प्र1.
“कल तो तेरे साथ शाम तक / खेल बहुत से खेली मैं।” ‘शाम’ के लिए हम संध्या, साँझ, सायं जैसे शब्दों का भी प्रयोग करते हैं। मिलते-जुलते या समान अर्थ वाले ऐसे शब्दों को समानार्थी शब्द कहते हैं। नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्दों पर घेरा बनाइए — • नभ — आकाश, अंबर, नभचर • हवा — वायु, व्योम, पवन • पेड़ — विशाल, वृक्ष, तरु • फूल — कुसुम, सरिता, सुमन • दुनिया — भूमि, संसार, विश्व
उत्तर
हर पंक्ति में तीन शब्द दिए हैं। उनमें से दो समानार्थी हैं और एक मेल नहीं खाता। घेरा उन्हीं दो पर बनेगा।
| शब्द | दिए गए शब्द | घेरा किन पर (समानार्थी) | जो छूट गया, वह क्यों नहीं |
|---|---|---|---|
| नभ | आकाश, अंबर, नभचर | आकाश, अंबर | नभचर — इसका अर्थ है नभ में चलने वाला, यानी पक्षी। यह आकाश नहीं, आकाश में उड़ने वाला जीव है। |
| हवा | वायु, व्योम, पवन | वायु, पवन | व्योम — इसका अर्थ है आकाश, हवा नहीं। यह शब्द ‘नभ’ की पंक्ति में जाता। |
| पेड़ | विशाल, वृक्ष, तरु | वृक्ष, तरु | विशाल — इसका अर्थ है बहुत बड़ा। यह किसी चीज़ की विशेषता बताता है, नाम नहीं। पेड़ विशाल हो सकता है, पर विशाल का अर्थ पेड़ नहीं है। |
| फूल | कुसुम, सरिता, सुमन | कुसुम, सुमन | सरिता — इसका अर्थ है नदी। नदी और फूल में कोई मेल नहीं। |
| दुनिया | भूमि, संसार, विश्व | संसार, विश्व | भूमि — इसका अर्थ है ज़मीन, धरती की मिट्टी। दुनिया में केवल ज़मीन नहीं, उस पर रहने वाले सब लोग और चीज़ें भी आती हैं। |
पहचानने का आसान तरीका — दो चरण:
चरण 1 — दिए गए शब्द को वाक्य में रखिए और उसकी जगह हर विकल्प रखकर देखिए।
चरण 2 — जिससे वाक्य का अर्थ नहीं बदले, वही समानार्थी है।
जैसे — “नभ में तारे चमक रहे हैं।” → “आकाश में तारे चमक रहे हैं।” ✓ · “अंबर में तारे चमक रहे हैं।” ✓ · “नभचर में तारे चमक रहे हैं।” ✗ — अर्थ बिगड़ गया, इसलिए नभचर समानार्थी नहीं है।
चरण 1 — दिए गए शब्द को वाक्य में रखिए और उसकी जगह हर विकल्प रखकर देखिए।
चरण 2 — जिससे वाक्य का अर्थ नहीं बदले, वही समानार्थी है।
जैसे — “नभ में तारे चमक रहे हैं।” → “आकाश में तारे चमक रहे हैं।” ✓ · “अंबर में तारे चमक रहे हैं।” ✓ · “नभचर में तारे चमक रहे हैं।” ✗ — अर्थ बिगड़ गया, इसलिए नभचर समानार्थी नहीं है।
जोड़कर याद कीजिए: इस पाठ से मिले समानार्थी शब्द —
शाम = संध्या, साँझ, सायं · नभ = आकाश, अंबर, गगन, व्योम · हवा = वायु, पवन, समीर · पेड़ = वृक्ष, तरु, द्रुम · फूल = कुसुम, सुमन, पुष्प · दुनिया = संसार, विश्व, जगत
शाम = संध्या, साँझ, सायं · नभ = आकाश, अंबर, गगन, व्योम · हवा = वायु, पवन, समीर · पेड़ = वृक्ष, तरु, द्रुम · फूल = कुसुम, सुमन, पुष्प · दुनिया = संसार, विश्व, जगत