कक्षा ५ हिंदी अध्याय 9 मेरा पक्षी के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
अपने अभिभावक और शिक्षक की सहायता से निम्न चित्रों को देखते हुए अपने लिए कागज का एक पक्षी बनाइए—
पृष्ठ 116 पर दिए गए नौ चित्र 1 2 3 4 5 6 7 8 9
पृष्ठ 116 पर 1 से 9 तक क्रम से दिए गए नौ चित्र।
उत्तर

यह हाथ से करने वाली गतिविधि है। कागज़ मोड़कर आकार बनाने की इस कला को ओरिगामी कहते हैं। पुस्तक में नौ चित्र क्रम से दिए हैं। नीचे हर चित्र में क्या दिखाया गया है, वह बताया गया है।

सामग्री — एक चौकोर कागज़ (दोनों तरफ़ रंग हो तो और अच्छा), और एक काली पेंसिल या स्केच पेन (आँख बनाने के लिए)। कैंची या गोंद की ज़रूरत नहीं है।

चित्रउसमें क्या दिख रहा हैक्या कीजिए
1चौकोर कागज़ हीरे की तरह रखा है। बीच में आड़ी बिंदुदार रेखा है और ऊपर-नीचे के कोनों के बीच दुतरफ़ा तीर है।कागज़ को हीरे की तरह रखिए। ऊपर वाला कोना नीचे वाले कोने पर लाकर मोड़िए, दबाइए, और फिर खोल दीजिए। एक निशान बन गया।
2अब बिंदुदार रेखा खड़ी है और तीर बाएँ-दाएँ कोनों के बीच है।इसी तरह बायाँ कोना दाएँ कोने पर लाकर मोड़िए, दबाइए और खोल दीजिए। अब कागज़ पर दो निशान बन गए, जो बीच में कटते हैं।
3अब लाल रंग का त्रिभुज है, जिसका नुकीला सिरा दाईं ओर है। ऊपर की परत पर एक तीर बाईं ओर से दाईं ओर जा रहा है।कागज़ को आधा मोड़कर त्रिभुज बना लीजिए (नुकीला सिरा दाईं ओर)। अब ऊपर वाली परत के बाएँ हिस्से को दाईं ओर पलटकर मोड़िए।
4आकृति अब तीर के फल जैसी दिखती है — ऊपर और नीचे नुकीले सिरे। बीच से एक तीर बाईं ओर जा रहा है।कागज़ को पलटिए और दूसरी ओर भी वैसा ही मोड़ बनाइए, ताकि दोनों तरफ़ बराबर हो जाएँ। अब ऊपर-नीचे दो पंख-जैसे हिस्से निकल आए हैं।
5बीच में सफ़ेद हीरा दिखता है और ऊपर-नीचे लाल नुकीले सिरे। एक तीर नीचे दाईं ओर मुड़ रहा है।कागज़ को खोलकर बीच से थोड़ा फैलाइए और नीचे वाले नुकीले सिरे को दिखाए गए तीर की दिशा में मोड़िए। यह आगे चलकर पूँछ बनेगा।
6अब आकृति में दोनों ओर आड़े पंख हैं और नीचे एक सीधा हिस्सा। एक तीर ऊपर की ओर जा रहा है।बीच वाले हिस्से को ऊपर की ओर उठाकर मोड़िए। यही पंख बनेगा। दूसरी ओर भी ऐसा ही कीजिए।
7अब पक्षी का ढाँचा बन चुका है — ऊपर उठा हुआ पंख, नीचे नाव जैसा शरीर, और बाईं ओर एक नुकीला सिरा। उसी सिरे पर एक छोटा दुतरफ़ा तीर है।बाईं ओर का नुकीला सिरा ही चोंच बनेगा। उसे थोड़ा-सा मोड़कर देखिए कि चोंच कितनी बड़ी अच्छी लगेगी।
8वही आकृति है, पर ऊपर दाईं ओर एक गोले में चोंच का बड़ा चित्र दिखाया गया है।गोले वाले चित्र को देखकर सिरे को अंदर की ओर दबाकर मोड़िए, बाहर की ओर नहीं। इससे चोंच साफ़ और नुकीली बनती है।
9पूरा बना हुआ पक्षी — उठे हुए पंख, फैली पूँछ, नुकीली चोंच और एक गोल आँख।अब पेंसिल से दोनों ओर एक-एक आँख बना दीजिए। आपका कागज़ का पक्षी तैयार है।
अच्छा पक्षी बनाने के चार सुझाव: (1) हर मोड़ को नाखून से अच्छी तरह दबाइए, तभी आकार साफ़ बनेगा। (2) कागज़ बिलकुल चौकोर हो — आयत से यह आकार नहीं बनेगा। (3) कोई चरण उलझ जाए तो पिछले चरण तक खोलकर फिर से कीजिए; कागज़ फाड़िए मत। (4) पहली बार अख़बार के कागज़ पर अभ्यास कीजिए, फिर रंगीन कागज़ पर बनाइए।
यह गतिविधि इसी पाठ के साथ क्यों दी गई है: पूरा नाटक एक पक्षी के इर्द-गिर्द है — वह हंस जो सिद्धार्थ की गोद में आ गिरा था। अपने हाथ से एक पक्षी बनाकर बच्चा उसी हंस को अपने पास ले आता है। और इस पक्षी को न कोई तीर लग सकता है, न कोई इसे छीन सकता है।
आगे कीजिए: ऐसे कई पक्षी बनाकर कक्षा में डोरी से टाँग दीजिए और हर पक्षी के नीचे एक पंक्ति लिख दीजिए — जैसे “मुझे उड़ने दो”, “मेरा घोंसला मत तोड़ो”, “गरमी में मेरे लिए पानी रखो”।
क्या यह उपयोगी रहा?