प्र1.
• अपनी कक्षा से किन्हीं दो ऐसी समस्याओं को चुनिए जिन पर न्याय किया जाना है। • कक्षा को दो समूहों में विभाजित कीजिए। • दोनों समूह एक समस्या लेकर उस पर विचार करेंगे। • तत्पश्चात दोनों समूह एक-एक कर नाटक-मंचन के द्वारा समस्या को सुलझाएँगे। • दर्शक समूह प्रतिपुष्टि प्रदान करेंगे।
उत्तर
यह पूरी कक्षा के साथ करने वाली गतिविधि है। पाँचों निर्देशों को इस क्रम में कीजिए —
- समस्या चुनिए। दो ऐसी समस्याएँ चुनिए जो सचमुच आपकी कक्षा में होती हों। जैसे — पानी की बोतल किसकी है, खेल में किसकी बारी पहले, कक्षा की सफ़ाई कौन करेगा, टूटी हुई खिड़की किसने तोड़ी।
- दो समूह बनाइए। कक्षा को आधा-आधा बाँट लीजिए। हर समूह एक समस्या लेगा।
- समूह में विचार कीजिए। तय कीजिए — कौन फरियादी बनेगा, कौन दूसरा पक्ष, कौन गवाह और कौन न्याय करने वाला। संवाद छोटे-छोटे लिखिए।
- नाटक कीजिए। एक-एक करके दोनों समूह अपना नाटक दिखाएँ। हर नाटक पाँच मिनट से बड़ा न हो।
- प्रतिपुष्टि दीजिए। जो समूह देख रहा है, वह अगले प्रश्न की तालिका के चार बिंदुओं पर अंक दे और एक अच्छी बात तथा एक सुधार बताए।
अच्छे नाटक में यह ज़रूर हो — समस्या साफ़ दिखे, दोनों पक्षों की बात सुनी जाए, कम से कम एक गवाह हो, फैसला कारण के साथ सुनाया जाए, और अंत में दोनों पक्ष फैसला मान लें।
नमूना उत्तर — एक छोटा नाटक “किसकी बोतल?”
| पात्र | संवाद |
|---|---|
| न्यायकर्ता | शांत हो जाइए। एक-एक करके बोलिए। पहले रवि, तुम अपनी बात कहो। |
| रवि (फरियादी) | यह नीली बोतल मेरी है। कल मेरी माँ ने मुझे दी थी। आज सुबह से गायब है। |
| सोहन (दूसरा पक्ष) | पर यह बोतल तो मेरे बस्ते में थी। मैं इसे रोज़ लाता हूँ। |
| न्यायकर्ता | कोई गवाह है? मीना, तुम रवि के पास बैठती हो। तुमने क्या देखा? |
| मीना (गवाह) | मैंने सुबह देखा था कि रवि के पास नीली बोतल थी। खेल के मैदान से लौटते समय बोतलें आपस में मिल गई थीं। |
| न्यायकर्ता | ठीक है। रवि, तुम्हारी बोतल पर कोई निशान है? |
| रवि | हाँ, ढक्कन के नीचे मेरा नाम लिखा है। |
| न्यायकर्ता (फैसला) | बोतल खोलकर देखी गई। ढक्कन के नीचे रवि का नाम है, इसलिए यह बोतल रवि की है। सोहन ने जान-बूझकर नहीं ली थी, दोनों बोतलें एक जैसी होने से भूल हो गई। इसलिए किसी को दोषी नहीं ठहराया जाएगा। आगे से सब अपनी बोतल पर अपना नाम लिखेंगे। |
| सोहन | मुझे खेद है, रवि। मैं ध्यान से नहीं देख पाया था। |
| रवि | कोई बात नहीं। बोतलें सचमुच एक जैसी हैं। |
यह नाटक अच्छा क्यों है: इसमें वही तरीका है जो कहानी के लड़के का था — पहले दोनों के बयान, फिर गवाही, फिर सवाल, फिर कारण के साथ फैसला। फैसला सिर्फ़ “बोतल रवि की है” नहीं है; उसमें आगे के लिए एक हल भी है — सब अपना नाम लिखें। अच्छा न्याय झगड़ा खत्म करता है, नया झगड़ा नहीं बनाता।
शिक्षण-संकेत (पुस्तक से): शिक्षक इस गतिविधि में समस्याओं के चुनाव, संवाद-रचना, नाटक-मंचन और कक्षा में समूहों को व्यवस्थित करने में बच्चों की सहायता करें। यह भी सुनिश्चित करें कि कक्षा का प्रत्येक बच्चा इस गतिविधि में सम्मिलित हो।