गणित प्रकाश अध्याय 3 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
1 से 100 तक की संख्याओं में, अंक ‘7’ कितनी बार आएगा? 1 से 1000 तक की संख्याओं में, अंक ‘7’ कितनी बार आएगा?
उत्तर

1 से 100 तक अंक 7 कुल 20 बार आएगा। स्थान के अनुसार गिनिए:

इकाई के स्थान पर: 7, 17, 27, 37, 47, 57, 67, 77, 87, 97 → 10 बार
दहाई के स्थान पर: 70, 71, 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78, 79 → 10 बार
कुल = 10 + 10 = 20

ध्यान दीजिए कि 77 दो बार गिना गया है — और यह ठीक है, क्योंकि 77 लिखते समय दिनेश अंक 7 दो बार लिखता है।

1 से 1000 तक अंक 7 कुल 300 बार आएगा।

000 से 999 तक की प्रत्येक संख्या को 3 अंकों में लिखिए।
अर्थात् 1000 संख्याएँ × 3 अंक-स्थान = 3000 अंक-स्थान।
0 से 9 तक के दसों अंकों का हिस्सा बराबर है: 3000 ÷ 10 = 300
(1000 में कोई 7 नहीं है, अत: इससे कोई अंतर नहीं पड़ता।)
दूसरी विधि: इकाई के स्थान पर 7 सौ बार आता है, दहाई के स्थान पर सौ बार और सैकड़े के स्थान पर सौ बार (700–799)। कुल 100 + 100 + 100 = 300।
प्र2.
संख्याएँ 1, 2, 3 अंकों का प्रयोग करके बनी कुछ पैलिंड्रोम संख्याएँ 121, 313 और 222 हैं। इन अंकों की सहायता से बनने वाली सभी तीन अंकों की पैलिंड्रोमिक संख्याएँ लिखिए।
उत्तर

तीन अंकों का पैलिंड्रोम aba रूप का होता है — पहला और अंतिम अंक समान होने चाहिए। यहाँ a और b दोनों 1, 2 या 3 हो सकते हैं।

a के लिए 3 विकल्प × b के लिए 3 विकल्प = 9 पैलिंड्रोम
पहला व अंतिम अंकबीच में 1बीच में 2बीच में 3
1111121131
2212222232
3313323333

उत्तर: 111, 121, 131, 212, 222, 232, 313, 323, 333 — कुल नौ।

प्र3.
इसी प्रक्रिया को कुछ अन्य संख्याओं के साथ भी कीजिए तथा इन्हीं चरणों को दोहराइए। क्या आपको ऐसी संख्याएँ भी प्राप्त हुईं जहाँ आप पैलिंड्रोम तक नहीं पहुँच पाएँ?
उत्तर

पलटें व जोड़ें वाले चरण स्वयं आजमाइए:

34 + 43 = 77  (1 चरण)
29 + 92 = 121  (1 चरण)
48 + 84 = 132,   132 + 231 = 363  (2 चरण)
76 + 67 = 143,   143 + 341 = 484  (2 चरण)
59 + 95 = 154,   154 + 451 = 605,   605 + 506 = 1111  (3 चरण)

2 अंकों की किसी भी संख्या से शुरू करने पर पैलिंड्रोम सदैव मिल जाता है — कुछ में केवल अधिक समय लगता है। सबसे कठिन संख्या 89 है, जिसमें 24 चरणों के बाद पैलिंड्रोम 8813200023188 प्राप्त होता है!

क्या आप जानते हैं? 3 अंकों की संख्याओं के लिए उत्तर आज भी अज्ञात है। गणितज्ञों का अनुमान है कि 196 से शुरू करने पर कभी पैलिंड्रोम प्राप्त नहीं होगा, परंतु यह आज तक सिद्ध नहीं हो सका है।
प्र4.
2 अंकों की संख्या से शुरू करके, क्या संख्या और उसके अंकों को पलटने से प्राप्त संख्या (प्रतिलोम) का पुन: योग करके हमेशा पैलिंड्रोम ही प्राप्त होता है? खोजिए और ज्ञात कीजिए।
उत्तर

हाँ। 2 अंकों की प्रत्येक संख्या कुछ ही चरणों में पैलिंड्रोम तक पहुँच जाती है।

प्रारंभचरणप्राप्त पैलिंड्रोम
1212 + 2133
4747 + 74121
6868 + 86 = 154; 154 + 451 = 605; 605 + 5061111
8686 + 68 = 154; आगे वही चरण1111
8989 + 98 = 187; … कुल 24 चरण8813200023188
एक छोटी युक्ति: यदि संख्या के दोनों अंकों का योग 9 या उससे कम हो (जैसे 34 → 3 + 4 = 7), तो पहले ही जोड़ में पैलिंड्रोम मिल जाता है, क्योंकि कहीं हासिल नहीं आता: 34 + 43 = 77।
गणित चर्चा: 68 और 86 दोनों एक ही पैलिंड्रोम तक, एक ही रास्ते से पहुँचते हैं। क्यों? क्योंकि संख्या और उसके प्रतिलोम को जोड़ने पर दोनों में से किसी से भी शुरू करें, योग एक ही आता है।
प्र5.
पहेली — मैं 5 अंकों का एक पैलिंड्रोम हूँ। मैं एक विषम संख्या हूँ। मेरा दहाई का अंक, इकाई के अंक से दो गुना है। मेरा सैकड़े का अंक, दहाई के अंक से दो गुना है। मैं कौन हूँ? ________ (अंकों को शब्दों में भी लिखिए)
उत्तर

संख्या को tth th h t u के रूप में लिखिए। पैलिंड्रोम होने के कारण अंक आमने-सामने समान होने चाहिए:

tth = u    तथा    th = t
अत: संख्या का रूप है u t h t u

अब संकेतों का एक-एक करके उपयोग कीजिए:

  • संख्या विषम है, अत: इकाई का अंक u 1, 3, 5, 7 या 9 होगा।
  • t = 2 × u तथा h = 2 × t = 4 × uh को एक अंक ही रहना है, अत: 4 × u ≤ 9।
  • केवल u = 1 संभव है: u = 3 लेने पर h = 12 हो जाएगा, जो अंक नहीं है।
u = 1  →  t = 2 × 1 = 2  →  h = 2 × 2 = 4
संख्या = 1 2 4 2 1 = 12,421
tththhtu
12421

उत्तर: 12,421। शब्दों में — बारह हजार चार सौ इक्कीस

स्वयं जाँचिए: 12421 को उल्टा पढ़ने पर भी 12421 ✓ पैलिंड्रोम; अंत में 1 है ✓ विषम; t = 2 = 2 × 1 ✓; h = 4 = 2 × 2 ✓।
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