गणित प्रकाश अध्याय 1 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आप सारणी 1 में दिए प्रत्येक अनुक्रम में पैटर्न की पहचान कर सकते हैं?
उत्तर

हाँ। सारणी 1 का प्रत्येक अनुक्रम एक सरल नियम को बार-बार दोहराने से बनता है—

  • सभी ‘1’ — हर बार वही संख्या 1 लिखी जाती है।
  • गणन संख्याएँ — पिछली संख्या में 1 जोड़िए।
  • विषम संख्याएँ — 1 से आरंभ कीजिए और 2 जोड़ते जाइए।
  • सम संख्याएँ — 2 से आरंभ कीजिए और 2 जोड़ते जाइए।
  • त्रिभुजाकार संख्याएँ — पहले 2 जोड़िए, फिर 3, फिर 4, फिर 5 … (जोड़ी जाने वाली संख्या हर बार एक बढ़ जाती है)।
  • वर्ग संख्याएँ — किसी गणन संख्या को स्वयं से गुणा कीजिए: 1×1, 2×2, 3×3, …
  • घन संख्याएँ — किसी गणन संख्या को स्वयं से तीन बार गुणा कीजिए: 1×1×1, 2×2×2, 3×3×3, …
  • विरहांक संख्याएँ — प्रत्येक संख्या अपने से पहले की दो संख्याओं का योग है (2+3 = 5, 3+5 = 8, 5+8 = 13)।
  • 2 की घातें — पिछली संख्या को दोगुना कीजिए।
  • 3 की घातें — पिछली संख्या को 3 से गुणा कीजिए।
यह क्यों महत्वपूर्ण है: एक बार नियम शब्दों में कह देने पर आप अनुक्रम को जितना चाहें आगे बढ़ा सकते हैं — फिर संख्याएँ याद रखने की आवश्यकता ही नहीं रहती।
प्र2.
सारणी 1 में दिए प्रत्येक अनुक्रम को उसकी अगली तीन संख्याओं सहित अपनी नोटबुक पर पुन: लिखिए। प्रत्येक अनुक्रम के बाद, उस अनुक्रम में संख्याओं को बनाने वाले नियम को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर

प्रत्येक अनुक्रम की अगली तीन संख्याएँ नारंगी रंग में तथा नियम उसके साथ दिया गया है।

संख्या अनुक्रमसारणी 1 में दिया अनुक्रमअगली तीन संख्याएँअपने शब्दों में नियम
सभी ‘1’1, 1, 1, 1, 1, 1, 1, …1, 1, 1प्रत्येक संख्या 1 है। कुछ भी नहीं बदलता।
गणन संख्याएँ1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, …8, 9, 10पिछली संख्या में 1 जोड़िए।
विषम संख्याएँ1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, …15, 17, 191 से आरंभ करके 2 जोड़ते जाइए। ये 2 से विभाज्य नहीं होतीं।
सम संख्याएँ2, 4, 6, 8, 10, 12, 14, …16, 18, 202 से आरंभ करके 2 जोड़ते जाइए। ये 2 के गुणज हैं।
त्रिभुजाकार संख्याएँ1, 3, 6, 10, 15, 21, 28, …36, 45, 55पहले 2, फिर 3, फिर 4 … जोड़िए। nवीं संख्या = 1 + 2 + 3 + … + n।
वर्ग संख्याएँ1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, …64, 81, 100किसी गणन संख्या को स्वयं से गुणा कीजिए: n × n।
घन संख्याएँ1, 8, 27, 64, 125, 216, …343, 512, 729किसी गणन संख्या को स्वयं से तीन बार गुणा कीजिए: n × n × n।
विरहांक संख्याएँ1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, …34, 55, 89प्रत्येक संख्या अपने ठीक पहले की दो संख्याओं का योग है।
2 की घातें1, 2, 4, 8, 16, 32, 64, …128, 256, 512पिछली संख्या को दोगुना कीजिए।
3 की घातें1, 3, 9, 27, 81, 243, 729, …2187, 6561, 19683पिछली संख्या को 3 से गुणा कीजिए।
संकेत: किसी त्रिभुजाकार संख्या को शीघ्रता से जाँचने के लिए Tn = n × (n + 1) ÷ 2 का उपयोग कीजिए। जैसे 10वीं त्रिभुजाकार संख्या = 10 × 11 ÷ 2 = 55 — ठीक वही जो पैटर्न से मिलती है।
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