कक्षा ५ हिंदी अध्याय 10 पाठ से के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
अनागतविधाता को बहुत बुद्धिमती किस कारण से बताया गया है? (i) नाम के अनुरूप स्वभाव होने के कारण (ii) सब कुछ भाग्य के भरोसे छोड़ देने और चिंता न करने के कारण (iii) भविष्य की संभावित समस्याओं का हल पहले से ही निकाल लेने के कारण (iv) श्रम और चिंतन से बचने की प्रवृत्ति के कारण
उत्तर

सही विकल्प — (i) और (iii)। इन दोनों पर मछली का चित्र बनाइए। याद रखिए, पुस्तक ने स्वयं लिखा है — “एक से अधिक विकल्प भी सही हो सकते हैं।”

पाठ की यह पंक्ति दोनों उत्तर एक साथ देती है —

“इनमें से पहली मछली का नाम था अनागतविधाता। वह बहुत बुद्धिमती थी
और अपने नाम के अनुसार भविष्य की संभावित समस्याओं का हल पहले से ही
निकालकर रखती थी।”

अब एक-एक विकल्प देखिए —

विकल्पसही या गलतकारण
(i) नाम के अनुरूप स्वभाव होने के कारणसही ✔पाठ में लिखा है “अपने नाम के अनुसार”। अनागतविधाता का अर्थ ही है — जो अभी आया नहीं है (अनागत), उसका प्रबंध पहले से करने वाली (विधाता)। उसका स्वभाव उसके नाम से पूरा-पूरा मिलता था।
(ii) सब कुछ भाग्य के भरोसे छोड़ देने और चिंता न करने के कारणगलत ✘यह अनागतविधाता की नहीं, यद्भविष्य की बात है — “सब कुछ भाग्य के भरोसे छोड़ देना चाहिए और निश्चिंत होकर आनंद से रहना चाहिए।” और भाग्य के भरोसे बैठना बुद्धिमानी नहीं मानी गई; उसी से यद्भविष्य की जान गई।
(iii) भविष्य की संभावित समस्याओं का हल पहले से ही निकाल लेने के कारणसही ✔यह पाठ का शब्द-दर-शब्द कारण है। कहानी में उसने यही करके दिखाया भी — मछुआरों की बात सुनते ही सभा बुलाई और सवेरा होने से पहले सरोवर छोड़ दिया।
(iv) श्रम और चिंतन से बचने की प्रवृत्ति के कारणगलत ✘यह भी यद्भविष्य का स्वभाव है — “वह किसी भी संकट की संभावना पर ध्यान नहीं देती थी तथा श्रम और चिंतन से बचती थी।” मेहनत और सोच से बचना बुद्धिमानी का उलटा है।
दो विकल्प सही क्यों हैं: (iii) बताता है कि उसने क्या किया, और (i) बताता है कि उसका स्वभाव कैसा था। पाठ की एक ही पंक्ति में दोनों बातें जुड़ी हुई हैं — “अपने नाम के अनुसार… हल पहले से ही निकालकर रखती थी।” इसलिए दोनों पर मछली बनेगी।
नाम में अर्थ छिपा है: तीनों मछलियों के नाम संस्कृत से बने हैं — अनागतविधाता (आगे का प्रबंध करने वाली), प्रत्युत्पन्नमति (जिसकी बुद्धि तत्काल उपजे), यद्भविष्य (जो होगा सो होगा)। पाठ स्वयं कहता है कि तीनों “अपने नाम के अर्थ को सार्थक करती थीं।”
प्र2.
मछुआरों की बातें सुनकर सभी मछलियों ने सभा क्यों की? (i) गप-शप के लिए (ii) अपने प्राण बचाने हेतु कोई उपाय ढूँढ़ने के लिए (iii) मछुआरों को अपने जाल में फँसाने के लिए (iv) पास के दूसरे सरोवर में जाने के लिए
उत्तर

सही विकल्प — (ii) अपने प्राण बचाने हेतु कोई उपाय ढूँढ़ने के लिए। इसी पर मछली का चित्र बनाइए। यहाँ केवल एक ही विकल्प सही है।

पाठ की पंक्तियाँ देखिए —

“मछुआरों की बातें तीनों मछलियों ने सुन लीं। उन्होंने तुरंत सरोवर की सभी
मछलियों को बुलाकर एक सभा की।… यह सुनकर सब मछलियाँ भयभीत हो गईं
और पूछने लगीं कि क्या करना चाहिए।”
विकल्पसही या गलतकारण
(i) गप-शप के लिएगलत ✘गप-शप यानी यों ही बातें करना। सभा जल्दी में और डर के मारे बुलाई गई थी — “सब मछलियाँ भयभीत हो गईं।” डरे हुए लोग गप-शप नहीं करते।
(ii) अपने प्राण बचाने हेतु कोई उपाय ढूँढ़ने के लिएसही ✔मछलियों ने स्वयं पूछा — “क्या करना चाहिए।” और अनागतविधाता ने उत्तर में उपाय बताया — “इस संकट से बचने का सबसे अच्छा उपाय यह है…”। सभा का उद्देश्य यही था।
(iii) मछुआरों को अपने जाल में फँसाने के लिएगलत ✘कहानी में मछलियों ने मछुआरों पर कोई वार करने की बात सोची ही नहीं। मछलियाँ केवल बचना चाहती थीं।
(iv) पास के दूसरे सरोवर में जाने के लिएगलत ✘यह ध्यान से समझने वाली बात है। दूसरे सरोवर में जाना सभा करने का कारण नहीं था — वह तो सभा में निकला हुआ उपाय था, और वह भी केवल अनागतविधाता का सुझाया हुआ। प्रत्युत्पन्नमति और यद्भविष्य ने तो जाने से मना कर दिया था।
अंतर पकड़िए: प्रश्न पूछता है सभा क्यों की गई — यानी उद्देश्य क्या था। उद्देश्य था उपाय ढूँढ़ना। दूसरे सरोवर जाना उस उपाय का परिणाम है। परीक्षा में ऐसे विकल्प अकसर आते हैं — कारण और परिणाम में अंतर करना सीखिए।
प्र3.
मछुआरों ने प्रत्युत्पन्नमति को जाल में से बाहर क्यों फेंक दिया? (i) उन्हें जीवित मछलियाँ चाहिए थीं। (ii) उन्हें प्रत्युत्पन्नमति सुंदर नहीं लगी। (iii) जाल में बहुत अधिक मछलियाँ थीं। (iv) उनसे जाल उठाया नहीं जा रहा था।
उत्तर

सही विकल्प — (i) उन्हें जीवित मछलियाँ चाहिए थीं। इसी पर मछली का चित्र बनाइए।

“मछुआरों की बातचीत से वह समझ गई कि उन्हें स्वस्थ और जीवित मछलियाँ ही चाहिए
उसने उसी क्षण अपना शरीर सिकोड़ लिया और आँखें बंद करके निर्जीव सी बनकर पड़ गई।
मछुआरे मछलियों को सँभालने लगे तो देखा कि एक मरी हुई मछली है। उन्होंने तुरंत
प्रत्युत्पन्नमति को जाल से निकालकर सरोवर में फेंक दिया।”
विकल्पसही या गलतकारण
(i) उन्हें जीवित मछलियाँ चाहिए थीं।सही ✔यही पाठ में लिखा है। मछुआरों ने उसे मरी हुई समझा, इसलिए बाहर फेंक दिया। पूरी चतुराई इसी बात पर टिकी थी — प्रत्युत्पन्नमति ने उनकी बातचीत से यह जान लिया था।
(ii) उन्हें प्रत्युत्पन्नमति सुंदर नहीं लगी।गलत ✘मछुआरे सुंदरता नहीं देख रहे थे। वे तो प्रसन्न थे कि “इतनी स्वस्थ और बड़ी-बड़ी मछलियाँ उन्होंने पकड़ ली हैं।” उन्हें मछली की सेहत से मतलब था, रूप से नहीं।
(iii) जाल में बहुत अधिक मछलियाँ थीं।गलत ✘मछलियाँ अधिक होने से वे खुश थे, दुखी नहीं। अधिक मछलियाँ मिलने पर कोई मछुआरा उन्हें वापस नहीं फेंकता।
(iv) उनसे जाल उठाया नहीं जा रहा था।गलत ✘पाठ में जाल के भारी होने की कोई बात नहीं है। अंत में वे सारी मछलियाँ “लेकर चलते बने” — यानी जाल उठाने में उन्हें कोई कठिनाई नहीं हुई।
यह उपाय काम क्यों कर गया: प्रत्युत्पन्नमति ने पहले सुना, फिर समझा, फिर किया। उसने वही रूप धर लिया जो मछुआरों को नहीं चाहिए था। यही उसकी प्रत्युत्पन्न बुद्धि है — मौके पर तुरंत काम करने वाली बुद्धि।
प्र4.
मछुआरों के जाल में कौन-कौन सी मछलियाँ फँस गईं? (i) अनागतविधाता, प्रत्युत्पन्नमति और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँ (ii) प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँ (iii) अनागतविधाता और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँ (iv) प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और अनागतविधाता
उत्तर

सही विकल्प — (ii) प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँ। इसी पर मछली का चित्र बनाइए।

“इसके पश्चात अनागतविधाता और बहुत-सी मछलियाँ घर छोड़कर पास के दूसरे
सरोवर में चली गईं। प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और कुछ अन्य मछलियाँ जो
यद्भविष्य की राय से सहमत थीं, वहीं रहीं।…
प्रत्युत्पन्नमति और यद्भविष्य भी जाल में फँस गई थीं।”
विकल्पसही या गलतकारण
(i) अनागतविधाता, प्रत्युत्पन्नमति और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँगलत ✘अनागतविधाता का नाम इसमें है, पर वह तो रात में ही सरोवर छोड़कर चली गई थी। वह जाल के समय वहाँ थी ही नहीं।
(ii) प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँसही ✔ये तीनों बातें पाठ से मिलती हैं — दोनों नामी मछलियाँ रुकी थीं और फँसीं, और उनके साथ वे मछलियाँ भी जो यद्भविष्य की राय से सहमत होकर वहीं रह गई थीं। पाठ कहता है — “सभी मछलियों को पकड़ लिया।”
(iii) अनागतविधाता और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँगलत ✘फिर वही भूल — अनागतविधाता वहाँ थी ही नहीं। साथ ही इसमें प्रत्युत्पन्नमति और यद्भविष्य छूट गई हैं, जो सचमुच फँसी थीं।
(iv) प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और अनागतविधातागलत ✘इसमें अनागतविधाता को भी फँसा हुआ बताया गया है, जो गलत है। और बाकी मछलियों का ज़िक्र छूट गया है, जबकि जाल में वे भी थीं।
याद रखने का सूत्र: जो पहले चली गई — बच गई (अनागतविधाता)। जो रुकी पर सोचती रही — बच गई (प्रत्युत्पन्नमति)। जो रुकी और कुछ नहीं किया — नहीं बची (यद्भविष्य)।
प्र5.
स्तंभ ‘क’ और स्तंभ ‘ख’ में आपस में संबंध रखने वाले शब्दों व कथनों का मिलान कीजिए — स्तंभ ‘क’: सुंदर, अनागतविधाता, प्रत्युत्पन्नमति, बड़ी-बड़ी, यद्भविष्य। स्तंभ ‘ख’: बुद्धिमती, आलसी, मछलियाँ, तीक्ष्ण और तीव्र बुद्धि, सरोवर। (पुस्तक में ‘सुंदर’ से ‘सरोवर’ तक की रेखा उदाहरण के रूप में पहले से खिंची है।)
उत्तर

पूरा मिलान नीचे दिया है। पुस्तक में पहली रेखा — सुंदर → सरोवर — उदाहरण के रूप में पहले से खिंची है। बाकी चार रेखाएँ आपको खींचनी हैं।

स्तंभ ‘क’स्तंभ ‘ख’क्यों — पाठ की पंक्ति
सुंदर (उदाहरण)सरोवर“उत्तर भारत के एक सुंदर सरोवर में तीन मछलियाँ रहती थीं।” यहाँ ‘सुंदर’ विशेषण है और वह ‘सरोवर’ की विशेषता बता रहा है।
अनागतविधाताबुद्धिमती“इनमें से पहली मछली का नाम था अनागतविधाता। वह बहुत बुद्धिमती थी…”
प्रत्युत्पन्नमतितीक्ष्ण और तीव्र बुद्धि“दूसरी मछली का नाम था प्रत्युत्पन्नमति। जैसा उसका नाम था वैसी ही तीक्ष्ण और तीव्र उसकी बुद्धि थी।”
बड़ी-बड़ीमछलियाँ“इतनी स्वस्थ और बड़ी-बड़ी मछलियाँ उन्होंने पकड़ ली हैं।” ‘बड़ी-बड़ी’ भी विशेषण है और ‘मछलियाँ’ की विशेषता बताता है।
यद्भविष्यआलसी“यद्भविष्य तो स्वभाव से ही आलस्यमयी थी।” आलस्यमयी यानी आलसी — जो मेहनत से बचे।
मिलान करने का तरीका: इस तालिका में दो तरह की जोड़ियाँ हैं। पहली तरह — विशेषण और उसका संज्ञा (सुंदर–सरोवर, बड़ी-बड़ी–मछलियाँ)। दूसरी तरह — पात्र और उसका गुण (अनागतविधाता–बुद्धिमती, प्रत्युत्पन्नमति–तीक्ष्ण और तीव्र बुद्धि, यद्भविष्य–आलसी)। पहले नामों को उनके गुणों से जोड़ लीजिए, फिर बचे हुए शब्द अपने आप जुड़ जाएँगे।
जाँच का तरीका: मिलान के बाद हर जोड़ी को एक वाक्य में बोलकर देखिए — “अनागतविधाता बुद्धिमती थी”, “यद्भविष्य आलसी थी”, “बड़ी-बड़ी मछलियाँ”। यदि वाक्य सही लगे, तो जोड़ी सही है।
क्या यह उपयोगी रहा?