प्र1.
यदि आप अपने विद्यालय की प्रत्येक कक्षा के सबसे लंबे बच्चों की लंबाइयों के आँकड़ों को चित्रीय रूप से दर्शाना चाहते हैं, तो क्या आप क्षैतिज दंडों वाले आलेख का उपयोग करना चाहेंगे या ऊर्ध्वाधर दंडों वाले आलेख का? क्यों?
उत्तर
ऊर्ध्वाधर दंडों वाला आलेख (स्तंभ आलेख)।
कारण: व्यक्ति की लंबाई भूमि से ऊपर की ओर मापी जाती है। ऊर्ध्वाधर दंड भी आधार रेखा से ऊपर की ओर बढ़ता है, अत: चित्र उसी दिशा में काम करता है जिस दिशा में वास्तविक वस्तु। पाठक स्तंभों के शीर्षों की तुलना ठीक वैसे ही करता है जैसे दीवार के सहारे साथ-साथ खड़े बच्चों की — और उसे समझाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
दो और व्यावहारिक कारण—
- कक्षाओं के नाम (कक्षा 1, कक्षा 2, … कक्षा 8) छोटे हैं, अत: वे स्तंभों के नीचे आसानी से आ जाते हैं।
- सभी लंबाइयाँ पास-पास होती हैं — जैसे 120 सेमी से 165 सेमी — और सीधे खड़े स्तंभों के शीर्षों में छोटा अंतर भी सरलता से दिख जाता है।
क्षैतिज दंडों वाला आलेख भी गणितीय दृष्टि से सही होगा — संख्याएँ नहीं बदलतीं। वह केवल कम स्वाभाविक लगेगा, मानो बच्चे लेटे हुए हों।
संकेत: जो भी आलेख चुनें, पैमाना 0 से आरंभ कीजिए। यदि “स्थान बचाने” के लिए पैमाना 100 सेमी से आरंभ करेंगे, तो 150 सेमी का बच्चा 125 सेमी के बच्चे से दुगुना लंबा दिखेगा, जो सत्य नहीं है।