प्र1.
1. क्या आपने कभी घर पर या आस-पड़ोस में किसी को सिलाई करते देखा है? वे क्या बना रहे थे या क्या सिल रहे थे?
उत्तर
हाँ। हमारे आस-पास हर समय सिलाई होती रहती है — घर पर, दर्जी की दुकान पर, मोची के ठेले पर और हर फटे बस्ते की मरम्मत में।
नमूना उत्तर: “हाँ, मैंने देखा है। मेरी दादी दोपहर में खिड़की के पास बैठकर सिलाई करती हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने मेरी विद्यालय-कमीज पर दो बटन लगाए और भाई के पतलून के घुटने के अंदर एक पैबंद लगाया। हमारे बस-अड्डे के पास एक दर्जी की दुकान भी है। दर्जी मशीन पर बैठकर हाथ से पहिया घुमाता है और कपड़ा सुई के नीचे सरकता जाता है। मैंने उसे ब्लाउज सिलते और एक ढीली हो गई कमीज को छोटा करते देखा है।”
| कौन सिलाई कर रहा था | किन औजारों से | क्या बना या ठीक कर रहा था |
|---|---|---|
| घर पर माँ या दादी | सुई और धागा | बटन, उधड़ी मोहरी, ढीली जेब, पुरानी साड़ी से बना थैला |
| दर्जी | सिलाई मशीन, कैंची, इंच-टेप, खड़िया | कमीज, कुर्ता, ब्लाउज, सलवार-कमीज, विद्यालय की पोशाक; पतलून छोटी करना |
| मोची | मोटी मुड़ी हुई सुई और मजबूत मोम लगा धागा | चप्पल का टूटा फीता, जूते की सिलाई, चमड़े के थैले का हत्था |
| कढ़ाई करती महिला | सुई, रंगीन धागे, घेरा (फ्रेम) | दुपट्टे पर फूल, गद्दी का गिलाफ, दीवार पर टाँगने का कपड़ा |
| रजाई बनाने वाला | सुई-धागा, पुराने कपड़े के टुकड़े | छोटे-छोटे टुकड़े जोड़कर बनी रजाई या गुदड़ी |
| बोरी बेचने वाला दुकानदार | बड़ी सुई और जूट की डोरी | भरी हुई अनाज की बोरी का मुँह बंद करना |
इस काम के बारे में ध्यान देने योग्य बात: इनमें से हर व्यक्ति कुशल काम कर रहा है। दर्जी को नाप लेना, काटना और इस तरह जोड़ना आता है कि कपड़ा सचमुच किसी शरीर पर ठीक बैठे। मोची को चमड़े के आर-पार सुई निकालनी पड़ती है। ये ऐसे कार्य हैं जिन्हें सीखने में वर्षों लगते हैं, और इनके बिना किसी गाँव या नगर का काम नहीं चल सकता।