प्र1.
नीचे कुछ चित्र दिए गए हैं। इनको देखते हुए अपने समूह में चर्चा कर यह सुझाइए कि हम पशु-पक्षियों के लिए क्या-क्या कर सकते हैं। आप इनके अतिरिक्त भी कुछ और बिंदु जोड़ सकते हैं।
उत्तर
पुस्तक के पृष्ठ 55 पर छह चित्र दिए गए हैं। नीचे हर चित्र और उससे निकलने वाला सुझाव दिया गया है।
| चित्र | चित्र में क्या है | हम क्या कर सकते हैं |
|---|---|---|
| 1 | पेड़ पर लकड़ी का घर, उसमें दाना बिखरा है और तीन नीली चिड़ियाँ बैठी हैं | पेड़ पर या छत पर दाना-घर बनाकर बाँधिए और उसमें रोज़ थोड़ा बाजरा या चावल डालिए। |
| 2 | एक बछड़ा लाल रंग की झूल ओढ़े खड़ा है | सर्दी में पशुओं को झूल या बोरी ओढ़ाइए, ताकि उन्हें ठंड न लगे। |
| 3 | कटी हुई सब्ज़ियाँ — गोल-गोल सफ़ेद टुकड़े और गाजर-मूली; दो हाथ कैंची से सब्ज़ी काट रहे हैं | गाजर, मूली जैसी सब्ज़ियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर पशुओं को खिलाइए, ताकि वे आसानी से खा सकें। |
| 4 | एक लड़की गाय को नहला-पोंछ रही है, पास बालटी रखी है | पशुओं को नहलाइए और साफ़ रखिए। गंदगी से उन्हें बीमारी और कीड़े लग जाते हैं। |
| 5 | दीवार पर पीला कटोरा भरा है, एक चिड़िया पानी पी रही है, दूसरी उड़कर आ रही है | गरमी में छत या दीवार पर पानी का बरतन रखिए और रोज़ पानी बदलिए। |
| 6 | एक लड़की कटोरे से कुत्ते को खाना डाल रही है | गली के कुत्ते-बिल्ली को खाना दीजिए। बचा हुआ खाना फेंकने के बजाय उन्हें दे दीजिए। |
और भी कुछ बिंदु जो आप जोड़ सकते हैं —
- किसी भी पशु-पक्षी को न मारिए, न पत्थर फेंकिए।
- चोट लगे या बीमार पशु के बारे में बड़ों को बताइए और पशु-चिकित्सालय तक खबर पहुँचाइए।
- घोंसले से अंडे या बच्चे मत उठाइए।
- पतंग का माँझा पेड़ों पर मत छोड़िए — उसमें पक्षी फँस जाते हैं।
- पक्षियों को पिंजरे में बंद मत कीजिए।
- कूड़ा-प्लास्टिक खुले में मत फेंकिए, क्योंकि गाय उसे खा लेती है।
समूह-चर्चा का तरीका: चारों-पाँच के समूह बनाइए। हर समूह एक चित्र लेकर उस पर दो मिनट बोले। फिर सारे सुझाव श्यामपट्ट पर एक सूची में लिखिए और तय कीजिए कि इस महीने आपकी कक्षा कौन-से दो काम सचमुच करेगी।