त्योहार से पहले घर में कई काम होते हैं। उन्हें तीन भागों में बाँटकर लिखिए — सफ़ाई-सजावट, खरीदारी और खाना बनाना। पाठ में भी चाऊतान के पिताजी साङ्केन से पहले घर की सफाई कर रहे थे और माताजी पकवान बना रही थीं।
| तैयारी | क्या-क्या किया जाता है |
|---|---|
| सफ़ाई | पूरे घर की झाड़-पोंछ, आँगन की धुलाई, पुराना सामान हटाना, कहीं-कहीं रंग-रोगन |
| सजावट | दरवाज़े पर तोरण या बंदनवार, आँगन में रंगोली, दीये या झालर लगाना, फूलों की माला |
| खरीदारी | नए कपड़े, पूजा का सामान, मिठाई-नमकीन की सामग्री, बच्चों के लिए रंग या पटाखे-रहित सजावट |
| रसोई | मिठाइयाँ और नमकीन बनाना, मेहमानों के लिए विशेष भोजन की तैयारी |
| मेल-मिलाप | रिश्तेदारों को बुलाना, पड़ोसियों को मिठाई भेजना, बड़ों से आशीर्वाद लेना |
नमूना उत्तर: हमारे घर में त्योहार से एक सप्ताह पहले ही तैयारी शुरू हो जाती है। सबसे पहले पूरे घर की सफ़ाई होती है। पिताजी छत और आँगन धोते हैं, माँ अलमारियाँ साफ़ करती हैं और मैं अपनी किताबों की मेज़ ठीक करता हूँ। फिर बाज़ार से नए कपड़े और पूजा का सामान आता है। एक दिन पहले माँ मिठाई और नमकीन बनाती हैं और मैं आँगन में रंगोली बनाने में उनकी सहायता करता हूँ।