कक्षा ५ हिंदी अध्याय 5 समझ और अनुभव के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
क्या आपको लगता है कि पशु-पक्षी भी हमारी भावनाएँ समझते हैं? कोई अनुभव साझा कीजिए।
उत्तर

हाँ, पशु-पक्षी हमारी भावनाएँ समझते हैं। वे हमारी बात शब्दों से नहीं, हमारी आवाज़, छूने के तरीके और चेहरे से समझते हैं।

पूरी कहानी इसी बात पर टिकी है —
घोसी के हाथ में गाय ने पाँच सेर दूध भी नहीं दिया।
हीरासिंह के पुचकारने पर उसी गाय ने साढ़े तेरह सेर दूध दे दिया।
दूध वही था, गाय वही थी — फ़र्क़ सिर्फ़ प्यार का था।

नमूना उत्तर (अपना अनुभव): हमारे घर के बाहर एक कुत्ता रहता है, जिसका नाम हमने मोती रखा है। जिस दिन मेरी परीक्षा खराब गई थी, मैं चुपचाप सीढ़ी पर बैठा था। मोती आकर मेरे पैरों के पास बैठ गया और मुझे देखता रहा। वह उस दिन भौंका भी नहीं। जब मैं हँसकर उठा, तब वह दुम हिलाता हुआ मेरे साथ दौड़ने लगा। मुझे लगा कि उसे मेरा दुख समझ आ गया था।

और उदाहरण जो आप दे सकते हैं: बछड़ा माँ की आवाज़ पहचान लेता है · गाय पालने वाले के आते ही रँभाने लगती है · तोता घर के लोगों को पहचानकर बोलता है · बिल्ली डाँट पड़ने पर छिप जाती है।
प्र2.
जवाहरसिंह सुंदरिया को मौसी कहकर क्यों संबोधित करता होगा?
उत्तर

क्योंकि उसके लिए सुंदरिया कोई पालतू पशु नहीं, बल्कि घर की एक बड़ी सदस्य थी। मौसी माँ की बहन को कहते हैं — यानी माँ जैसा ही प्यारा और भरोसे वाला रिश्ता।

तीन कारण जो कहानी से निकलते हैं:
  1. गाय दूध देती है, माँ की तरह पालती है। जिस घर में गरीबी हो, वहाँ गाय का दूध बच्चों के लिए माँ के दूध जैसा ही सहारा होता है। इसलिए बच्चे को वह माँ जैसी लगी।
  2. जवाहरसिंह ही उसकी देखभाल करता था। रोज़ चारा-पानी देते-देते वह उससे बातें भी करता होगा। जिससे रोज़ बात होती है, उसे नाम से नहीं, रिश्ते से पुकारा जाता है।
  3. हमारे यहाँ गाय को आदर से देखा जाता है। भारत के गाँवों में गाय को घर का सदस्य ही माना जाता है, इसलिए उसे रिश्ते का नाम देना स्वाभाविक है।

इस एक शब्द का असर पूरी कहानी पर पड़ा। इसी ‘मौसी’ के कारण हीरासिंह गाय बेचने से डरता था, और इसी कारण गाय लाते समय उसे जवाहरसिंह को “जैसे-तैसे समझा-बुझाकर” लाना पड़ा।

प्र3.
हम देखते हैं कि नगरों में बड़े पशुओं (गाय, भैंस, ऊँट आदि) को पालतू बनाने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। आपको इसके क्या कारण लगते हैं?
उत्तर

इसका मुख्य कारण यह है कि नगर में बड़े पशु के लिए जगह, चारा और समय — तीनों जुटाना बहुत कठिन है।

कारणक्यों
जगह की कमीनगर में लोग छोटे-छोटे फ्लैटों में रहते हैं। गाय-भैंस के लिए खुला बाड़ा और खूँटा चाहिए, जो वहाँ नहीं होता।
चारे की कमीगाँव में खेत, चरागाह और भूसा पास ही मिल जाते हैं। नगर में हरा चारा खरीदना पड़ता है और वह महँगा भी है।
समय की कमीपशु को रोज़ दो बार चारा-पानी, दुहाई और सफ़ाई चाहिए। नगर में लोग सारा दिन नौकरी पर रहते हैं।
सफ़ाई और गोबर की समस्यागोबर और मूत्र निकालने की जगह नगर में नहीं होती। गाँव में उसी से खाद और उपले बन जाते हैं।
दूध आसानी से मिल जानानगर में डेयरी और थैली वाला दूध हर गली में मिलता है। इसलिए गाय पालने की ज़रूरत ही नहीं रह जाती।
यातायात और नियमनगर की भीड़-भरी सड़कों पर पशु घूमने से दुर्घटना हो सकती है। कई नगरों में इसके नियम भी बने हुए हैं।
सोचिए: कहानी में हीरासिंह भी यही मुश्किल भोगता है। सेठ के यहाँ गाय के लिए अलग घोसी रखना पड़ता है, क्योंकि नगर में मालिक के पास खुद गाय सँभालने का समय नहीं है।
प्र4.
पशु-पक्षी मनुष्य की तरह बोल तो नहीं पाते परंतु वे भी आपस में अपनी बातें करते होंगे। क्या आप इस बात से सहमत हैं? अपने उत्तर के लिए उदाहरण भी दीजिए।
उत्तर

हाँ, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ। पशु-पक्षी आपस में बात ज़रूर करते हैं। बस उनकी भाषा शब्दों की नहीं होती — वह आवाज़ों, हाव-भाव और गंध की भाषा होती है।

उदाहरणवे क्या कहते हैं
चींटियाँएक चींटी को दाना मिलता है तो थोड़ी देर में पूरी कतार वहाँ पहुँच जाती है। वे रास्ते पर अपनी गंध छोड़ती जाती हैं — यही उनका ‘संदेश’ है।
कौआएक कौआ ज़ोर-ज़ोर से काँव-काँव करता है तो कुछ ही पल में कई कौए इकट्ठे हो जाते हैं। यह खतरे की सूचना होती है।
गाय और बछड़ाबछड़ा दूर हो तो गाय रँभाती है और बछड़ा उसी आवाज़ को पहचानकर दौड़ा चला आता है। सैकड़ों गायों के बीच भी वह अपनी माँ की आवाज़ पहचान लेता है।
कुत्तेरात में एक कुत्ता भौंकता है तो पूरी गली के कुत्ते जवाब देने लगते हैं। दुम हिलाना, कान झुकाना — ये सब भी उनके इशारे हैं।
मुर्गीमुर्गी एक खास आवाज़ निकालती है तो चूज़े दौड़कर उसके पंखों के नीचे छिप जाते हैं।
कहानी से जोड़िए: सुंदरिया भी बोल नहीं पाती, फिर भी अपनी बात पूरी तरह कह देती है। कभी मुँह ऊपर उठाकर, कभी अपराधी की आँखों से देखकर, कभी दूध रोककर। हीरासिंह उसकी यह भाषा समझ लेता है — इसीलिए वह गाय को वापस ले जाता है।
क्या यह उपयोगी रहा?