कक्षा ५ हिंदी अध्याय 2 पुस्तकालय एवं अन्य स्रोत के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
पुस्तकालय में से यह पुस्तक (सिंहासन बत्तीसी) खोजकर पढ़िए और अपनी मनपसंद कहानी कक्षा में सुनाइए।
उत्तर

यह करके देखने वाला काम है। पहले जान लीजिए कि आप ढूँढ़ क्या रहे हैं।

पुस्तक के बारे में (पाठ्यपुस्तक से): आपने जो कहानी पढ़ी, वह हमारे देश की सैकड़ों वर्ष पुरानी पुस्तक सिंहासन बत्तीसी पर आधारित है। इसमें राजा भोज को ज़मीन में गड़ा राजा विक्रमादित्य का सिंहासन मिलता है, जिसमें बत्तीस मूर्तियाँ जड़ी होती हैं। हर मूर्ति राजा भोज को राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाती है।

कैसे कीजिए — चार चरण:

  1. पुस्तकालय जाकर कहानी-संग्रह वाली अलमारी देखिए, या पुस्तकालय-प्रभारी से “सिंहासन बत्तीसी” माँगिए।
  2. अनुक्रमणिका से कोई एक कहानी चुनिए और उसे दो बार पढ़िए — पहली बार समझने के लिए, दूसरी बार सुनाने के लिए।
  3. कागज़ पर पाँच बिंदु लिखिए — पात्र, समस्या, मोड़, फैसला, सीख।
  4. कक्षा में उन्हीं पाँच बिंदुओं के सहारे कहानी सुनाइए। पात्रों की बात कहते समय आवाज़ बदलिए, इससे सुनने का मज़ा बढ़ता है।

नमूना (कहानी सुनाने की शुरुआत ऐसी हो सकती है): “आज मैं आपको सिंहासन बत्तीसी की एक कहानी सुनाऊँगा। इसमें राजा भोज एक बार फिर सिंहासन पर बैठने चलते हैं और सत्रहवीं मूर्ति उन्हें रोक देती है। वह कहती है — पहले यह सुनिए कि राजा विक्रमादित्य ने एक भूखे यात्री के लिए क्या किया था…”

इस पाठ से जोड़िए: हमारी कहानी में मूर्तियाँ केवल चार हैं और वे प्रश्न पूछती हैं। सिंहासन बत्तीसी में मूर्तियाँ बत्तीस हैं और वे कहानी सुनाती हैं। दोनों जगह मूर्तियों का काम एक ही है — यह जाँचना कि बैठने वाला सचमुच योग्य है या नहीं।
प्र2.
सिंहासन बत्तीसी की तरह भारत में अनेक पारंपरिक कहानियाँ प्रचलित हैं, जैसे – पंचतंत्र, हितोपदेश, जातक कथाएँ आदि। इन्हें भी पुस्तकालय से ढूँढ़कर पढ़िए।
उत्तर

ये तीनों भारत के बहुत पुराने कहानी-संग्रह हैं। इन्हें पढ़ने से पहले इतना जान लीजिए —

पुस्तकइसमें क्या मिलेगाएक प्रसिद्ध कहानी
पंचतंत्रपशु-पक्षी बोलते हैं और हर कहानी के अंत में एक सीख मिलती है। यह पाँच भागों (तंत्रों) में बँटी है।“एकता में बल” — कबूतरों का जाल समेत उड़ जाना
हितोपदेशयह भी पशु-कथाओं की पुस्तक है। “हित” यानी भलाई और “उपदेश” यानी सीख — नाम में ही इसका काम छिपा है।मित्रलाभ की कहानियाँ — कौआ, कछुआ, हिरन और चूहे की मित्रता
जातक कथाएँये महात्मा बुद्ध के पिछले जन्मों की कहानियाँ मानी जाती हैं। इनमें दया, सच्चाई और त्याग की बातें आती हैं।“बंदर और मगर” जैसी अनेक कथाएँ

कैसे कीजिए — तीन चरण:

  1. पुस्तकालय से इनमें से कोई एक पुस्तक लीजिए और सप्ताह में कम से कम दो कहानियाँ पढ़िए।
  2. एक छोटी कॉपी बनाइए — कहानी का नाम / पात्र / सीख। हर कहानी के लिए तीन पंक्तियाँ लिखिए।
  3. महीने के अंत में कक्षा में अपनी सबसे पसंदीदा कहानी सुनाइए और बताइए कि वह सीख आपको क्यों अच्छी लगी।
ध्यान दीजिए: न्याय की कुर्सी भी इसी परंपरा की कहानी है — जिसमें कोई अनोखी बात होती है और अंत में एक सीख मिलती है। इसीलिए पाठ्यपुस्तक ने इन पुस्तकों की ओर आपका ध्यान दिलाया है।
क्या यह उपयोगी रहा?