कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 8 गतिविधि 6 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
क्या आपने कभी सिलाई करने का प्रयास किया है? किसी कपड़े के टुकड़े को सिलने के लिए आपको सुई और धागे की आवश्यकता होगी। क्या आप फटे हुए कपड़े को ठीक कर सकते हैं या बटन लगा सकते हैं? आइए, थोड़ी सिलाई सीखें।
उत्तर

हाँ — फटा कपड़ा ठीक करना और ढीला बटन लगाना, ये दो काम कक्षा 5 का हर विद्यार्थी सीख सकता है। इसके लिए केवल तीन चीजें चाहिए: एक सुई, लगभग एक हाथ लंबा धागा, और एक कैंची।

पहले तैयारी कीजिए।

  1. अपने हाथ जितना लंबा धागा काटिए। बहुत लंबा धागा उलझ जाता है।
  2. सुई को प्रकाश के सामने पकड़िए। धागे का एक सिरा सुई के छेद में डालिए। सिरे को थोड़ा गीला कर लेने से वह कड़ा हो जाता है और आसानी से घुस जाता है।
  3. धागे को इतना खींचिए कि एक ओर छोटा-सा सिरा लटका रहे।
  4. लंबे सिरे पर गाँठ बाँध दीजिए, ताकि धागा कपड़े से निकल न जाए।

बटन फिर से लगाने के लिए:

  1. वह जगह ढूँढ़िए जहाँ बटन था। वहाँ पुराने धागे के निशान दिखेंगे।
  2. सुई को कपड़े के पीछे से उसी स्थान पर ऊपर लाइए।
  3. उसे बटन के एक छेद में से ऊपर निकालकर सामने वाले छेद में से नीचे ले जाइए और पीछे निकालिए।
  4. इन्हीं दो छेदों में से यह क्रिया पाँच-छह बार दोहराइए।
  5. यदि बटन में चार छेद हैं तो दूसरे जोड़े में भी यही कीजिए।
  6. पीछे की ओर समाप्त कीजिए। एक ही जगह दो छोटे टाँके लगाकर सुई को फंदे में से निकालकर गाँठ बना दीजिए। धागा काट दीजिए।

छोटा फटा भाग ठीक करने के लिए:

  1. कपड़े को उलटकर सीधा बिछाइए।
  2. फटे हुए दोनों किनारों को इतना पास लाइए कि वे बस छू जाएँ। खींचिए मत।
  3. फटन आरंभ होने से लगभग 1 सेमी पहले से छोटे-छोटे कच्चे टाँके लगाना शुरू कीजिए।
  4. फटन समाप्त होने के 1 सेमी बाद तक टाँके लगाइए, ताकि अंतिम टाँका मजबूत कपड़े पर पड़े।
  5. पीछे गाँठ बाँधकर धागा काट दीजिए। कपड़ा सीधा कर लीजिए।
वह एक अतिरिक्त सेंटीमीटर क्यों जरूरी है: यदि आप केवल वहीं सिलाई करें जहाँ कपड़ा पहले से फटा है, तो पूरा खिंचाव फटन के किनारे पर ही पड़ेगा और वह फिर खुल जाएगा। मजबूत कपड़े से आरंभ करने पर खिंचाव अधिक बड़े भाग में बँट जाता है। इसीलिए दर्जी हर मरम्मत खराब भाग से थोड़ा पहले शुरू करता है और थोड़ा आगे तक ले जाता है।
सावधानी — पुस्तक की अपनी चेतावनी: सुई नुकीली होती है। उससे कभी खेलिए मत, उसे मुँह में मत रखिए, और कुर्सी या फर्श पर पड़ी मत छोड़िए। उपयोग न करते समय उसे कपड़े के छोटे टुकड़े में खोंस दीजिए और अंत में सुइयाँ गिनकर रखिए। यह गतिविधि शिक्षक या किसी बड़े की देख-रेख में ही कीजिए।
क्या यह उपयोगी रहा?