कक्षा ५ हिंदी अध्याय 5 भूल-भुलैया के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
बाएँ से दाएँ का सूचक — 1. हीरासिंह कहाँ रहता था? (चार खाने; पहले खाने में ‘ह’, तीसरे में ‘या’)
उत्तर

उत्तर — हरियाणा

ह | रि | या | णा
पहला खाना ‘ह’ और तीसरा खाना ‘या’ पहले से छपा है — दोनों ठीक बैठते हैं।

पाठ की पहली ही पंक्ति यह बता देती है — “हरियाणा के किसी गाँव में हीरासिंह नामक एक किसान था।”

पूरी पहेली एक नज़र में —
क्रमदिशासूचकउत्तरखाने
1बाएँ से दाएँहीरासिंह कहाँ रहता था?हरियाणा4
2ऊपर से नीचेगाय का नाम क्या था?सुंदरिया4
3बाएँ से दाएँजवाहरसिंह सुंदरिया को क्या कहा करता था?मौसी2
4बाएँ से दाएँसेठ के यहाँ हीरासिंह को कौन-सी नौकरी मिली?चौकीदार4
5ऊपर से नीचेमापन की एक प्राचीन इकाई।सेर2
6ऊपर से नीचेसुंदरिया को क्या कहा गया है?कामधेनु4
7बाएँ से दाएँदूध से क्या बनता है?मक्खन3
8बाएँ से दाएँसुंदरिया ने स्वयं को क्या कहा?दुखिया3
9बाएँ से दाएँसुंदरिया सेठ को दिखने में कैसी लगी?सुंदर3
10बाएँ से दाएँहीरासिंह कैसा व्यक्ति था?ईमानदार5
11ऊपर से नीचे‘दार’ प्रत्यय से एक शब्द बनाइए।समझदार5
12ऊपर से नीचे‘सिपुर्द’ का अर्थ क्या है?सौंपना3
प्र2.
ऊपर से नीचे का सूचक — 2. गाय का नाम क्या था? (चार खाने; पहले खाने में ‘सुं’; अंतिम खाना क्रम 1 वाले ‘या’ से मिलता है)
उत्तर

उत्तर — सुंदरिया

सुं | द | रि | या

पहला खाना ‘सुं’ छपा हुआ है। सबसे नीचे वाला खाना क्रम 1 (हरियाणा) के तीसरे खाने ‘या’ पर आकर मिलता है — इसी से दोनों शब्द जुड़ जाते हैं।

यही पाठ का शीर्षक भी है और गाय का नाम भी।

प्र3.
बाएँ से दाएँ का सूचक — 3. जवाहरसिंह सुंदरिया को क्या कहा करता था? (दो खाने; दूसरे में ‘सी’)
उत्तर

उत्तर — मौसी

मौ | सी

पाठ की पंक्ति — “उसका बड़ा लड़का जवाहरसिंह सुंदरिया को मौसी कहा करता था।”

मौसी माँ की बहन को कहते हैं। इसी एक शब्द से पता चल जाता है कि गाय उस घर के लिए कितनी अपनी थी।
प्र4.
बाएँ से दाएँ का सूचक — 4. सेठ के यहाँ हीरासिंह को कौन-सी नौकरी मिली? (चार खाने; पहले में ‘चौ’, तीसरे में ‘दा’)
उत्तर

उत्तर — चौकीदार

चौ | की | दा | र

पाठ की पंक्ति — “वहाँ उसे एक सेठ के यहाँ चौकीदार की नौकरी मिल गई।”

इस शब्द का आखिरी खाना ‘र’ नीचे जाने वाले क्रम 5 (सेर) से जुड़ा हुआ है।

प्र5.
ऊपर से नीचे का सूचक — 5. मापन की एक प्राचीन इकाई। (दो खाने; पहले में ‘से’)
उत्तर

उत्तर — सेर

से | र

‘र’ वाला खाना क्रम 4 (चौकीदार) के आखिरी खाने से मिलता है।

पाठ में दूध इसी माप से नापा गया है — “पंद्रह सेर दूध उसके तले उतरता है”, “साढ़े तेरह सेर दूध”। एक सेर लगभग एक किलोग्राम के बराबर होता था।

प्र6.
ऊपर से नीचे का सूचक — 6. सुंदरिया को क्या कहा गया है? (चार खाने; पहले में ‘का’, अंतिम में ‘नु’)
उत्तर

उत्तर — कामधेनु

का | | धे | नु

पाठ की पंक्ति — “गाय तो ऐसी है कि दूध देने में कामधेनु।”

दूसरा खाना ‘म’ है और यही खाना क्रम 7 (मक्खन) का पहला अक्षर भी बन जाता है। पहला खाना ‘का’ और चौथा ‘नु’ पुस्तक में छपे हुए हैं।

कामधेनु कौन है: पुरानी कथाओं की वह गाय, जो माँगी हुई हर चीज़ दे देती थी। इसीलिए बहुत दूध देने वाली गाय को कामधेनु कहा जाता है।
प्र7.
बाएँ से दाएँ का सूचक — 7. दूध से क्या बनता है? (तीन खाने; बीच वाले में ‘क्ख’)
उत्तर

उत्तर — मक्खन

| क्ख | न

पहला खाना ‘म’ ऊपर से आ रहे क्रम 6 (कामधेनु) का दूसरा अक्षर है। बीच वाला ‘क्ख’ पुस्तक में छपा हुआ है।

दूध से दही, मलाई, मक्खन, घी, पनीर, खोया और छाछ — सब बनते हैं। पर तीन खानों में और ‘क्ख’ के साथ केवल मक्खन ही बैठता है।

प्र8.
बाएँ से दाएँ का सूचक — 8. सुंदरिया ने स्वयं को क्या कहा? (तीन खाने; पहले में ‘दु’, तीसरे में ‘या’)
उत्तर

उत्तर — दुखिया

दु | खि | या

पाठ की पंक्ति — गाय की आँखें मानो कह रही थीं — “मैं अपराधिनी हूँ। लेकिन मुझे क्षमा कर देना। मैं बड़ी दुखिया हूँ।”

दुखिया का अर्थ है — दुख भोगने वाली। यह पूरे पाठ का सबसे मार्मिक शब्द है, क्योंकि यह गाय की ओर से कहा गया है।
प्र9.
बाएँ से दाएँ का सूचक — 9. सुंदरिया सेठ को दिखने में कैसी लगी? (तीन खाने; बीच वाले में ‘द’)
उत्तर

उत्तर — सुंदर

सुं | | र

पाठ की पंक्ति — “सचमुच वैसी सुंदर, स्वस्थ गाय उन्होंने अब तक न देखी थी।”

ध्यान दीजिए: बीच का खाना ‘द’ छपा है। ‘सुंदरिया’ भी ‘सुं’ से शुरू होता है, पर वह चार खानों का शब्द है और इस पंक्ति में तीन ही खाने हैं। इसलिए यहाँ उत्तर सुंदर है।
प्र10.
बाएँ से दाएँ का सूचक — 10. हीरासिंह कैसा व्यक्ति था? (पाँच खाने; पहले में ‘ई’, तीसरे में ‘न’, पाँचवें में ‘र’)
उत्तर

उत्तर — ईमानदार

ई | मा | | दा | र

पाठ में सेठ जी खुद कहते हैं — “हीरासिंह, तुम्हारे जैसा ईमानदार चौकीदार हमें दूसरा कहाँ मिलेगा?”

इस शब्द का आखिरी खाना ‘र’ ऊपर से आ रहे क्रम 11 (समझदार) का भी आखिरी अक्षर है — यहीं दोनों शब्द मिलते हैं।

हीरासिंह की ईमानदारी कहानी में दिखती भी है — उसने सेठ को साफ़ बता दिया कि गाय उसकी अपनी है, जबकि छिपाकर वह ज़्यादा दाम भी ले सकता था।
प्र11.
ऊपर से नीचे का सूचक — 11. ‘दार’ प्रत्यय से एक शब्द बनाइए। (पाँच खाने; पहले में ‘स’, अंतिम खाना क्रम 10 वाले ‘र’ से मिलता है)
उत्तर

उत्तर — समझदार

स | म | झ | दा |

प्रत्यय वह टुकड़ा होता है जो शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बना देता है। ‘दार’ प्रत्यय से बहुत-से शब्द बनते हैं —

  • समझ + दार = समझदार
  • ईमान + दार = ईमानदार
  • दुकान + दार = दुकानदार
  • चौकी + दार = चौकीदार
  • ज़िम्मा + दार = ज़िम्मेदार
यही शब्द क्यों: खाने पाँच हैं, पहला अक्षर ‘स’ है और आखिरी ‘र’ है (जो क्रम 10 से आ रहा है)। ‘दुकानदार’ और ‘चौकीदार’ पहले अक्षर पर नहीं बैठते। ‘समझदार’ तीनों शर्तें पूरी करता है।
प्र12.
ऊपर से नीचे का सूचक — 12. ‘सिपुर्द’ का अर्थ क्या है? (तीन खाने; पहले में ‘सौं’, तीसरे में ‘ना’)
उत्तर

उत्तर — सौंपना

सौं | | ना

यह अर्थ पुस्तक ने स्वयं पृष्ठ 50 के शिक्षण-संकेत में दिया है — “सिपुर्द, रुसवाई, मसनूई … इनका अर्थ क्रमशः सौंपना, अपमान और बनावटी है।”

पाठ की पंक्ति — “घोसी को बुलाकर सेठ जी ने गाय उसके सिपुर्द कर दी।” यानी गाय घोसी को सौंप दी।

पहेली पूरी होने पर: सारे शब्द भर जाने पर रास्ता बन जाता है और महिला डाकिया भूल-भुलैया से बाहर निकलकर जवाहरसिंह का पत्र हीरासिंह तक पहुँचा देती है।
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