यह कल्पना का प्रश्न है, इसलिए उत्तर आपका अपना होगा। पर कल्पना भी पाठ के अनुसार होनी चाहिए। पाठ में उस समय के बारे में तीन बातें लिखी हैं —
- हंस “किस तेजी से धरती पर गिर रहा है”।
- “उसकी चीख तो सुनो…”
- “और बाकी पक्षी कैसे प्राण लेकर भाग रहे हैं!” — प्राण लेकर भागना यानी जान बचाकर भागना।
यानी बाकी हंस डर गए थे और तेज़ी से उड़ गए थे। उनकी बातचीत ऐसी रही होगी —
नमूना उत्तर (कल्पित संवाद):
| कौन | क्या कहा होगा |
|---|---|
| पहला हंस | “भागो! नीचे से कुछ आया है… हमारा साथी गिर गया!” |
| दूसरा हंस | “मैंने उसकी चीख सुनी। उसके पंख में कुछ चुभा है। ऊपर उठो, और ऊपर!” |
| तीसरा हंस (बूढ़ा) | “यह तीर है, बच्चो। नीचे मनुष्य हैं। हम आकाश में उड़ रहे थे, किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा था… फिर यह क्यों?” |
| पहला हंस | “क्या हम लौटकर उसे देखें? वह अकेला रह गया है।” |
| बूढ़ा हंस | “अभी नहीं। लौटे तो हम सब मारे जाएँगे। पर हम इस उद्यान के ऊपर चक्कर लगाते रहेंगे और देखते रहेंगे।” |
| एक छोटा हंस | “देखो! नीचे एक लड़के ने उसे उठा लिया है। वह उसे मार नहीं रहा… वह तो उसका तीर निकाल रहा है!” |
| दूसरा हंस | “तब वह बच जाएगा। कुछ मनुष्य मारते हैं और कुछ बचाते भी हैं।” |