प्र1.
‘हाथी और चींटी’ रचना किस बारे में है? इसे अपने शब्दों में बताइए।
उत्तर
यह एक छोटी-सी मज़ेदार कहानी है, जो हँसते-हँसते सड़क-सुरक्षा की बात सिखा देती है। यह पाठ 5 के बाद पृष्ठ 59 पर बिना क्रमांक के छपी है।
कहानी इस तरह है —
- चींटी रानी अपनी फटफटिया (मोटर साइकिल) पर बैठकर कुश्ती देखने जा रही थी।
- रास्ते में हाथी भाई मिले। उन्होंने हाथ दिखाया तो चींटी रुक गई।
- हाथी बोला — “मैं सोच रहा था कि मेरे जैसे पहलवान को छोड़कर तुम्हें अकेले कुश्ती देखने में आनंद नहीं आएगा।”
- चींटी ने कहा — “ठीक है पहलवान भाई, पीछे बैठ जाइए।” हाथी के बैठते ही उसने सरपट फटफटिया दौड़ा दी।
- रास्ते में एक रोड़ा (पत्थर) आ गया। फटफटिया पलट गई।
- हाथी के सिर पर बहुत चोट लगी, पर चींटी को केवल मामूली-सी खरोंच आई।
रचना का भाव: कहानी बड़े-छोटे की नहीं है। यह इस बात की है कि नियम मानने वाला बच जाता है। हाथी बड़ा और ताकतवर था, फिर भी उसे ज़्यादा चोट लगी — क्योंकि उसने हेलमेट नहीं पहना था। चींटी छोटी थी, पर सुरक्षित रही।
पिछली कक्षा से जुड़ाव: रचना की पहली पंक्ति कहती है — “आपने कक्षा 3 की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’ में चींटी और हाथी की छुपन-छुपाई का आनंद लिया होगा।” यानी ये दोनों पात्र पहले भी मिल चुके हैं।