गणित प्रकाश अध्याय 2 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
निम्न अंश माप वाले कोणों को बनाए— a. 140° b. 82° c. 195° d. 70° e. 35°
उत्तर

180° तक के कोण चाँदे से सीधे बनाए जाते हैं। 195° के लिए एक छोटा-सा अतिरिक्त कदम चाहिए।

कोणकैसे बनाएँप्रकार
a. 140°आधार किरण 0 पर, 140 का बिंदु अंकित करके मिलाइएअधिक कोण
b. 82°82 का बिंदु अंकित कीजिए (90 से जरा पहले)न्यून कोण
c. 195°यह 180° से बड़ा है, अतः पहले 360° − 195° = 165° बनाइए और फिर चाप बाहर की ओर से बनाइएप्रतिवर्ती कोण
d. 70°70 का बिंदु अंकित कीजिएन्यून कोण
e. 35°35 का बिंदु अंकित कीजिएन्यून कोण
प्रतिवर्ती कोण कैसे बनाएँ: चाँदा 180° पर समाप्त हो जाता है, इसलिए हम जोड़ी का दूसरा कोण बनाते हैं और लंबे रास्ते से चाप बनाकर दिखाते हैं कि हमारा अभिप्राय प्रतिवर्ती कोण से है। 195° के लिए दूसरा तरीका — 180° + 15°, अर्थात् सरल कोण बनाकर 15° और घुमाइए।
प्र2.
प्रत्येक कोण के माप का अनुमान लगाइए और फिर चाँदे से मापिए— इन कोणों को न्यून कोण, अधिक कोण, समकोण और प्रतिवर्ती कोणों में वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर

पहले अनुमान, फिर मापन — उद्देश्य यह है कि हर बार आपका अनुमान पहले से बेहतर हो। अनुमान लगाने का सबसे तेज तरीका है उन पहचानों से तुलना करना जो आपको पहले से आती हैं—

कॉपी का कोना = 90°    उसका आधा = 45°    सीधी रेखा = 180°    पूर्ण घुमाव = 360°
a. 45°न्यूनb. 166°अधिकc. 120°अधिकd. 33°न्यूनe. 98°अधिकf. 348°प्रतिवर्ती
पृष्ठ 53 के छह कोण, चाँदे से मापे गए।
कोणमापप्रकारकैसे पहचानें
a.45°न्यून कोणठीक समकोण का आधा
b.166°अधिक कोणलगभग सीधी रेखा, पर पूरी नहीं
c.120°अधिक कोणपूर्ण घुमाव का एक-तिहाई
d.33°न्यून कोणसमकोण के एक-तिहाई से थोड़ा अधिक
e.98°अधिक कोणसमकोण से जरा-सा आगे
f.348°प्रतिवर्ती कोणलगभग पूरा चक्कर — दोनों भुजाएँ लगभग मिल रही हैं

प्रतिवर्ती कोण (f) के लिए चाँदा सीधे काम नहीं आता: भुजाओं के बीच का छोटा कोण (लगभग 12°) मापिए और उसे पूर्ण घुमाव में से घटाइए।

360° − 12° = 348°
सुझाव: चाँदा उठाने से पहले मन-ही-मन कहिए — “कॉपी के कोने से थोड़ा कम” या “सीधी रेखा से कुछ अधिक”। ऊपर की सारणी से एक-दो अंश का अंतर सही माना जाएगा।
प्र3.
एक आकृति बनाइए जिसमें तीन न्यून कोण, एक समकोण और दो अधिक कोण हों।
उत्तर
50°A65°B80°C90°D115°E140°F
एक खुली टेढ़ी-मेढ़ी आकृति जिसमें तीन न्यून कोण (50°, 65°, 80°), एक समकोण (90°) तथा दो अधिक कोण (115°, 140°) हैं।

सात रेखाखंडों की एक टेढ़ी-मेढ़ी आकृति बनाइए और उसके छह कोनों पर बने कोण अंकित कीजिए—

कोनाकोणप्रकार
A50°न्यून
B65°न्यून
C80°न्यून
D90°समकोण
E115°अधिक
F140°अधिक

कैसे बनाएँ: पहला रेखाखंड खींचिए, उसके सिरे पर चाँदे से 50° का कोण बनाकर अगला रेखाखंड खींचिए, फिर अगले कोने पर 65°, और इसी प्रकार आगे। आकृति का बंद होना आवश्यक नहीं है।

खुली आकृति ही क्यों: कोई बंद छह भुजाओं वाली आकृति ठीक इन्हीं कोणों वाली नहीं हो सकती। षड्भुज के छहों कोणों का योग 720° होना चाहिए, परंतु तीन न्यून कोण (प्रत्येक 90° से कम), एक समकोण और दो अधिक कोण (प्रत्येक 180° से कम) मिलकर अधिक-से-अधिक 90 + 90 + 90 + 90 + 180 + 180 = 720° तक ही पहुँच सकते हैं, वस्तुतः सदा 720° से कम ही रहते हैं। इसलिए आकृति या तो खुली होनी चाहिए या दो अलग आकृतियों से बनी।
प्रयास करें: तीन न्यून कोणों (जैसे 60°, 70°, 50°) वाला एक त्रिभुज बनाइए और उसके पास एक ऐसा चतुर्भुज जिसमें एक समकोण तथा दो अधिक कोण हों। दोनों आकृतियाँ मिलकर भी इस प्रश्न का उत्तर देती हैं।
प्र4.
अक्षर M को इस प्रकार बनाइए कि दोनों ओर के कोण 40° के हों और मध्य में कोण 60° का हो।
उत्तर
40°40°60°
अक्षर M — दोनों ओर 40°-40° के कोण तथा मध्य में 60° का कोण।

चरण:

  1. M की दोनों बाहरी रेखाएँ खींचिए, जो नीचे की ओर थोड़ी बाहर झुकी हों।
  2. बाईं रेखा के शीर्ष पर चाँदे से 40° घुमाकर पहली तिरछी रेखा बीच तक नीचे लाइए।
  3. बीच के बिंदु पर 60° घुमाकर दूसरी तिरछी रेखा ऊपर की ओर खींचिए।
  4. दाईं रेखा के शीर्ष पर कोण फिर से 40° आना चाहिए। चाँदे से जाँचिए।
बाईं ओर का कोण = 40°    मध्य कोण = 60°    दाईं ओर का कोण = 40°
सुझाव: M के बीच का भाग एक नुकीला V है। दो सीधी खड़ी रेखाओं से मध्य कोण 80° बनता, जो 60° से बड़ा है — इसीलिए बाहरी रेखाओं को नीचे की ओर थोड़ा बाहर झुकाना पड़ता है। पहले हलकी पेंसिल से बनाइए, मापिए, फिर गहरा कीजिए।
प्र5.
अक्षर Y को इस प्रकार बनाइए कि 150°, 60° और 150° के तीन कोण बनें।
उत्तर
60°150°150°
अक्षर Y — जोड़ के चारों ओर 150°, 60° और 150° के कोण, जिनका योग 360° है।

चरण:

  1. एक बिंदु O अंकित कीजिए — यही Y का जोड़ होगा — और उससे नीचे की ओर सीधा डंडा खींचिए।
  2. डंडे से एक ओर 150° घुमाकर पहली ऊपरी भुजा खींचिए।
  3. उस भुजा से 60° घुमाकर दूसरी ऊपरी भुजा खींचिए।
  4. अब दूसरी भुजा और डंडे के बीच का कोण अपने आप 150° हो जाएगा। जाँच लीजिए।
150° + 60° + 150° = 360°
तीनों कोणों का योग 360° क्यों: तीनों भुजाएँ एक ही बिंदु O से निकलती हैं और तीनों कोण मिलकर उस बिंदु के चारों ओर एक बार पूरा चक्कर लगाते हैं — और एक पूर्ण घुमाव 360° का होता है।
प्र6.
अशोक चक्र में 24 तीलियाँ होती हैं। दो संलग्न तीलियों के बीच कितने अंश माप का कोण होगा? दो तीलियों के बीच सबसे बड़ा न्यून कोण क्या होगा?
उत्तर
15°
अशोक चक्र: 24 बराबर दूरी पर तीलियाँ, अतः दो पास-पास की तीलियों के बीच कोण = 360° ÷ 24 = 15°।

दो पास-पास की तीलियों के बीच का कोण: 24 तीलियाँ पूर्ण घुमाव को 24 बराबर भागों में बाँटती हैं।

360° ÷ 24 = 15°

सबसे बड़ा न्यून कोण: दो तीलियों के बीच बनने वाला हर कोण 15° का गुणज है, और न्यून कोण 90° से कम होना चाहिए।

15°, 30°, 45°, 60°, 75°, 90°
90 से कम रहने वाला 15 का सबसे बड़ा गुणज है 75°

उत्तर: संलग्न तीलियों के बीच 15° तथा सबसे बड़ा न्यून कोण 75°।

क्या आप जानते हैं? हमारे राष्ट्रीय ध्वज का अशोक चक्र सारनाथ के अशोक स्तंभ से लिया गया है। इसकी 24 तीलियाँ बराबर दूरी पर हैं, इसीलिए इसमें बनने वाला हर कोण अंशों की पूर्ण संख्या होता है।
प्र7.
पहेली— मैं एक न्यून कोण हूँ। यदि आप मेरे माप को दोगुना करते हो तो आपको न्यून कोण ही प्राप्त होता है। यदि आप मेरे माप को तीन गुना करते हो तो पुनः न्यून कोण प्राप्त होगा। यदि आप मेरे माप को चार गुना करते हो तो भी पुनः न्यून कोण ही प्राप्त होगा। पर यदि आप मेरे माप को पाँच से गुना करते हो तो एक अधिक कोण प्राप्त होगा। मेरे कोणों के संभावित माप क्या होंगे?
उत्तर

माना कोण x है। पहेली की शर्तें लिखिए—

4x < 90°  →  x < 22.5°  (ताकि चार गुना भी न्यून रहे)
5x > 90°  →  x > 18°  (ताकि पाँच गुना अधिक कोण बने)

अतः माप 18° और 22.5° के बीच होना चाहिए—

18° < x < 22.5°

पूर्ण अंशों में संभावित मान हैं—

19°,   20°,   21°,   22°
x2x3x4x5x
19°38°57°76° (न्यून ✔)95° (अधिक ✔)
20°40°60°80° (न्यून ✔)100° (अधिक ✔)
21°42°63°84° (न्यून ✔)105° (अधिक ✔)
22°44°66°88° (न्यून ✔)110° (अधिक ✔)
केवल यही क्यों: यदि x, 18° या उससे कम होता तो 5x, 90° या उससे कम होता — अधिक कोण नहीं बनता। यदि x, 22.5° या उससे अधिक होता तो 4x, 90° या उससे अधिक हो जाता — न्यून कोण नहीं रहता। ध्यान दीजिए कि 4x के न्यून होते ही 2x और 3x की शर्तें स्वतः पूरी हो जाती हैं।
क्या आप जानते हैं? यदि अंश के भिन्न भाग भी लिए जाएँ तो 18° और 22.5° के बीच का हर मान चलेगा — जैसे 18.5° या 22.4°। यहाँ अपेक्षित उत्तर पूर्ण संख्या वाले ये चार मान हैं।
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