प्र1.
इस पाठ में दूध की मात्रा को ‘सेर’ द्वारा दर्शाया गया है जो मापन की एक प्राचीन भारतीय इकाई थी। इसी प्रकार वस्तुओं की मात्रा के मापन की और भी प्राचीन भारतीय इकाइयाँ प्रचलित थीं। आप पुस्तकालय से मापन से संबंधित पुस्तकें ढूँढ़कर मापन की अन्य प्राचीन भारतीय इकाइयों का पता लगाइए। इसके लिए आप अपने शिक्षक और अभिभावक की भी सहायता ले सकते हैं। कक्षा में सहपाठियों के साथ इसे साझा कीजिए।
उत्तर
यह खोजने वाला काम है। पुस्तकालय की किताबों से, शिक्षक से और घर के बड़ों से पूछकर आप ये इकाइयाँ पता कर सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख पुरानी भारतीय इकाइयाँ दी गई हैं।
| इकाई | किस चीज़ के लिए | लगभग कितनी |
|---|---|---|
| रत्ती | तौल — सोना, दवाई | सबसे छोटी तौल। घुँघची के बीज के बराबर। |
| माशा | तौल — सोना-चाँदी | 8 रत्ती = 1 माशा |
| तोला | तौल — सोना-चाँदी | 12 माशे = 1 तोला (लगभग 11–12 ग्राम) |
| छटाँक | तौल — घी, मसाला | 5 तोले = 1 छटाँक (लगभग 58 ग्राम) |
| पाव | तौल — सब्ज़ी, अनाज | 4 छटाँक = 1 पाव (लगभग 250 ग्राम) |
| आधा सेर / अद्धा | तौल | 2 पाव = आधा सेर |
| सेर | तौल और दूध की मात्रा | 4 पाव = 1 सेर (लगभग एक किलो) — इसी पाठ में आया है |
| धड़ी | तौल — अनाज | 5 सेर = 1 धड़ी |
| मन | तौल — अनाज की बड़ी मात्रा | 40 सेर = 1 मन (लगभग 37 किलो) |
| पसेरी | तौल — अनाज | 5 सेर का बाट, जिससे अनाज तौला जाता था |
| गज़ | लंबाई — कपड़ा | लगभग 91 सेंटीमीटर |
| हाथ | लंबाई — रस्सी, कपड़ा | कोहनी से उँगलियों तक की लंबाई |
| बालिश्त | लंबाई | खुली हथेली में अँगूठे से छोटी उँगली तक की दूरी |
| कोस | दूरी | लगभग 3 किलोमीटर। गाँवों में आज भी कहते हैं — “दो कोस दूर है।” |
| बीघा | ज़मीन का क्षेत्रफल | खेत नापने की इकाई। हर प्रदेश में इसका माप कुछ अलग है। |
कक्षा में साझा करने का तरीका —
- दो-दो के जोड़े बनाइए। हर जोड़ा दो इकाइयों पर पता लगाए।
- दादा-दादी या नाना-नानी से पूछिए — “आप बचपन में अनाज किस माप से लेते थे?”
- पास की दुकान पर पूछिए कि क्या आज भी कोई पुराना बाट रखा है।
- एक चार्ट बनाइए — एक ओर पुरानी इकाई, दूसरी ओर आज की इकाई (ग्राम, किलोग्राम, मीटर, किलोमीटर)।
पुरानी इकाइयाँ क्यों बदल गईं: ‘हाथ’ और ‘बालिश्त’ हर आदमी के अलग-अलग होते हैं। इसलिए नाप हर जगह एक-सा नहीं रहता था। सन 1956 के बाद पूरे देश में एक ही व्यवस्था — मीटर, किलोग्राम, लीटर — लागू कर दी गई, ताकि हर जगह नाप एक बराबर रहे।