प्र1.
कोणमापक पर संख्याओं के दो सेट हैं— एक दाएँ से बाएँ की ओर बढ़ते हुए एवं दूसरा बाएँ से दाएँ की ओर बढ़ते हुए। इसमें संख्याओं के दो सेट क्यों सम्मिलित हैं?
उत्तर
ताकि चाँदे का प्रयोग किसी भी ओर से बिना घटाए किया जा सके।
- यदि आपके कोण की आधार भुजा दाईं ओर है, तो दाईं ओर के 0 से आरंभ कीजिए और भीतरी संख्याएँ पढ़िए।
- यदि आधार भुजा बाईं ओर है, तो बाईं ओर के 0 से आरंभ कीजिए और बाहरी संख्याएँ पढ़िए।
प्रत्येक चिह्न पर भीतरी पाठ्यांक + बाहरी पाठ्यांक = 180°
(जैसे 20 और 160, 35 और 145, 90 और 90)
(जैसे 20 और 160, 35 और 145, 90 और 90)
इससे क्या लाभ: दूसरे सेट के बिना हर बार या तो कागज घुमाना पड़ता, या एक संख्या पढ़कर उसे 180 में से घटाना पड़ता। दोनों पैमाने यह श्रम बचा देते हैं।
सुझाव: पहले देखिए कि कौन-सी भुजा 0 पर है, फिर उसी पैमाने पर चलकर दूसरी भुजा तक पढ़िए। दोनों पैमानों को मिला देना चाँदे की सबसे आम भूल है।