प्र1.
एक आयताकर कागज को मोड़िए। अब घुमाव के निशान पर एक रेखा खींचिए। घुमाव और कागज की भुजाओं के बीच बने कोणों को नाम दीजिए और उन कोणों की तुलना कीजिए। आयताकार कागज को घुमाकर विभिन्न कोण बनाइए एवं उनकी तुलना कीजिए। यह भी बताइए कि इनमें से कौन-सा कोण सबसे बड़ा है और कौन-सा कोण सबसे छोटा है?
उत्तर
कागज को इस प्रकार मोड़िए कि क्रीज़ आमने-सामने की दो भुजाओं को काटे। क्रीज़ को EF नाम दीजिए, जहाँ E और F दोनों भुजाओं पर हैं। इस प्रकार चार कोण बनते हैं—
∠AEF, ∠BEF, ∠DFE, ∠CFE
तुलना करने पर (ट्रेस करके अध्यारोपण द्वारा)—
- यदि क्रीज़ तिरछी है, तो ∠AEF और ∠CFE अधिक कोण हैं तथा ∠BEF और ∠DFE न्यून कोण। अर्थात् ∠AEF = ∠CFE > ∠BEF = ∠DFE।
- यदि क्रीज़ भुजा के लंबवत बने, तो चारों कोण बराबर समकोण हो जाते हैं।
∠AEF + ∠BEF = 180° (ये किनारे पर सरल कोण बनाते हैं)
कारण: एक ही भुजा पर बने दोनों कोण मिलकर सीधी रेखा बनाते हैं, इसलिए एक को बड़ा करने पर दूसरा अपने-आप छोटा हो जाता है। इस तरह बनने वाला सबसे बड़ा कोण सरल कोण (180°) से थोड़ा ही कम होता है और सबसे छोटा 0° के पास का पतला-सा कोण।