कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 8 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए चित्र को देखिए। आपको क्या दिखाई दे रहा है?
पृष्ठ 131 के ऊपर दिया गया चित्र।
उत्तर

मुझे एक छोटा पक्षी और घास से बने दो लटकते हुए घोंसले दिखाई दे रहे हैं। घोंसले बड़े हरे पत्तों वाले पौधे से लटक रहे हैं।

पृष्ठ 131 के चित्र को ध्यान से देखिए और जो दिखे वह लिखिए।

मैं क्या देखता हूँमुझे क्या दिखाई दिया
पक्षीएक छोटा पक्षी, जिसका सिर चमकीला पीला है, पीठ भूरी है और चोंच छोटी तथा मजबूत है। वह बाईं ओर बैठा है और चोंच में घास का एक लंबा तंतु पकड़े है।
पहला घोंसलाएक लंबा घोंसला, जो ऊपर से चौड़ा और नीचे की ओर सँकरा होता जाता है, टहनी से सीधा लटका हुआ।
दूसरा घोंसलाउसके पास एक अधिक गोल और ऊबड़-खाबड़ घोंसला, जिसमें घास के सिरे बाहर निकले हुए हैं।
घोंसले किससे बने हैंसूखी घास के सैकड़ों पतले तंतुओं से, जो एक-दूसरे के ऊपर और नीचे से पार किए गए हैं।
वे कहाँ लटके हैंपत्तेदार पौधे की टहनियों से, जमीन से काफी ऊपर, हवा में झूलते हुए।
यह चित्र अध्याय के आरंभ में क्यों है: घोंसला न तो चिपकाया गया है और न ही एक गाँठ से बाँधा गया है। घास का हर तंतु एक तंतु के ऊपर से और दूसरे के नीचे से बार-बार निकाला गया है, जब तक कि सब तंतु एक-दूसरे को थाम न लें। बुनाई का अर्थ बिलकुल यही है। इसलिए अध्याय पहले एक पक्षी की बुनी हुई वस्तु दिखाता है, उसके बाद मनुष्य की बुनी हुई वस्तु।
स्वयं देखिए: बया के लटकते घोंसले खेतों के पास बबूल या ताड़ के पेड़ों पर और पानी के किनारे आसानी से दिख जाते हैं। वर्षा के बाद के महीनों में ऊपर देखिए। प्रायः एक ही पेड़ पर कई घोंसले दिखते हैं, क्योंकि कई नर पास-पास घोंसले बनाते हैं।
प्र2.
क्या आप जानते हैं कि हमारे पर्यावरण में एक ऐसा छुपा हुआ कलाकार भी है जिसने मानवों से पहले बुनाई का कार्य शुरू कर दिया था।
उत्तर

हाँ — वह छिपा हुआ कलाकार है बया पक्षी। पृष्ठ 132 पर पुस्तक यही बताती है। पक्षी और कीट मनुष्य के कपड़ा बनाना सीखने से बहुत पहले से बुनते, सिलते और चिपकाते आ रहे हैं।

नर बया क्या करता है — क्रम से:

  1. वह अपनी चोंच से घास की लंबी-पतली पट्टियाँ चीरता है।
  2. एक बार में एक पट्टी लेकर टहनी तक ले जाता है।
  3. पहले कुछ तंतुओं को टहनी के चारों ओर लपेटकर एक छल्ला बनाता है, जिस पर वह बैठ सके।
  4. फिर बुनाई करता है — एक तंतु के ऊपर से और अगले के नीचे से पट्टी निकालकर कसकर खींचता है।
  5. वह यही काम सैकड़ों बार दोहराता है, जब तक घोंसला मजबूत लटकती थैली न बन जाए।
  6. तैयार घोंसला टहनी से झूलता रहता है और उन जंतुओं से सुरक्षित रहता है जो इतनी दूर तक नहीं पहुँच सकते।

पुस्तक यह भी बताती है कि कौन अच्छी बुनाई करता है —

कौन बुन रहा हैघोंसला कैसा बनता है
कुशल बयाबहुत महीन, सुंदर और कसा हुआ
सीखता हुआ बच्चाकुछ ऊबड़-खाबड़ और ढीला
यह बात क्यों महत्वपूर्ण है: पक्षी को भी अच्छी बुनाई के लिए अभ्यास करना पड़ता है। कपड़ा बुनना या सिलाई सीखने वाले व्यक्ति के साथ भी ठीक यही होता है। कौशल जादू से नहीं आता। वह एक ही काम को बार-बार ध्यान से करने से आता है।
और भी छिपे कलाकार: मकड़ी रेशम का जाला बुनती है। फुदकी पत्ते को सिलती है। मधुमक्खी मोम के कक्ष बनाती है। बुनकर चींटियाँ अपने बच्चों के रेशम से पत्तों को जोड़ देती हैं। प्रकृति बहुत लंबे समय से धागों से वस्तुएँ बनाती आ रही है।
क्या यह उपयोगी रहा?