यह आपके अपने जीवन का प्रश्न है। इसका उत्तर हर बच्चे का अलग होगा।
चरण 1 — समस्याओं को दो-तीन तरह में बाँटिए (घर की, पढ़ाई की, दोस्तों की)।
चरण 2 — हर तरह की समस्या के लिए बताइए कि आप किसके पास जाते हैं।
चरण 3 — हर एक के लिए कारण दीजिए — वह व्यक्ति यह काम अच्छी तरह क्यों कर पाता है।
नमूना उत्तर (तालिका के रूप में सोचिए):
| समस्या | किसके पास जाता हूँ | क्यों |
|---|---|---|
| पढ़ाई में कुछ समझ न आए | अपनी शिक्षिका के पास | वे धीरे-धीरे और आसान तरीके से समझाती हैं, और डाँटती नहीं। |
| दोस्तों से झगड़ा हो जाए | कक्षा के मॉनीटर या बड़े भाई के पास | वे दोनों की बात सुनते हैं और किसी एक का पक्ष नहीं लेते। |
| घर की कोई परेशानी | माता-पिता के पास | वे मुझे सबसे अच्छी तरह जानते हैं और मेरी भलाई चाहते हैं। |
| मन उदास हो | दादी के पास | वे बिना टोके पूरी बात सुनती हैं और हौसला बढ़ाती हैं। |
| मोहल्ले का कोई झगड़ा | गाँव के बुज़ुर्गों या पंचायत के पास | उनका अनुभव ज़्यादा है और उनकी बात सब मानते हैं। |
पूरा नमूना उत्तर: मैं अपनी अलग-अलग समस्याओं के लिए अलग-अलग लोगों के पास जाता हूँ। पढ़ाई की उलझन में मैं अपनी शिक्षिका के पास जाता हूँ, क्योंकि वे बहुत धीरज से समझाती हैं। दोस्तों से झगड़ा होने पर मैं कक्षा के मॉनीटर के पास जाता हूँ, क्योंकि वह दोनों की बात सुनता है और किसी का पक्ष नहीं लेता। घर की बात हो तो मैं माता-पिता से कहता हूँ। मैं इन्हीं लोगों के पास इसलिए जाता हूँ क्योंकि ये तीनों बातें इनमें हैं — ये मेरी बात पूरी सुनते हैं, ये सच का साथ देते हैं और ये मेरी बात दूसरों में नहीं फैलाते।