कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 4 लिखिए और पता लगाइए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
आपके विद्यालय से कौन-सी वस्तुएँ पुनर्चक्रणकर्ताओं को दी जाती हैं?
उत्तर

विद्यालय में ठीक वही वस्तुएँ बहुत बनती हैं जिनकी पुनर्चक्रणकर्ता को आवश्यकता होती है — सबसे अधिक कागज़।

विद्यालय क्या देता हैवह कहाँ से आता हैउससे क्या बनता है
पुराने समाचार-पत्र और पत्रिकाएँपुस्तकालय और शिक्षक-कक्षपुनर्चक्रित कागज़, कागज़ की थैलियाँ, गत्ता
उपयोग की गई उत्तर-पुस्तिकाएँ और पुराने रजिस्टरकार्यालय, अभिलेख की अवधि पूरी होने परपुनर्चक्रित कागज़
गत्ते के डिब्बेपुस्तकें, चॉक और गणवेश जिनमें आए थेनए डिब्बे और पैकिंग बोर्ड
प्लास्टिक की पानी की बोतलेंसमारोह और खेल दिवसप्लास्टिक के दाने, कपड़े के लिए रेशा
टूटा फ़र्नीचर, लोहे की छड़ें, टिन की चादरेंमरम्मत और पुरानी कक्षाएँपिघलाकर नई धातु की वस्तुएँ
पुराने पंखे, ट्यूबलाइट, तार, कंप्यूटरबदले गए उपकरण (यह ई-कचरा है)यह ई-कचरा संग्राहक को जाता है — साधारण कूड़ेदान में कभी नहीं

नमूना उत्तर: “हमारा विद्यालय पुस्तकालय के पुराने समाचार-पत्र, परीक्षा के बाद बची उत्तर-पुस्तिकाएँ और नई पुस्तकों के गत्ते के डिब्बे देता है। पिछले वर्ष कार्यालय ने दो टूटी कुर्सियाँ और कुछ लोहे की छड़ें भी कबाड़ीवाले को दी थीं। रद्दी से मिला धन विद्यालय के उद्यान के कोष में डाला गया।”

अपने विद्यालय के लिए पता कीजिए: कार्यालय में पूछिए — कौन ले जाता है, ठेला कितने दिन में आता है, और उस धन का क्या होता है।
प्र2.
अपने माता-पिता से पूछिए और पता लगाइए कि क्या उन्होंने ऐसी कुछ वस्तुएँ अलग रखी हैं जिन्हें वे पुनर्चक्रणकर्ता को देना चाहते हैं? वे कौन-सी वस्तुएँ हैं?
उत्तर

लगभग हर भारतीय घर में इसके लिए एक कोना या एक बोरी रहती है — प्राय: दरवाज़े के पीछे, अलमारी के ऊपर या भंडार कक्ष में। पहले अपने घर में जाकर देखिए, फिर पूछिए।

घर में अलग रखी वस्तुउसे कूड़ेदान में क्यों नहीं फेंका जाता
बँधे हुए पुराने समाचार-पत्रतौलकर रद्दीवाले को बेचे जाते हैं; पुस्तकें ढकने और अलमारी में बिछाने के काम भी आते हैं
काँच की खाली बोतलें और मर्तबानरसोई में अचार, मसाले और दालों के लिए दोबारा उपयोग; बाकी बेच दिए जाते हैं
पिचके या टपकते स्टील-एल्युमिनियम के बर्तनधातु मूल्यवान है, उसे पिघलाकर फिर से बनाया जाता है
पुराने कपड़ेकिसी को दे दिए जाते हैं, या ठेले से बर्तनों के बदले दिए जाते हैं; पुराना सूती कपड़ा पोंछा बन जाता है
गत्ते के डिब्बे, प्लास्टिक के डिब्बे, पुरानी बाल्टियाँपहले सामान रखने के काम आते हैं, फिर बेच दिए जाते हैं
टूटा मोबाइल, चार्जर, पुरानी बैटरियाँ, ट्यूबलाइटयह ई-कचरा है — हानिकारक है और इसे उचित संग्राहक को ही देना चाहिए

नमूना उत्तर: “मैंने अपनी माँ से पूछा। वे अलमारी के पीछे समाचार-पत्रों का बड़ा बंडल रखती हैं और हर दो-तीन महीने में रद्दीवाले को बेच देती हैं। वे जैम की खाली बोतलें भी रखती हैं, जिन्हें धोकर उनमें राजमा और चना भरती हैं। मेरे पिताजी ने छत पर एक पुराना टूटा टेबल-फ़ैन और कुछ तार कबाड़ीवाले के लिए रखे हैं। मेरी दादी हमारे पुराने सूती कपड़े पोंछे बनाने के लिए रखती हैं और बाकी बर्तनवाले को देकर बर्तन ले लेती हैं।”

यह आदत क्यों सँभालने योग्य है: यह भारत की सबसे पुरानी पुनर्चक्रण व्यवस्था है और यह बिना किसी मशीन और बिना किसी योजना के चलती है। कोई उपयोगी वस्तु फेंकी नहीं जाती, परिवार को थोड़ा धन मिलता है और पुनर्चक्रणकर्ता की जीविका चलती है। ध्यान दीजिए कि आपकी दादी जीवन भर वही करती आई हैं जिसे आज दुनिया ‘टिकाऊ जीवन-शैली’ कहती है।
प्र3.
पता लगाइए — अपने शिक्षक की सहायता से किसी पुनर्चक्रणकर्ता को अपनी कक्षा में आमंत्रित कीजिए। उनसे पूछिए कि वे क्या काम करते हैं। यह जानना रोचक होगा कि ये वस्तुएँ कहाँ जाती हैं और उनका किस प्रकार पुनरुपयोग या पुनर्चक्रण हो सकता है।
उत्तर

भेंट की तैयारी कैसे करें

  1. अपने शिक्षक के साथ उस कबाड़ीवाले से बात कीजिए जो आपके विद्यालय या गली में आता है। एक दिन और समय तय कीजिए और बता दीजिए कि लगभग आधा घंटा लगेगा।
  2. भेंट से पहले पूरी कक्षा अपने प्रश्न बोर्ड पर लिख ले और तय कर ले कि कौन-सा प्रश्न कौन पूछेगा, ताकि सब एक साथ न बोलें।
  3. उस दिन अतिथि का अभिवादन कीजिए, कुर्सी और जल दीजिए, और बिना टोके सुनिए। चित्र लेने से पहले अनुमति लीजिए।
  4. बातें लिखते जाइए। अंत में धन्यवाद दीजिए और जो सीखा उसे कक्षा के सूचना-पट्ट पर लगाइए।

पूछने योग्य अच्छे प्रश्न

  • आप क्या-क्या एकत्रित करते हैं, और आपके लिए सबसे उपयोगी वस्तु कौन-सी है?
  • आपके ठेले से निकलकर समाचार-पत्र कहाँ जाते हैं?
  • आप चाहते हैं कि लोग आपको वस्तुएँ देने से पहले क्या करें?
  • आपके काम में सबसे कठिन क्या है?
  • क्या कभी कचरे में पड़ी किसी वस्तु से आपको चोट लगी है?

नमूना उत्तर — सलीम भाई की भेंट से हमारी कक्षा ने क्या सीखा: “वे अठारह वर्षों से रद्दी का काम कर रहे हैं। वे समाचार-पत्र, पुस्तकें, गत्ता, लोहा, प्लास्टिक की बोतलें और पुराने बर्तन लेते हैं। अपनी दुकान पर वे सब कुछ अलग-अलग ढेरियों में छाँटते हैं — सफ़ेद कागज़ का दाम समाचार-पत्र से अधिक मिलता है और धातु का सबसे अधिक। वहाँ से यह बड़े व्यापारी के पास जाता है और फिर कारखाने में। उन्होंने बताया कि कागज़ को पानी में भिगोकर लुगदी बनाई जाती है और उसी लुगदी से नया कागज़ बनता है; और प्लास्टिक की बोतलों को काटकर, पिघलाकर कपड़े का धागा बनाया जाता है।

सबसे अधिक याद हमें उनका अंतिम उत्तर रह गया। उन्होंने कहा — ‘कागज़ बाँधकर रखिए और काँच अलग रखिए। जब लोग टूटा काँच गीली जूठन की थैली में मिला देते हैं तो मेरा हाथ कट जाता है। चार बार ऐसा हो चुका है।’ उसके बाद हमारी कक्षा ने विद्यालय द्वार के लिए एक पोस्टर बनाया — पहले अलग कीजिए। दूसरी ओर किसी के हाथ हैं।

यह भेंट पाठ का भाग क्यों है: पुनर्चक्रणकर्ता और स्वच्छता कर्मचारी वह काम करते हैं जिस पर हम सब निर्भर हैं और जिसके विषय में हममें से अधिकांश कभी सोचते ही नहीं। किसी एक से मिलना, सुनना और धन्यवाद कहना — इसी से हम श्रम की गरिमा सीखते हैं, अर्थात् यह कि हर ईमानदार काम सम्मान का हक़दार है।
क्या यह उपयोगी रहा?