प्र1.
नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर अरुणाचल प्रदेश के बारे में शिक्षकों और पुस्तकालय की सहायता से महत्वपूर्ण जानकारी जुटाइए। (राजधानी, पड़ोसी राज्य, भाषा, मुख्य फसल, त्योहार, नृत्य, परिधान)
उत्तर
पुस्तक ने सात बिंदु दिए हैं। सातों की जानकारी नीचे तालिका में भरी गई है। आप इसे अपनी लेखन-पुस्तिका में उतार लीजिए और शिक्षक या पुस्तकालय की सहायता से इसमें और बातें जोड़िए।
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| राजधानी | ईटानगर |
| पड़ोसी राज्य | असम और नागालैंड। इसकी सीमाएँ तीन देशों से भी लगती हैं — उत्तर में चीन (तिब्बत), पश्चिम में भूटान और पूर्व में म्यांमार। |
| भाषा | यहाँ अनेक जनजातीय भाषाएँ बोली जाती हैं — निशी, आदि, गालो, आपातानी, मोनपा, खामती, वांचो, नोक्ते आदि। राजकाज की भाषा अंग्रेज़ी है और आपस में बात करने के लिए हिंदी तथा असमिया-मिश्रित बोली का भी प्रयोग होता है। |
| मुख्य फसल | धान (चावल) मुख्य फसल है। इसके अलावा मक्का, बाजरा, दालें और तिलहन होते हैं। फलों में संतरा, अनानास, सेब तथा मसालों में अदरक और बड़ी इलायची प्रसिद्ध हैं। |
| त्योहार | साङ्केन (जो इसी पाठ में है), लोसर, मोपिन, सोलुंग, न्योकुम, द्री, रेह, सी-दोन्यी और बूरी-बूट। |
| नृत्य | पोनुंग, वांचो युद्ध-नृत्य, बर्दो छम, याक छम (याक नृत्य), पासी कोंगकी और रिखमपाड़ा। |
| परिधान | स्त्रियाँ ‘गाले’ नाम का लपेटकर पहना जाने वाला रंगीन वस्त्र और ऊपर शॉल पहनती हैं। पुरुष घुटनों तक का कुर्ता या जैकेट, कमर में लपेटा वस्त्र और बेंत-बाँस की टोपी पहनते हैं। ठंडे ऊपरी क्षेत्रों में मोनपा लोग ऊन का लंबा वस्त्र पहनते हैं। |
पाठ से जोड़िए: पाठ का चौखाम अरुणाचल प्रदेश के नामसाई क्षेत्र में है। वहाँ खामती समुदाय के लोग रहते हैं, जो बौद्ध धर्म मानते हैं। इसीलिए पाठ में बौद्ध-विहार, भिक्षु और भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ आती हैं। साङ्केन प्रायः अप्रैल के मध्य में तीन दिन तक मनाया जाता है।
और क्या जोड़ सकते हैं: अरुणाचल प्रदेश को ‘उगते सूरज का प्रदेश’ कहा जाता है, क्योंकि भारत में सूरज की पहली किरण यहीं पड़ती है। तवांग का बौद्ध मठ और नामदफा राष्ट्रीय उद्यान यहाँ के प्रसिद्ध स्थान हैं। सियांग नदी आगे चलकर असम में ब्रह्मपुत्र कहलाती है।