गणित प्रकाश अध्याय 3 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अंकों का योग 14 — a. अन्य संख्याएँ लिखिए जिनके अंकों का योगफल 14 है। b. वह सबसे छोटी संख्या कौन-सी है, जिसके अंकों का योगफल 14 है? c. 5 अंकों की वह सबसे बड़ी संख्या कौन-सी है, जिसके अंकों का योगफल 14 है? d. वह बड़ी से बड़ी कौन-सी संख्या बनाई जा सकती है, जिसके अंकों का योगफल 14 है? क्या आप इससे भी बड़ी संख्या बता सकते हैं?
उत्तर

a. ऐसी कोई भी संख्या चलेगी जिसके अंकों का योग 14 हो:

59 → 5 + 9 = 14    77 → 7 + 7 = 14    86 → 8 + 6 = 14    95 → 9 + 5 = 14
158 → 1 + 5 + 8 = 14    356 → 3 + 5 + 6 = 14    806 → 8 + 0 + 6 = 14
1247 → 1 + 2 + 4 + 7 = 14    3407 → 3 + 4 + 0 + 7 = 14    22226 → 2+2+2+2+6 = 14

b. सबसे छोटी संख्या 59 है।

क्यों: 1 अंक वाली संख्या के अंकों का योग अधिक से अधिक 9 ही हो सकता है, अत: कम से कम 2 अंक चाहिए। संख्या छोटी रखने के लिए दहाई का अंक जितना छोटा हो सके उतना छोटा रखिए: दहाई में 5 रखने पर इकाई में 9 आता है और 5 + 9 = 14। दहाई में 4 रखने पर इकाई में 10 चाहिए, जो संभव नहीं है।

c. 5 अंकों की सबसे बड़ी संख्या 95,000 है।

सबसे बड़ा अंक पहले रखिए: 9
14 − 9 = 5, अत: अगला अंक 5
अब कुछ शेष नहीं बचा, इसलिए बाकी स्थानों पर 0 → 95,000
जाँच: 9 + 5 + 0 + 0 + 0 = 14

d. ऐसी कोई सबसे बड़ी संख्या है ही नहीं — आप सदैव इससे भी बड़ी संख्या बना सकते हैं।

95 → 9005 → 900005 → 9000000005 → 9000000000000005 …

हर बार 5 को और दाईं ओर खिसकाइए और बीच में शून्य भर दीजिए। शून्य योग में कुछ नहीं जोड़ते, अत: योग 14 ही रहता है और संख्या बड़ी होती जाती है। इसलिए सदैव इससे भी बड़ी संख्या बनाई जा सकती है।

प्र2.
40 से 70 तक की सभी संख्याओं के अंकों का योगफल ज्ञात कीजिए। अपने अवलोकन को कक्षा के साथ साझा कीजिए।
उत्तर
संख्या40414243444546474849
अंकों का योग45678910111213
संख्या50515253545556575859
अंकों का योग567891011121314
संख्या60616263646566676869
अंकों का योग6789101112131415

तथा 70 → 7 + 0 = 7

अवलोकन

  • एक ही दहाई में (40–49, 50–59, 60–69) अंकों का योग हर बार 1 बढ़ता है।
  • नई दहाई में जाते ही योग 8 घट जाता है: 49 का योग 13 है पर 50 का 5, और 59 का 14 है पर 60 का 6।
  • इस परास में सबसे बड़ा योग 15 (69 पर) और सबसे छोटा 4 (40 पर) है।
  • कुछ योग दोहराए जाते हैं — 5, 6, 7, 8, 9 एक से अधिक दहाइयों में आते हैं। जैसे 41 और 50 दोनों का योग 5 है।
8 की कमी क्यों: 49 से 50 जाने पर इकाई का अंक 9 से 0 हो जाता है (−9) और दहाई का अंक 4 से 5 (+1)। कुल परिवर्तन −9 + 1 = −8
प्र3.
3 अंकों की उन संख्याओं का योगफल ज्ञात कीजिए, जिनके अंक क्रमागत (जैसे– 345) हों। क्या आप उनमें एक पैटर्न देखते हैं? क्या यह पैटर्न जारी रहेगा?
उत्तर
संख्याअंकों का योगमान3 × बीच का अंक
1231 + 2 + 363 × 2 = 6
2342 + 3 + 493 × 3 = 9
3453 + 4 + 5123 × 4 = 12
4564 + 5 + 6153 × 5 = 15
5675 + 6 + 7183 × 6 = 18
6786 + 7 + 8213 × 7 = 21
7897 + 8 + 9243 × 8 = 24

पैटर्न: प्रत्येक योग 3 का गुणज है, और योग 3-3 करके बढ़ते हैं — 6, 9, 12, 15, 18, 21, 24।

ऐसा क्यों होता है: यदि बीच का अंक m है तो तीनों क्रमागत अंक (m − 1), m, (m + 1) हैं। इन्हें जोड़ने पर:
(m − 1) + m + (m + 1) = 3 × m
−1 और +1 आपस में कट जाते हैं, अत: अंकों का योग सदैव बीच के अंक का तीन गुना होता है — और इसलिए सदैव 3 का गुणज।

क्या पैटर्न जारी रहेगा? नहीं — इसे रुकना ही पड़ेगा। अगली संख्या के लिए अंक 8, 9, 10 चाहिए, परंतु 10 एक अंक नहीं है। अत: 789 अंतिम ऐसी संख्या है और कुल सात ही ऐसी संख्याएँ हैं।

प्रयास करें: अंकों को उल्टे क्रम में लिखने पर भी वही सात योग मिलते हैं — 321, 432, 543 … जाँचिए कि 987 का योग भी 24 है।
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