गणित प्रकाश अध्याय 2 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आकृति 2.23 में दर्शाए सभी संभव कोणों की सूची बनाइए। क्या आप उन सभी को ढूँढ़ पाए? अब सभी कोणों के माप का अनुमान लगाइए। इसके पश्चात् चाँदे की सहायता से कोणों का माप देखिए। अपनी सभी संख्याओं (डिग्री माप) को एक सारणी में अंकित कीजिए। देखिए आपके अनुमानित उत्तर सही माप के कितने समीप हैं।
उत्तर

आकृति 2.23 दो समांतर रेखाओं से बनी है — एक A, P, R, B से होकर और दूसरी C, D, L, S से होकर — जिन्हें तीन तिर्यक रेखाएँ AC, PL तथा RS काटती हैं। शीर्ष-दर-शीर्ष काम कीजिए, जिससे कोई कोण छूट न जाए।

APRBCDLS107°73°82°82°102°78°
आकृति 2.23 — दो समांतर रेखाएँ, जिन्हें तीन तिर्यक रेखाएँ काटती हैं; माप छपी हुई आकृति से लिए गए हैं।

सभी कोणों की सूची (प्रत्येक कटान बिंदु पर चार कोण बनते हैं, जिनमें से दो नीचे दिए हैं)—

शीर्षकोणमापा गया मानप्रकार
A∠CAP (= ∠CAB)107°अधिक
रेखा के बाएँ भाग के साथ ∠CA…73°न्यून
C∠ACD (= ∠ACL, ∠ACS)73°न्यून
रेखा के बाएँ भाग के साथ ∠AC…107°अधिक
P∠APL82°न्यून
∠RPL (= ∠BPL)98°अधिक
L∠SLP82°न्यून
∠DLP (= ∠CLP)98°अधिक
R∠PRS (= ∠ARS)102°अधिक
∠BRS78°न्यून
S∠LSR (= ∠CSR, ∠DSR)78°न्यून
रेखा के दाएँ भाग के साथ ∠RS…102°अधिक

अब इस सारणी को अपनी कॉपी में अनुमान के एक अतिरिक्त स्तंभ के साथ बनाइए और देखिए आप कितने पास थे—

कोणमेरा अनुमानमापा गया मानअंतर
∠CAP107°
∠ACD73°
∠APL82°
∠DLP98°
∠PRS102°
∠BRS78°
दो उपयोगी जाँचें: किसी एक कटान बिंदु पर बने दोनों कोणों का योग 180° होता है (107 + 73, 82 + 98, 102 + 78), और दोनों रेखाएँ समांतर होने के कारण तिर्यक रेखा ऊपर वाली रेखा पर जो कोण बनाती है वही नीचे वाली रेखा पर दोहराया जाता है। इसीलिए ∠CAP = 107° के साथ ∠ACD = 73° आता है और ∠APL = ∠SLP = 82°।
कोण गिनने का सुझाव: एक शीर्ष चुनिए, वहाँ से निकलने वाली सभी किरणें लिखिए और फिर उन्हें दो-दो करके लीजिए। पहला शीर्ष पूरा होने पर ही अगले पर जाइए — इससे न कोई कोण छूटेगा, न दो बार गिना जाएगा।
प्र2.
चाँदे की सहायता से निम्न डिग्री माप के कोण बनाइए— a. 110° b. 40° c. 75° d. 112° e. 134°
उत्तर

प्रत्येक कोण के लिए वही चार चरण दोहराइए — यहाँ 110° के लिए दिए गए हैं—

  1. रूलर से एक किरण खींचिए और उसे OB नाम दीजिए। यही आधार भुजा है।
  2. चाँदे का केंद्र ठीक O पर और OB को 0 रेखा पर रखिए।
  3. 0 से गिनते हुए पैमाने पर 110 तक जाइए और वहाँ एक बिंदु A अंकित कीजिए।
  4. चाँदा हटाकर O और A को मिलाइए। तब ∠AOB = 110°
बनाना हैबिंदु कहाँ अंकित करेंप्रकार
a. 110°110 के चिह्न परअधिक कोण
b. 40°40 के चिह्न परन्यून कोण
c. 75°75 के चिह्न परन्यून कोण
d. 112°110 और 115 के बीच, 112 के चिह्न परअधिक कोण
e. 134°130 और 135 के बीच, 134 के चिह्न परअधिक कोण
सुझाव: बनाने के बाद कोण को एक बार फिर मापकर जाँचिए। वही पैमाना प्रयोग कीजिए जो आपकी आधार भुजा पर 0 से आरंभ होता है — दूसरा पैमाना 110° के स्थान पर 70° दे देगा।
प्र3.
एक कोण बनाइए जिसका डिग्री माप नीचे दिए गए कोण के समान हो। इस कोण को बनाने में प्रयुक्त सभी चरणों को भी लिखिए।
उत्तर

चरण 1 — दिए गए कोण को मापिए। चाँदे का केंद्र शीर्ष I पर रखिए, भुजा IJ को 0 रेखा पर रखिए और देखिए कि IH पैमाने को कहाँ काटती है। मान लीजिए पाठ्यांक 65° है।

चरण 2 — उतने ही माप का अपना कोण बनाइए।

  1. रूलर से एक किरण QR खींचिए।
  2. चाँदे का केंद्र Q पर और QR को 0 रेखा पर रखिए।
  3. 0 से गिनते हुए मापे गए मान (65) तक जाकर बिंदु P अंकित कीजिए।
  4. Q को P से मिलाइए। अब ∠PQR = ∠HIJ
JH65°IRP65°Q
दिया गया कोण ∠HIJ 65° का है, और उसके पास बनाया गया ∠PQR भी उतने ही माप का है — यद्यपि उसकी भुजाएँ लंबी हैं।

चरण 3 — जाँचिए। अपने कोण को ट्रेसिंग पेपर पर उतारकर दिए गए कोण पर शीर्ष-पर-शीर्ष और भुजा-पर-भुजा रखिए। शेष दोनों भुजाएँ भी एक-दूसरे पर ठीक बैठनी चाहिए।

सुझाव: दोनों कोणों की भुजाएँ बराबर लंबाई की होना आवश्यक नहीं — केवल भुजाओं के बीच का घुमाव मेल खाना चाहिए।
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