प्र1.
राग सुरीला रंग से काली, सबके मन को भाती। बैठ पेड़ की डाली पर जो, मीठे गीत सुनाती।
उत्तर
सरल अर्थ — इसकी आवाज़ बहुत मीठी है और रंग काला है। यह सबको अच्छी लगती है। पेड़ की डाली पर बैठकर यह मीठे गीत गाती है।
उत्तर — कोयल
| पहेली का सुराग-शब्द | वह कोयल पर कैसे बैठता है |
|---|---|
| राग सुरीला | कोयल की कूक सबसे मीठी मानी जाती है। ‘राग’ यानी गाने का सुर। |
| रंग से काली | कोयल का रंग काला होता है। यही सबसे बड़ा सुराग है। |
| बैठ पेड़ की डाली पर | कोयल पेड़ों पर रहने वाली चिड़िया है, आम के पेड़ पर वह खूब कूकती है। |
| मीठे गीत सुनाती | वसंत में उसकी कूक सुनकर सबका मन खुश हो जाता है। |
मिलान: पुस्तक ने पृष्ठ 57 के नीचे तीनों उत्तर उलटे अक्षरों में छापे हैं — “उत्तर — कोयल, कछुआ, नाव”। पन्ने को घुमाकर पढ़िए और अपने उत्तर मिला लीजिए। पहली पहेली का उत्तर कोयल ही है।
कौआ क्यों नहीं: कौआ भी काला होता है और पेड़ पर बैठता है। पर उसकी आवाज़ ‘सुरीली’ या ‘मीठी’ नहीं कही जाती। ‘राग सुरीला’ और ‘मीठे गीत’ — ये दो शब्द कौए को बाहर कर देते हैं।