प्र1.
गोंड पहेली — “न तो खाय न तो पीवैह, संग मा रेंगत है।” (न खाती है, न पीती है, संग-संग चलती है)
उत्तर
हिंदी अर्थ: यह कुछ खाती नहीं, कुछ पीती नहीं, फिर भी हमेशा हमारे साथ-साथ चलती रहती है।
उत्तर: छाया (परछाईं)
पकड़ में कैसे आया — वह शब्द है “संग मा रेंगत है”। गोंड बोली में रेंगना का अर्थ है चलना। तो पहेली कह रही है कि यह चीज़ हमारे साथ-साथ चलती है। जो चीज़ जीवित न हो, कुछ खाए-पिए नहीं, फिर भी हमारे साथ चले — वह छाया ही हो सकती है।
| पहेली का शब्द | हिंदी में |
|---|---|
| खाय | खाती है |
| पीवैह | पीती है |
| संग मा | साथ-साथ |
| रेंगत है | चलती है |
जानने की बात: गोंडी मध्य भारत की एक बड़ी जनजातीय बोली है। यह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना में बोली जाती है।