कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 8 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
अपने दैनिक जीवन में हम कच्चे टाँकों का उपयोग और कहाँ कर सकते हैं?
उत्तर

कच्चे टाँके लगभग हर उस जगह काम आते हैं जहाँ कपड़े को थामकर रखना हो — मरम्मत में, मोहरी में, टुकड़े जोड़ने में और सजावट में।

कच्चे टाँके कहाँ काम आते हैंवहाँ वे क्या करते हैं
फटी कमीज या फटी जेब की मरम्मतफटे दोनों किनारों को पास लाकर थाम लेते हैं
पतलून या स्कर्ट के नीचे की मोहरी बनानामुड़े हुए किनारे को दबाए रखते हैं ताकि वह उधड़े नहीं
टुकड़े जोड़कर रजाई या गुदड़ी बनानाचौकोर टुकड़ों को जोड़ते हैं और तहों को भी एक साथ थामते हैं
बंगाल, ओडिशा और त्रिपुरा की कंथा कढ़ाईपूरी डिजाइन कच्चे टाँकों की पंक्तियों से ही बनती है — वही टाँका जो आपने अभी सीखा
मशीन की सिलाई से पहले कच्ची सिलाईदो टुकड़ों को ढीले-ढाले जोड़े रखती है, ताकि दर्जी नाप जाँच सके
पायजामे या थैले में नाड़े की नली बनानानाड़ा या डोरी निकालने के लिए सुरंग बना देते हैं
कपड़े में चुन्नट डालनाएक रेखा में टाँके लगाकर धागा खींचिए — कपड़ा सिमटकर चुन्नटदार हो जाता है
तकिए का गिलाफ, गद्दे का खोल या अनाज की बोरी बंद करनाखुला मुँह बंद कर देते हैं
पोशाक के अंदर नाम-पट्टी लगानापट्टी को टिका देते हैं ताकि वह खो न जाए
एक साधारण टाँका इतने काम कैसे कर लेता है: कच्चा टाँका तेज लगता है, उसमें धागा बहुत कम लगता है, और गलती हो जाए तो उसे आसानी से खोला जा सकता है। जहाँ बहुत अधिक मजबूती चाहिए वहाँ दर्जी मशीन का टाँका लगाता है — पर रोज के जोड़ने और मरम्मत का अधिकतर काम यही एक टाँका कर देता है।
कंथा को फिर देखिए: पृष्ठ 142 के चित्र में क्रीम रंग के कपड़े पर लाल फूल और हरी पत्तियाँ हैं। उनकी हर रेखा कच्चे टाँकों की पंक्ति है। पूर्वी भारत की महिलाओं ने उसी टाँके से एक पूरी कला खड़ी कर दी जो बच्चा सबसे पहले सीखता है।
प्र2.
यदि आपकी सिलाई में कहीं पर धागा या एक टाँका टूट जाए तो आपको क्या लगता है कि शेष टाँकों का क्या होगा?
उत्तर

धागा टूटते ही उसके आस-पास के टाँके एक-एक करके ढीले होने लगेंगे और वहाँ से जोड़ खुल जाएगा। दूर वाले टाँके कुछ समय तक टिके रह सकते हैं — पर तभी तक, जब तक ढीला धागा और न खिंचे।

क्या होता है — क्रम से:

  1. धागा किसी एक जगह टूट जाता है।
  2. टूटे हुए दोनों सिरे कपड़े के भीतर खिसक जाते हैं।
  3. पास वाले टाँके को थामने के लिए कुछ नहीं बचता, इसलिए वह भी निकल जाता है।
  4. फिर अगला टाँका निकलता है, फिर उसका अगला।
  5. उस भाग में कपड़े के दोनों टुकड़े अलग हो जाते हैं।
  6. यदि पूरी रेखा एक ही धागे से बिना बीच में गाँठ लगाए सिली गई हो तो पूरी रेखा उधड़ सकती है।
एक धागा इतना महत्वपूर्ण क्यों है: टाँके अलग-अलग छोटी चीजें नहीं हैं। वे सब एक ही धागे से बने हैं जो भीतर-बाहर दौड़ता है। इसलिए वे सब एक-दूसरे से जुड़े हैं। एक निकला कि अगला ढीला। यही बात गतिविधि 1 की बुनी चटाई में भी थी — एक पट्टी निकालिए और आस-पास की पट्टियाँ ढीली पड़ जाती हैं, क्योंकि हर पट्टी दूसरी को थामे हुए थी।
दर्जी इसका क्या उपाय करता है: दर्जी सिलाई-रेखा के दोनों सिरों पर धागे की मजबूत गाँठ लगाता है, और जहाँ खिंचाव सबसे अधिक होता है वहाँ दो-तीन बार आगे-पीछे सिलाई करता है। तब बीच में धागा टूट भी जाए तो गाँठें बाकी सिलाई को उधड़ने से रोक देती हैं। यदि आपकी मोहरी खुलने लगे तो उसे तुरंत सिल लीजिए — आज की छोटी मरम्मत अगले सप्ताह की बड़ी मरम्मत से कहीं आसान है।
क्या यह उपयोगी रहा?