प्र1.
‘पेड़ का जादू’ में लड़के ने बुआ से क्या पूछा और बुआ ने उसे क्या उत्तर दिया?
उत्तर
लड़के ने बुआ से पूछा कि उन्होंने गिलहरी कहाँ से खरीदी। बुआ ने उत्तर दिया कि गिलहरी खरीदी नहीं जाती — घर में पेड़ हो तो गिलहरी अपने आप आ जाती है।
लड़के ने कहा — “बुआ! आपने गिलहरी कहाँ से खरीदी? मैं भी लूँगा। उसे पालूँगा।”
बुआ ने कहा — “मेरे घर में पेड़ है। पेड़ के होने से गिलहरी अपने आप आ जाती है।”
बुआ ने कहा — “मेरे घर में पेड़ है। पेड़ के होने से गिलहरी अपने आप आ जाती है।”
बुआ ने आगे और क्या-क्या बताया —
| बुआ की बात | उसका अर्थ |
|---|---|
| “पेड़ पर देखो। चिड़ियाँ बैठी हैं। चिड़ियों को मैंने नहीं पाला। पेड़ होने से वे आ गईं।” | चिड़ियाँ भी किसी ने पाली नहीं। पेड़ ही उन्हें बुला लाया। |
| “तुम अपने घर में पेड़ उगा लो तो गिलहरी आ जाएगी। चिड़िया आएगी।” | जो चाहिए, उसे पकड़ने या ख़रीदने की ज़रूरत नहीं — उसके रहने की जगह बना दीजिए, वह खुद आ जाएगा। |
| “बाहर धूप होगी तो पेड़ के नीचे छाया आ जाएगी। तब छाया में खेलना अच्छा लगेगा।” | पेड़ केवल जीव-जंतु नहीं लाता, छाया भी देता है — यानी एक पेड़ से एक साथ कई फ़ायदे मिलते हैं। |
बुआ ने सीधे “नहीं” क्यों नहीं कहा: वे लड़के को डाँट सकती थीं कि गिलहरी पालने की चीज़ नहीं है। पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने एक बेहतर रास्ता बता दिया — पेड़ लगा लो। इस तरह लड़के की इच्छा भी पूरी हो जाएगी और गिलहरी भी आज़ाद रहेगी। बड़ों का समझाने का यह तरीका सबसे अच्छा होता है।