कक्षा ५ हिंदी अध्याय 4 भाषा की बात के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्यों को पुनः लिखिए— एक दिन वल्लरी को उसके मित्र चाऊतान ने अपने घर बुलाया। (रेखांकित शब्द — मित्र, घर)
उत्तर

नया वाक्य: एक दिन वल्लरी को उसके सखा चाऊतान ने अपने निवास पर बुलाया।

समानार्थी शब्द यानी वे शब्द जिनका अर्थ एक जैसा हो।

रेखांकित शब्दसमानार्थी शब्द
मित्रसखा, दोस्त, साथी, संगी
घरनिवास, मकान, गृह, आवास

एक और तरीके से: एक दिन वल्लरी को उसके दोस्त चाऊतान ने अपने मकान पर बुलाया।

ध्यान रखिए: समानार्थी शब्द बदलने पर बाकी वाक्य वैसा ही रहना चाहिए। केवल रेखांकित शब्द की जगह नया शब्द आएगा, और ज़रूरत हो तो ‘पर’, ‘में’ जैसा छोटा शब्द ठीक कर लीजिए।
प्र2.
हमारे गाँव के लोगों ने नदी के किनारे एक मंदिर बनाया है। (रेखांकित शब्द — गाँव, नदी, किनारे)
उत्तर

नया वाक्य: हमारे ग्राम के लोगों ने सरिता के तट पर एक मंदिर बनाया है।

रेखांकित शब्दसमानार्थी शब्द
गाँवग्राम, देहात
नदीसरिता, तटिनी, तरंगिणी
किनारातट, तीर, कगार
छोटी-सी सावधानी: ‘किनारे’ के साथ ‘के’ आता है — ‘नदी के किनारे’। पर ‘तट’ के साथ ‘पर’ अच्छा लगता है — ‘सरिता के तट पर’। शब्द बदलने पर वाक्य को एक बार बोलकर पढ़िए; कान स्वयं बता देगा कि कहाँ ‘के’ चाहिए और कहाँ ‘पर’।
प्र3.
बीच-बीच में पेड़ों की हरी-भरी टहनियाँ सजाई गई थीं। (रेखांकित शब्द — पेड़ों, टहनियाँ)
उत्तर

नया वाक्य: बीच-बीच में वृक्षों की हरी-भरी शाखाएँ सजाई गई थीं।

रेखांकित शब्दसमानार्थी शब्द
पेड़वृक्ष, तरु, दरख़्त
टहनीशाखा, डाली, डाल

एक और तरीके से: बीच-बीच में तरुओं की हरी-भरी डालियाँ सजाई गई थीं।

प्र4.
आज हमारे यहाँ साङ्केन का त्योहार है। (रेखांकित शब्द — त्योहार)
उत्तर

नया वाक्य: आज हमारे यहाँ साङ्केन का पर्व है।

रेखांकित शब्दसमानार्थी शब्द
त्योहारपर्व, उत्सव, तीज-त्योहार
थोड़ा-सा अंतर भी समझिए: ‘पर्व’ और ‘त्योहार’ लगभग एक ही हैं। ‘उत्सव’ का प्रयोग किसी भी खुशी के आयोजन के लिए होता है — जैसे विद्यालय का वार्षिक उत्सव। इसीलिए यहाँ ‘पर्व’ सबसे ठीक बैठता है।
प्र5.
दिए गए उदाहरण को समझकर वाक्यों को पूरा कीजिए— जहाँ देखो हरियाली ही हरियाली और फूल ही फूल! (रेखांकित शब्द — हरियाली ही हरियाली, फूल ही फूल)
उत्तर

यह पुस्तक में दिया हुआ उदाहरण है। पहले इसकी बनावट समझ लीजिए, फिर बाकी वाक्य अपने आप बन जाएँगे।

जहाँ देखो हरियाली ही हरियाली और फूल ही फूल!
बनावट → शब्द + ही + वही शब्द

इसका अर्थ क्या है? जब कोई चीज़ इतनी अधिक हो कि उसके सिवा कुछ और दिखाई ही न दे, तब हम उस शब्द को दो बार बोलते हैं और बीच में ‘ही’ लगा देते हैं। इससे बहुतायत यानी बहुत अधिक होने का भाव आ जाता है।

कुछ और उदाहरण:

  • मेले में जहाँ देखो भीड़ ही भीड़!
  • बारिश के बाद जहाँ देखो पानी ही पानी!
  • रेगिस्तान में जहाँ देखो रेत ही रेत!
ध्यान दीजिए: यह वाक्य पाठ के पहले ही पृष्ठ का है। लेखक ने चौखाम की हरियाली दिखाने के लिए यही तरीका बरता था — “जिधर देखो, हरियाली ही हरियाली और फूल ही फूल।”
प्र6.
मैं समुद्र के किनारे गई, जहाँ देखो ……………… पानी!
उत्तर

पूरा वाक्य: मैं समुद्र के किनारे गई, जहाँ देखो पानी ही पानी!

रिक्त स्थान में ‘पानी ही’ आएगा, क्योंकि वाक्य के अंत में ‘पानी’ पहले से छपा है। पूरा जोड़ बनता है — पानी ही पानी

क्यों ठीक बैठता है: समुद्र के किनारे खड़े होकर जिधर भी देखो, पानी ही दिखाई देता है — न पेड़, न घर, न सड़क। इसी को कहते हैं ‘पानी ही पानी’।
प्र7.
मेरा गाँव केरल में है; जहाँ देखो नारियल के पेड़ ……………… !
उत्तर

पूरा वाक्य: मेरा गाँव केरल में है; जहाँ देखो नारियल के पेड़ ही नारियल के पेड़!

यहाँ ‘नारियल के पेड़’ पहले से लिखा है, इसलिए रिक्त स्थान में ‘ही नारियल के पेड़’ आएगा।

जानने की बात: केरल में सचमुच बहुत नारियल होते हैं। ‘केरल’ नाम को कई लोग ‘केरा’ यानी नारियल से जोड़कर देखते हैं। वहाँ नारियल के पेड़ समुद्र के किनारे-किनारे दूर तक फैले रहते हैं।
प्र8.
मुंबई में जिधर देखो ……………… !
उत्तर

पूरा वाक्य (नमूना): मुंबई में जिधर देखो भीड़ ही भीड़!

यहाँ खाली जगह पूरी है, इसलिए आप अपनी पसंद का जोड़ा बना सकते हैं। बस नियम वही रहे — शब्द + ही + वही शब्द

और तरीके:

  • मुंबई में जिधर देखो ऊँची इमारतें ही ऊँची इमारतें!
  • मुंबई में जिधर देखो गाड़ियाँ ही गाड़ियाँ!
  • मुंबई में जिधर देखो लोग ही लोग!
प्र9.
……………… की दुकान में जहाँ देखो ……………… !
उत्तर

पूरा वाक्य (नमूना): मिठाई की दुकान में जहाँ देखो मिठाई ही मिठाई!

इस वाक्य में दो जगह भरनी हैं। पहली जगह में दुकान का नाम आएगा और दूसरी जगह में उसी चीज़ का जोड़ा।

पहली जगह (दुकान)दूसरी जगह (जोड़ा)
चूड़ीचूड़ियाँ ही चूड़ियाँ!
किताबकिताबें ही किताबें!
कपड़ेकपड़े ही कपड़े!
खिलौनेखिलौने ही खिलौने!
फूलफूल ही फूल!
एक सावधानी: दोनों जगह एक ही चीज़ आनी चाहिए। ‘मिठाई की दुकान में जहाँ देखो चूड़ियाँ ही चूड़ियाँ!’ — ऐसा वाक्य हँसी की बात बन जाएगा।
प्र10.
रेखांकित शब्दों के वचन बदलकर वाक्य पूरा कीजिए— शोभायात्रा में बड़ी मूर्ति की पालकी सबसे पीछे थी और छोटी मूर्तियों की …………… आगे थीं। (रेखांकित शब्द — पालकी)
उत्तर

यह पुस्तक में दिया हुआ उदाहरण है। खाली जगह में लाल रंग से पहले ही भरा है — पालकियाँ

पालकी (एकवचन)  →  पालकियाँ (बहुवचन)

वचन का अर्थ है — शब्द से यह पता चलना कि चीज़ एक है या एक से अधिक।

  • एकवचन — एक चीज़ का बोध (पालकी, नदी, बालटी)
  • बहुवचन — एक से अधिक चीज़ों का बोध (पालकियाँ, नदियाँ, बालटियाँ)
नियम पकड़िए: जो शब्द ‘ी’ पर समाप्त होते हैं, उनका बहुवचन प्रायः ‘ियाँ’ से बनता है — पालकी → पालकियाँ, नदी → नदियाँ, लड़की → लड़कियाँ, टोकरी → टोकरियाँ।
प्र11.
बाँस की खपच्चियाँ उधर रखी हैं, एक …………… मुझे दे दीजिए। (रेखांकित शब्द — खपच्चियाँ)
उत्तर

पूरा वाक्य: बाँस की खपच्चियाँ उधर रखी हैं, एक खपच्ची मुझे दे दीजिए।

खपच्चियाँ (बहुवचन)  →  खपच्ची (एकवचन)

वाक्य में ‘एक’ शब्द आया है, इसलिए यहाँ एकवचन ही आएगा। ‘एक खपच्चियाँ’ कहना ग़लत होगा।

नियम: जो शब्द ‘इयाँ’ पर समाप्त होते हैं, उनका एकवचन प्रायः ‘ी’ पर समाप्त होता है — खपच्चियाँ → खपच्ची, टोकरियाँ → टोकरी, चिड़ियाँ → चिड़िया, लड़कियाँ → लड़की।
पाठ से जोड़िए: मंदिर की दीवारें इन्हीं खपच्चियों से बनी थीं — “मंदिर की जालीदार दीवारें बाँस और बाँस की खपच्चियों से बनी हुई थीं।” खपच्ची यानी बाँस की पतली-लंबी फट्टी।
प्र12.
गंगा एक पवित्र नदी है। भारत में अनेक पवित्र …………… हैं। (रेखांकित शब्द — नदी)
उत्तर

पूरा वाक्य: गंगा एक पवित्र नदी है। भारत में अनेक पवित्र नदियाँ हैं।

नदी (एकवचन)  →  नदियाँ (बहुवचन)

वाक्य में ‘अनेक’ शब्द है, इसलिए बहुवचन आएगा। साथ में क्रिया भी बदल जाती है — ‘है’ की जगह ‘हैं’, जो वाक्य में पहले से छपा है।

जानने की बात: गंगा के अलावा यमुना, गोदावरी, नर्मदा, कावेरी और ब्रह्मपुत्र भी पवित्र मानी जाती हैं। अरुणाचल प्रदेश से होकर बहने वाली सियांग आगे चलकर असम में ब्रह्मपुत्र कहलाती है।
प्र13.
मेरे जन्मदिन पर कई प्रकार की मिठाइयाँ थीं लेकिन मुझे रसगुल्ले की …………… सबसे अच्छी लगती है। (रेखांकित शब्द — मिठाइयाँ)
उत्तर

पूरा वाक्य: मेरे जन्मदिन पर कई प्रकार की मिठाइयाँ थीं लेकिन मुझे रसगुल्ले की मिठाई सबसे अच्छी लगती है।

मिठाइयाँ (बहुवचन)  →  मिठाई (एकवचन)

वाक्य के अंत में ‘लगती है’ आया है — यह एकवचन की क्रिया है। इसलिए खाली जगह में एकवचन ‘मिठाई’ ही बैठेगा।

पूरा वाक्य ध्यान से पढ़िए: इसी एक वाक्य में दोनों वचन साथ-साथ आए हैं — पहले मिठाइयाँ (बहुवचन, क्योंकि ‘कई प्रकार की’ थीं) और फिर मिठाई (एकवचन, क्योंकि बात केवल रसगुल्ले की हो रही है)।
नियम: मिठाइयाँ → मिठाई, दवाइयाँ → दवाई, रोटियाँ → रोटी। बहुवचन का ‘याँ’ हटते ही शब्द एकवचन बन जाता है।
प्र14.
सारी बालटियाँ पानी से भर गई हैं, केवल एक …………… बची है। (रेखांकित शब्द — बालटियाँ)
उत्तर

पूरा वाक्य: सारी बालटियाँ पानी से भर गई हैं, केवल एक बालटी बची है।

बालटियाँ (बहुवचन)  →  बालटी (एकवचन)

‘केवल एक’ का अर्थ ही एक है, इसलिए यहाँ एकवचन आएगा।

पाँचों वाक्यों की एक ही सीख: वाक्य में कोई-न-कोई शब्द सुराग देता है कि एकवचन चाहिए या बहुवचन — ‘एक’, ‘केवल एक’, ‘अनेक’, ‘सारी’, ‘कई’। पहले उस शब्द को पहचानिए, फिर वचन बदलिए।
प्र15.
जब किसी की बात ज्यों की त्यों लिखी जाती है तब एक चिह्न लगाया जाता है। इसे उद्धरण चिह्न कहते हैं। उदाहरण के लिए— चाऊतान बोला, “आज से हमारा नया वर्ष आरंभ होता है।” पाठ में आए ऐसे चार वाक्य खोजकर लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर

उद्धरण चिह्न ये हैं — “ ”। जब हम किसी के बोले हुए शब्द बिलकुल वैसे ही लिखते हैं, तब उन्हें इन्हीं चिह्नों के भीतर रखते हैं।

पाठ में से चार वाक्य —

  1. वल्लरी ने चाऊतान से पूछा, “ये लोग कहाँ जा रहे हैं? बहुत प्रसन्न दिख रहे हैं।”
  2. “क्या हम लोग भी शोभायात्रा में सम्मिलित हो सकते हैं?” वल्लरी के पिताजी ने पूछा।
  3. उसने चाऊतान से कहा, “चाऊतान भाई, लगता है कि लोग होली का त्योहार मना रहे हैं।”
  4. “तीन दिन तक इसी तरह साङ्केन मनाया जाता है।” चाऊतान ने बताया।

पाठ में ऐसे और भी वाक्य हैं —

  • “हाँ-हाँ, अवश्य। चलिए, हम सब शोभायात्रा में चलते हैं।” चाऊतान के पिताजी बोले।
  • वल्लरी ने बताया, “हमारे यहाँ भी होली से ही नया वर्ष आरंभ होता है।”
  • चाऊतान ने बताया, “आज शाम को हम लोग भी अपने ताऊजी के यहाँ जाएँगे।”
बात कहने वालाज्यों-की-त्यों कही गई बात
वल्लरी“ये लोग कहाँ जा रहे हैं? बहुत प्रसन्न दिख रहे हैं।”
वल्लरी के पिताजी“क्या हम लोग भी शोभायात्रा में सम्मिलित हो सकते हैं?”
चाऊतान के पिताजी“हाँ-हाँ, अवश्य। चलिए, हम सब शोभायात्रा में चलते हैं।”
चाऊतान“तीन दिन तक इसी तरह साङ्केन मनाया जाता है।”
लिखने का नियम — दो चरण:
चरण 1 — बोलने वाले का नाम और ‘बोला/पूछा/बताया/कहा’ लिखिए, फिर अल्पविराम (,) लगाइए।
चरण 2 — बोली हुई बात को उद्धरण चिह्न के भीतर रखिए और पूर्ण विराम (।) या प्रश्नवाचक चिह्न (?) भी उद्धरण चिह्न के अंदर ही रखिए।
दोनों का क्रम उलटा भी हो सकता है — पहले बात, फिर “… चाऊतान ने बताया।”
प्र16.
पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें हिंदी वर्णमाला के क्रम में लिखिए, जैसे— कलम, खरगोश, गगन… (करेला, समय, मठ, तट, नमकीन, जल, वन, मटका)
उत्तर

वर्णमाला के क्रम में:

करेला, जल, तट, नमकीन, मटका, मठ, वन, समय

यह क्रम कैसे निकाला — चरण दर चरण:

  1. पहले हर शब्द का पहला अक्षर देखिए।
  2. अब उन अक्षरों को वर्णमाला के क्रम में रखिए — क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ, म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह।
  3. यदि दो शब्दों का पहला अक्षर एक ही हो, तो दूसरा अक्षर देखिए।
क्रमशब्दपहला अक्षरक्यों यहाँ
1करेला‘क’ वर्णमाला का पहला व्यंजन है।
2जल‘ज’ ‘क’ के बाद और ‘ट’ से पहले आता है।
3तट‘त’ ‘ज’ के बाद आता है।
4नमकीन‘न’ ‘त’ वर्ग के बाद आता है।
5मटका‘म’ पर दो शब्द हैं। दूसरा अक्षर देखिए — मटका में ‘ट’, मठ में ‘ठ’। ‘ट’ पहले आता है।
6मठ‘ठ’ ‘ट’ के बाद आता है, इसलिए मठ बाद में।
7वन‘व’ ‘म’ के बाद आता है।
8समय‘स’ इन सब में सबसे बाद में आता है।
सबसे ज़रूरी बात: ‘मटका’ और ‘मठ’ में ही असली परीक्षा है। दोनों ‘म’ से शुरू होते हैं, इसलिए दूसरा अक्षर देखना पड़ा — ट पहले, ठ बाद में। शब्दकोश (डिक्शनरी) में शब्द इसी तरीके से जमाए जाते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?