प्र1.
क्या आप सारणी 1 में दिए प्रत्येक अनुक्रम में पैटर्न की पहचान कर सकते हैं?
अध्याय की सारणी 1 — दस संख्या अनुक्रम और उनके नाम।
| 1, 1, 1, 1, 1, 1, 1, … | (सभी ‘1’) |
| 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, … | (गणन संख्याएँ) |
| 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, … | (विषम संख्याएँ) |
| 2, 4, 6, 8, 10, 12, 14, … | (सम संख्याएँ) |
| 1, 3, 6, 10, 15, 21, 28, … | (त्रिभुजाकार संख्याएँ) |
| 1, 4, 9, 16, 25, 36, 49, … | (वर्ग संख्याएँ) |
| 1, 8, 27, 64, 125, 216, … | (घन संख्याएँ) |
| 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, … | (विरहांक संख्याएँ) |
| 1, 2, 4, 8, 16, 32, 64, … | (2 की घातें) |
| 1, 3, 9, 27, 81, 243, 729, … | (3 की घातें) |
उत्तर
हाँ। सारणी 1 का प्रत्येक अनुक्रम एक सरल नियम को बार-बार दोहराने से बनता है—
- सभी ‘1’ — हर बार वही संख्या 1 लिखी जाती है।
- गणन संख्याएँ — पिछली संख्या में 1 जोड़िए।
- विषम संख्याएँ — 1 से आरंभ कीजिए और 2 जोड़ते जाइए।
- सम संख्याएँ — 2 से आरंभ कीजिए और 2 जोड़ते जाइए।
- त्रिभुजाकार संख्याएँ — पहले 2 जोड़िए, फिर 3, फिर 4, फिर 5 … (जोड़ी जाने वाली संख्या हर बार एक बढ़ जाती है)।
- वर्ग संख्याएँ — किसी गणन संख्या को स्वयं से गुणा कीजिए: 1×1, 2×2, 3×3, …
- घन संख्याएँ — किसी गणन संख्या को स्वयं से तीन बार गुणा कीजिए: 1×1×1, 2×2×2, 3×3×3, …
- विरहांक संख्याएँ — प्रत्येक संख्या अपने से पहले की दो संख्याओं का योग है (2+3 = 5, 3+5 = 8, 5+8 = 13)।
- 2 की घातें — पिछली संख्या को दोगुना कीजिए।
- 3 की घातें — पिछली संख्या को 3 से गुणा कीजिए।
यह क्यों महत्वपूर्ण है: एक बार नियम शब्दों में कह देने पर आप अनुक्रम को जितना चाहें आगे बढ़ा सकते हैं — फिर संख्याएँ याद रखने की आवश्यकता ही नहीं रहती।