कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 4 लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
मुझे अपने विद्यालय में सबसे अच्छा क्या लगता है?
उत्तर

यह प्रश्न आपके अपने विद्यालय के बारे में है, इसलिए उत्तर भी आपका अपना होगा। अच्छा उत्तर एक सच्ची बात का नाम लेता है और फिर बताता है कि वह आपको क्यों अच्छी लगती है। एक स्पष्ट उदाहरण लंबी सूची से बेहतर है।

नमूना उत्तर: “मुझे अपने विद्यालय में सबसे अच्छा खेल के मैदान के कोने वाला बड़ा नीम का पेड़ लगता है। मध्यावकाश में मैं और मेरी सहेली रुख़सार उसी के नीचे बैठकर टिफ़िन खाते हैं, और मई में भी वहाँ ठंडक रहती है। पिछले महीने हमने उस पर एक कठफोड़वा देखा था। मुझे अपनी कक्षा-शिक्षिका भी बहुत अच्छी लगती हैं, क्योंकि जब मुझसे भाग वाले सवाल नहीं हो रहे थे तब उन्होंने डाँटा नहीं — वे मेरे पास बैठीं और दो सवाल धीरे-धीरे मेरे साथ किए, और उसके बाद बाकी मैंने स्वयं कर लिए। और मुझे बुधवार अच्छा लगता है, क्योंकि उस दिन हमारा पुस्तकालय का कालांश होता है।”

अपना उत्तर कैसे लिखें: अपनी कॉपी में ये तीन पंक्तियाँ पूरी कीजिए, आपका उत्तर तैयार है।
1. विद्यालय का एक स्थान जो मुझे अच्छा लगता है — … क्योंकि …
2. विद्यालय का एक व्यक्ति जो मुझे अच्छा लगता है — … क्योंकि …
3. विद्यालय में होने वाला एक काम जो मुझे अच्छा लगता है — … क्योंकि …
प्र2.
मैं अपने विद्यालय को हरित कैसे बना सकता हूँ?
उत्तर

उन कामों से आरंभ कीजिए जो आप स्वयं, इसी महीने, बिना धन और बिना किसी की प्रतीक्षा किए कर सकते हैं।

मैं क्या कर सकता हूँकैसेइससे क्या बदलेगा
एक पौधा गोद लेनाएक पौधे या गमले की ज़िम्मेदारी लीजिए। अपने तय दिन उसे पानी दीजिए। पास में एक तीली पर अपना नाम लिख दीजिए।पौधे सूखने के बजाय जीवित रहते हैं
खाद का गड्ढा बनानाशिक्षक से एक कोना माँगिए। उसमें छिलके और पत्ते डालिए, ऊपर मिट्टी डालिए, सप्ताह में एक बार पलटिए।गीले अपशिष्ट से उद्यान के लिए मुफ़्त खाद
तितली का कोना बनानाएक ही क्यारी में कढ़ी पत्ता, नींबू, गेंदा और रुगमिनी लगाइए।तितलियाँ और मधुमक्खियाँ आने लगती हैं
बीज इकट्ठे करनाखाए हुए फलों के बीज सँभालिए — जामुन, सीताफल, इमली। वर्षा ऋतु में बो दीजिए।बिना किसी खर्च के नए पेड़
भूमि खुली रखनामाँग कीजिए कि हर पेड़ के चारों ओर की जगह मिट्टी ही रहे, पक्की न की जाए।वर्षा का जल रिसकर जड़ों तक पहुँचता है
कागज़ बचानापन्ने के दोनों ओर लिखिए। रफ़ काम के लिए पुराने पन्नों की खाली पीठ का उपयोग कीजिए।कागज़ के लिए कम पेड़ कटते हैं

नमूना उत्तर: “मैं द्वार के पास लगे अमरूद के छोटे पौधे को गोद लेकर अपने विद्यालय को हरित बनाऊँगी। मैं उसे हर सोमवार और गुरुवार पानी दूँगी और सूखा दिखने पर माली को बताऊँगी। अपने मित्रों के साथ मिलकर मैं शिक्षक से रसोई के पीछे खाद का गड्ढा खोदने की अनुमति भी माँगूँगी, ताकि मध्याह्न भोजन के सब्ज़ी के छिलके कूड़ेदान के बजाय वहाँ जाएँ। वर्षा ऋतु में हम पुराने डिब्बों में जामुन के बीज बोएँगे और बड़े होने पर उन्हें ज़मीन में लगाएँगे।”

छोटे से आरंभ क्यों: जिस योजना के लिए प्रधानाचार्य, धन और दस साथी चाहिए, वह प्राय: कभी आरंभ ही नहीं होती। जिस योजना के लिए एक बच्चा और एक बाल्टी चाहिए, वह सोमवार से चल पड़ती है। विद्यालय में बड़ा परिवर्तन ऐसे ही अनेक छोटे और निभाए गए वादों से बनता है।
प्र3.
यदि विद्यालय में कोई समस्या होती है तो मैं किससे बात करूँ या किसे सूचित करूँ?
उत्तर

तुरंत किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति को बताइए। किसी भी परेशानी को अपने भीतर मत रखिए, और यह मत सोचिए कि उसे अकेले ही सुलझाना है।

परेशानीसबसे पहले किसे बताएँ
आज का पाठ मुझे समझ नहीं आयाविषय-शिक्षक को, या उस मित्र को जिसे समझ आया
कोई मुझे या मेरे मित्र को चिढ़ा रहा है, मार रहा है या परेशान कर रहा हैतुरंत कक्षा-शिक्षक को — और उसी दिन घर पर माता-पिता को
मेरी तबीयत ठीक नहीं है, चक्कर आ रहा है या चोट लगी हैपास के किसी भी शिक्षक को, या विद्यालय के स्वास्थ्य कर्मी को
मेरी कोई वस्तु खो गई है या टूट गई हैकक्षा-शिक्षक को या विद्यालय के कार्यालय में
शौचालय गंदा है, या पानी नहीं आ रहाकक्षा-शिक्षक को, ताकि बात कार्यालय तक पहुँचे
किसी बात से मुझे डर या असहजता लगती है और मैं कारण नहीं बता पाताकिसी भी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति को — कक्षा-शिक्षक, माता-पिता, दादा-दादी, बड़े भाई-बहन

नमूना उत्तर: “यदि विद्यालय में कोई समस्या होगी तो मैं सबसे पहले अपनी कक्षा-शिक्षिका को बताऊँगी, क्योंकि वे हर दिन हमारे साथ रहती हैं और हम सबको जानती हैं। यदि बात बड़ी हो या कहने में झिझक हो तो मैं उसे एक पर्ची पर लिखकर उन्हें दे दूँगी। उसी शाम घर पर माँ को भी बताऊँगी, ताकि दो बड़े लोग जानते हों। यदि समस्या विद्यालय के भवन से जुड़ी हो — टूटी बेंच या गंदा शौचालय — तो शिक्षिका कार्यालय को बताएँगी या हमारा कक्षा-मॉनीटर शिकायत-पुस्तिका में लिख देगा।”

यह चुगली नहीं, सही काम क्यों है: चुगली तब होती है जब हम किसी को केवल फँसाने के लिए उसकी शिकायत करें। बताना तब होता है जब हम इसलिए कहें ताकि कोई सुरक्षित रहे या कोई समस्या सुलझे। यदि किसी को चोट पहुँच रही हो या उसे अकेला छोड़ा जा रहा हो, तो चुप रहने से शांति नहीं रहती — वह बात चलती रहती है। बोलना ही दयालुता है।
जानने योग्य: कई विद्यालयों में दीवार पर शिकायत-पेटी या सुझाव-पेटी लगी होती है। उसमें आप बिना नाम लिखे भी पर्ची डाल सकते हैं। पता कीजिए कि आपके विद्यालय में वह कहाँ है।
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