड़ जाता है। इससे खाद बनाई जा सकती है — उद्यान के लिए पोषक काली मिट्टी।
सूखा कचरानीलारैपर, प्लास्टिक, कागज़, काँच, पन्नी, कपड़ा, टूटी वस्तुएँयह सड़ता नहीं। जो पुनर्चक्रित हो सकता है उसे छाँटकर दोबारा उपयोग में लाया जाता है।
दोनों को मिलाना क्यों नहीं चाहिए: गीला कचरा गीला होता है और सड़ता है। यदि सूखा समाचार-पत्र या गत्ता एक दिन गीले छिलकों में पड़ा रहे तो वह भीगकर बदबूदार हो जाता है और फिर पुनर्चक्रित नहीं हो सकता। इसलिए मिलाने से एक थैली कचरा नहीं बनता — बल्कि अच्छा आधा भाग भी ख़राब हो जाता है। कूड़ेदान के पास एक सेकंड का ध्यान वह सब बचा लेता है जो अब भी उपयोगी था।
याद रखने का सरल तरीका: जो कभी हरा था अर्थात् किसी पौधे या जीव से आया था और मिट्टी में लौट जाएगा — वह हरे में। बाकी सब नीले में।
प्र2.
प्रत्येक पुनर्चक्रणकर्ता भिन्न-भिन्न प्रकार की वस्तुएँ एकत्रित करता है— कागज़, प्लास्टिक और धातु की वस्तुएँ आदि। आपके मोहल्ले में ऐसे पुनर्चक्रणकर्ताओं को किस नाम से जानते हैं? पता लगाइए कि वे कौन-कौन सी वस्तुओं को एकत्रित करते हैं।
उत्तर

ये वे लोग हैं जो पुरानी वस्तुएँ ख़रीदते या एकत्रित करते हैं ताकि उनका दोबारा उपयोग हो सके। भारत के अधिकांश भागों में इन्हें कबाड़ीवाला या रद्दीवाला कहते हैं। नाम स्थान-स्थान पर बदलता है, और यह भी कि कौन क्या लेता है।

लोग किस नाम से बुलाते हैंकहाँ यह नाम चलता हैवे क्या एकत्रित करते हैं
कबाड़ीवाला / कबाड़ीउत्तर भारत, अधिकांश शहरपुराने समाचार-पत्र, पत्रिकाएँ, पुस्तकें, गत्ता, बोतलें, टिन, लोहा, प्लास्टिक, पुराने पंखे और कूलर
रद्दीवालाउत्तर और पश्चिम भारतअधिकतर कागज़ — समाचार-पत्र, कॉपियाँ, गत्ते के डिब्बे
भंगारवाला / भंगारमहाराष्ट्र, गुजरातधातु का कबाड़, लोहा, एल्युमिनियम, पुराने बर्तन
बर्तनवाला (कपड़े के बदले बर्तन)पूरे देश मेंपुराने कपड़े, जिनके बदले बाल्टी, मग और बर्तन दिए जाते हैं
कचरा बीनने वाले / सफ़ाई साथीपूरे देश में, और शहरों की कचरा-कर्मी संस्थाओं मेंमिले-जुले कचरे में से छाँटकर निकाली गई प्लास्टिक की बोतलें, काँच, धातु और कागज़
ई-कचरा संग्राहकशहरों मेंपुराने मोबाइल, चार्जर, तार, बैटरी, टूटे कंप्यूटर

अपने मोहल्ले के लिए कैसे पता करें—

  1. घर पर पूछिए कि आपके पुराने समाचार-पत्र कौन ख़रीदता है और उसे क्या कहते हैं।
  2. गली में उनकी आवाज़ ध्यान से सुनिए और उनके ठीक-ठीक शब्द अपनी भाषा में लिखिए।
  3. पड़ोसियों से पूछिए — कुछ ठेले केवल कपड़े लेते हैं, कुछ केवल धातु।
  4. एक छोटा चार्ट बनाइए — नाम / वे क्या लेते हैं / प्रति किलो कितना देते हैं।
वे क्यों महत्वपूर्ण हैं: पुनर्चक्रण की सबसे पहली और सबसे मज़बूत कड़ी वही हैं। किसी कारखाने तक पहुँचने से बहुत पहले कबाड़ीवाला हमारे कचरे में से कागज़, काँच, धातु और प्लास्टिक निकालकर उन्हें दोबारा उपयोग के लिए भेज चुका होता है। उनके काम से पेड़ बचते हैं, धरती से निकाला जाने वाला खनिज बचता है और बहुत बड़ी मात्रा में कचरा कूड़े के ढेर तक पहुँचने से रुक जाता है। यह काम सम्मान और एक विनम्र नमस्ते का हक़दार है।
क्या यह उपयोगी रहा?