गणित प्रकाश अध्याय 5 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
हम देखते हैं कि 2 एक अभाज्य संख्या है और यह सम संख्या भी है। क्या कोई अन्य सम अभाज्य संख्या है?
उत्तर

नहीं। 2 ही एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।

2 से बड़ी कोई भी सम संख्या लीजिए, जैसे 34।
34 = 2 × 17 → इसके गुणनखंड हैं 1, 2, 17, 34 — अर्थात् चार गुणनखंड
ऐसा क्यों होना ही है: प्रत्येक सम संख्या का एक गुणनखंड 2 होता है। यदि संख्या 2 से बड़ी है तो उसके कम से कम तीन गुणनखंड हो जाएँगे — 1, 2 तथा वह संख्या स्वयं। अभाज्य संख्या के केवल दो गुणनखंड होते हैं, अतः 2 से बड़ी कोई सम संख्या अभाज्य नहीं हो सकती। 2 इसलिए बच जाती है क्योंकि उसके लिए “अतिरिक्त” गुणनखंड 2 स्वयं वही संख्या है
रोचक बात: गणितज्ञ 2 को मज़ाक में “सबसे विचित्र अभाज्य” कहते हैं — क्योंकि यही एकमात्र सम अभाज्य है!
प्र2.
100 तक की अभाज्य संख्याओं की सूची देखिए। दो क्रमागत अभाज्य संख्याओं में न्यूनतम एवं अधिकतम अंतर क्या है?
उत्तर

अभाज्य संख्याएँ और उनके बीच के अंतर लिखिए—

2 1 3 2 5 2 7 4 11 2 13 4 17 2 19 4 23 6 29 2 31 6 37 4 41 2 43 4 47 6 53
53 6 59 2 61 6 67 4 71 2 73 6 79 4 83 6 89 8 97

न्यूनतम अंतर = 1, जो 2 और 3 के बीच है।

अधिकतम अंतर = 8, जो 89 और 97 के बीच है।

3 − 2 = 1     97 − 89 = 8
अंतर 1 केवल एक ही बार क्यों: जिन दो संख्याओं का अंतर 1 हो, उनमें एक सम और एक विषम होगी। एकमात्र सम अभाज्य 2 है, अतः ऐसा युग्म केवल 2 और 3 ही हो सकता है। इसके बाद सभी अभाज्य विषम हैं, इसलिए हर अंतर सम संख्या ही होगा — 2, 4, 6 या 8।
स्वयं जाँचिए: 89 और 97 के बीच की संख्याएँ 90 से 96 तक सभी भाज्य हैं — यही लंबी शृंखला सबसे बड़ा अंतर बनाती है।
प्र3.
क्या प्रत्येक पंक्ति में एक समान संख्या में अभाज्य संख्याएँ थीं? किन दहाइयों में न्यूनतम अभाज्य संख्याएँ हैं? यह भी बताइए कि पिछले पृष्ठ पर दी गई सारणी में किनमें अधिकतम अभाज्य संख्याएँ हैं?
उत्तर

नहीं, अभाज्य संख्याएँ समान रूप से नहीं बँटी हैं। पंक्ति दर पंक्ति गिनिए—

दहाईउसमें अभाज्य संख्याएँकितनी
1 – 102, 3, 5, 74
11 – 2011, 13, 17, 194
21 – 3023, 292
31 – 4031, 372
41 – 5041, 43, 473
51 – 6053, 592
61 – 7061, 672
71 – 8071, 73, 793
81 – 9083, 892
91 – 100971
4 + 4 + 2 + 2 + 3 + 2 + 2 + 3 + 2 + 1 = 25 अभाज्य संख्याएँ

न्यूनतम: दहाई 91 – 100 में, जहाँ केवल एक अभाज्य संख्या (97) है।

अधिकतम: दहाइयाँ 1 – 10 तथा 11 – 20, जिनमें चार-चार अभाज्य संख्याएँ हैं।

अभाज्य संख्याएँ विरल क्यों होती जाती हैं: संख्याएँ जैसे-जैसे बड़ी होती हैं, उन्हें विभाजित कर सकने वाली छोटी अभाज्य संख्याएँ अधिक होती जाती हैं, इसलिए किसी संख्या का भाज्य होने से बचना कठिन हो जाता है। अभाज्य संख्याएँ कभी समाप्त नहीं होतीं, पर वे दूर-दूर होती जाती हैं।
प्र4.
इनमें से कौन-सी संख्याएँ अभाज्य हैं— 23, 51, 37, 26?
उत्तर

प्रत्येक संख्या में 1 और स्वयं के अतिरिक्त कोई गुणनखंड खोजिए।

संख्याजाँचअभाज्य या भाज्य?
23सम नहीं; 2 + 3 = 5 (3 का गुणज नहीं); अंत में 0 या 5 नहीं; 4 × 4 = 16 < 23 < 25अभाज्य ✔
515 + 1 = 6, जो 3 का गुणज है → 51 = 3 × 17भाज्य
37सम नहीं; 3 + 7 = 10 (3 का गुणज नहीं); अंत में 0 या 5 नहीं; 7 का गुणज भी नहींअभाज्य ✔
26सम है → 26 = 2 × 13भाज्य

उत्तर: 23 और 37 अभाज्य हैं। 51 तथा 26 भाज्य हैं।

सावधान: 51 पहली नज़र में अभाज्य लगती है, पर अंकों के योग वाली जाँच उसे तुरंत पकड़ लेती है — 5 + 1 = 6, अतः 51, 3 के पहाड़े में है।
प्र5.
अभाज्य संख्याओं के तीन युग्म लिखिए, जो 20 से कम हों और उनका योग 5 का गुणज हो।
उत्तर

20 से छोटी अभाज्य संख्याएँ हैं 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19। ऐसे युग्म चुनिए जिनका योग 0 या 5 पर समाप्त हो।

2 + 3 = 5 = 5 × 1 ✔
3 + 7 = 10 = 5 × 2 ✔
2 + 13 = 15 = 5 × 3 ✔

ऐसे तीन युग्म: (2, 3), (3, 7) तथा (2, 13)।

और भी युग्म हैं — इन्हें भी देखिए—

3 + 17 = 20 ✔    7 + 13 = 20 ✔    11 + 19 = 30 ✔    13 + 17 = 30 ✔
प्रयास करें: ध्यान दीजिए कि (2, 3) तथा (2, 13) को छोड़कर ऊपर के सभी युग्मों में दोनों अभाज्य विषम हैं और उनका योग सदैव सम आता है। अतः 5 या 15 जैसा विषम योग तभी मिलेगा जब युग्म में सम अभाज्य 2 सम्मिलित हो।
प्र6.
संख्या 13 और 31 अभाज्य संख्याएँ हैं। इन दोनों संख्याओं में अंक 1 और 3 समान हैं। 100 तक की संख्याओं में से ऐसे अन्य सभी अभाज्य संख्याओं के युग्म ज्ञात कीजिए।
उत्तर

प्रत्येक दो अंकों वाली अभाज्य संख्या लीजिए, उसके अंक उलटिए और देखिए कि उलटी हुई संख्या भी अभाज्य है या नहीं।

अभाज्यअंक उलटने परक्या वह भी अभाज्य है?
1331हाँ ✔
1771हाँ ✔
3773हाँ ✔
7997हाँ ✔
1991 = 7 × 13नहीं
2332 (सम)नहीं
2992 (सम)नहीं
5995 = 5 × 19नहीं
8338 (सम)नहीं

उत्तर: युग्म हैं (13, 31), (17, 71), (37, 73) तथा (79, 97)।

क्या आप जानते हैं? ऐसी अभाज्य संख्याओं को अंग्रेज़ी में emirp कहते हैं — यह “prime” को उलटा लिखने से बना शब्द है! संख्या 11 दोनों ओर से एक जैसी पढ़ी जाती है, अतः वह पैलिंड्रोम अभाज्य है।
प्र7.
1 से 100 के बीच 7 क्रमागत भाज्य संख्याएँ लिखिए।
उत्तर

100 तक दो अभाज्य संख्याओं के बीच सबसे बड़ा अंतर खोजिए। यह 89 और 97 के बीच है, और बीच की सातों संख्याएँ भाज्य हैं।

संख्या90919293949596
एक गुणनखंड2 × 457 × 132 × 463 × 312 × 475 × 192 × 48

उत्तर: 90, 91, 92, 93, 94, 95, 96।

91 ही असली चुनौती है: 90, 92, 94, 96 सम हैं तथा 93 और 95 स्पष्ट रूप से 3 और 5 के पहाड़ों में हैं। केवल 91 अपने गुणनखंड छिपाए रखती है — पर 91 = 7 × 13, अतः वह भी भाज्य है। इसी से 100 तक की सबसे लंबी, सात क्रमागत भाज्य संख्याओं की शृंखला बनती है।
प्र8.
अभाज्य संख्याओं के युग्म जिनका अंतर 2 हो जुड़वाँ अभाज्य युग्म (Twin Primes) कहलाती हैं। उदाहरण के लिए, 3 और 5 जुड़वाँ अभाज्य युग्म हैं, इसी प्रकार 17 और 19 हैं। 1 से 100 के बीच अन्य जुड़वाँ अभाज्य युग्म ज्ञात कीजिए?
उत्तर

अभाज्य संख्याओं की सूची पर चलिए और वे सभी युग्म छाँटिए जिनका अंतर 2 है।

(3, 5)   (5, 7)   (11, 13)   (17, 19)   (29, 31)   (41, 43)   (59, 61)   (71, 73)

पुस्तक में (3, 5) तथा (17, 19) पहले ही दिए हैं, अतः अन्य जुड़वाँ अभाज्य युग्म हैं

(5, 7), (11, 13), (29, 31), (41, 43), (59, 61) तथा (71, 73)

100 तक कुल 8 जुड़वाँ अभाज्य युग्म हैं।

क्या आप जानते हैं? यह आज तक कोई नहीं जानता कि जुड़वाँ अभाज्य युग्म अनंत तक चलते रहते हैं या नहीं। यह गणित की सबसे प्रसिद्ध अनसुलझी समस्याओं में से एक है, जिसे जुड़वाँ अभाज्य परिकल्पना कहते हैं।
प्र9.
प्रत्येक कथन को सही या गलत के रूप में पहचानिए एवं स्पष्ट कीजिए— a. ऐसी कोई अभाज्य संख्या नहीं है जिसका इकाई का अंक 4 हो। b. अभाज्य संख्याओं का गुणनफल भी अभाज्य हो सकता है। c. अभाज्य संख्याओं के कोई गुणनखंड नहीं होते हैं। d. सभी सम संख्याएँ भाज्य संख्याएँ होती हैं। e. संख्याएँ 2 तथा 3 अभाज्य हैं। अन्य प्रत्येक अभाज्य संख्या के लिए अगली संख्या भाज्य है।
उत्तर
कथनसही / गलतकारण
a. ऐसी कोई अभाज्य संख्या नहीं है जिसका इकाई का अंक 4 हो।सहीजिस संख्या के अंत में 4 हो वह सम होती है, अतः उसका एक गुणनखंड 2 है। वह 2 से बड़ी भी है, इसलिए उसके कम से कम तीन गुणनखंड होंगे — 1, 2 तथा स्वयं। उदाहरण: 14 = 2 × 7, 24 = 2 × 12।
b. अभाज्य संख्याओं का गुणनफल भी अभाज्य हो सकता है।गलतदो या अधिक अभाज्य संख्याओं का गुणा करने पर वे संख्याएँ ही अतिरिक्त गुणनखंड बन जाती हैं। 3 × 5 = 15, जिसके गुणनखंड 1, 3, 5, 15 हैं — चार गुणनखंड, अतः 15 भाज्य है।
c. अभाज्य संख्याओं के कोई गुणनखंड नहीं होते हैं।गलतप्रत्येक अभाज्य संख्या के ठीक दो गुणनखंड होते हैं — 1 तथा वह संख्या स्वयं। 13 के गुणनखंड 1 और 13 हैं।
d. सभी सम संख्याएँ भाज्य संख्याएँ होती हैं।गलत2 सम है, फिर भी अभाज्य है। हाँ, 2 के अतिरिक्त प्रत्येक सम संख्या भाज्य ही होती है।
e. 2 के अतिरिक्त प्रत्येक अभाज्य संख्या के लिए अगली संख्या भाज्य होती है।सही2 को छोड़कर प्रत्येक अभाज्य विषम है, अतः उसके ठीक बाद वाली संख्या सम और 2 से बड़ी होगी — इसलिए भाज्य। 3 → 4, 5 → 6, 7 → 8, 11 → 12, 97 → 98।
तीनों की जड़ एक ही है: कथन (a), (d) तथा (e) — तीनों इसी एक तथ्य पर टिके हैं कि 2 ही एकमात्र सम अभाज्य संख्या है। इसे याद रखते ही तीनों उत्तर सरल हो जाते हैं।
प्र10.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या को तीन अलग-अलग अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में व्यक्त कर सकते हैं? 45, 60, 91, 105, 330.
उत्तर

प्रत्येक का अभाज्य गुणनखंडन कीजिए और उसमें आने वाली भिन्न अभाज्य संख्याएँ गिनिए।

संख्याअभाज्य गुणनखंडनकितनी अभाज्य संख्याएँ गुणा हुईंठीक तीन भिन्न अभाज्य?
453 × 3 × 53 अभाज्य, पर भिन्न केवल 2नहीं
602 × 2 × 3 × 54 अभाज्य, भिन्न 3नहीं
917 × 132 अभाज्यनहीं
1053 × 5 × 73 अभाज्य, तीनों भिन्नहाँ ✔
3302 × 3 × 5 × 114 अभाज्य, चारों भिन्ननहीं
3 × 5 × 7 = 15 × 7 = 105

उत्तर: 105।

प्रश्न ध्यान से पढ़िए: 45 भी तीन अभाज्य संख्याओं का गुणनफल है, पर उनमें दो एक ही हैं; और 330 में तीन भिन्न अभाज्य के साथ एक और अभाज्य भी है। केवल 105 ही ठीक तीन अलग-अलग अभाज्य संख्याओं का गुणनफल है।
प्र11.
अंक 2, 4 और 5 का एक बार प्रयोग करके आप तीन अंकों की कितनी अभाज्य संख्याएँ बना सकते हैं?
उत्तर

उत्तर: एक भी नहीं — शून्य।

अंक 2, 4 और 5 को छह प्रकार से जमाया जा सकता है—

संख्या245254425452524542
अंतिम अंक545242
किससे विभाज्य525222
245 = 5 × 49    254 = 2 × 127    425 = 5 × 85
452 = 2 × 226    524 = 2 × 262    542 = 2 × 271
एक भी क्यों नहीं: आप जैसे भी जमाएँ, संख्या का अंतिम अंक 2, 4 या 5 ही होगा। अंत में 2 या 4 होने पर संख्या सम हो जाती है (गुणनखंड 2), और अंत में 5 होने पर वह 5 की गुणज हो जाती है। हर स्थिति में 1 और स्वयं के अतिरिक्त एक गुणनखंड मिल जाता है, अतः संख्या भाज्य है।
प्र12.
ध्यान दीजिए कि 3 एक अभाज्य संख्या है और 2 × 3 + 1 = 7 भी एक अभाज्य संख्या है। क्या और भी ऐसी अभाज्य संख्याएँ हैं, जिन्हें 2 से गुणन करके एक जोड़ने पर अन्य अभाज्य संख्या प्राप्त होती है? ऐसे कम से कम पाँच उदाहरण ज्ञात कीजिए।
उत्तर

हाँ, ऐसी बहुत-सी संख्याएँ हैं। अभाज्य संख्या को दुगना कीजिए, 1 जोड़िए और फिर उत्तर की जाँच कीजिए।

अभाज्य 2 × + 1क्या यह अभाज्य है?
22 × 2 + 1 = 5हाँ ✔
32 × 3 + 1 = 7हाँ ✔
52 × 5 + 1 = 11हाँ ✔
112 × 11 + 1 = 23हाँ ✔
232 × 23 + 1 = 47हाँ ✔
292 × 29 + 1 = 59हाँ ✔
412 × 41 + 1 = 83हाँ ✔
72 × 7 + 1 = 15 = 3 × 5नहीं
132 × 13 + 1 = 27 = 3 × 9नहीं
172 × 17 + 1 = 35 = 5 × 7नहीं

पाँच उदाहरण: 2 → 5, 5 → 11, 11 → 23, 23 → 47 तथा 29 → 59। (41 → 83 छठा उदाहरण है।)

क्या आप जानते हैं? 2, 3, 5, 11, 23, 29 और 41 जैसी अभाज्य संख्याएँ — जिन्हें दुगना करके 1 जोड़ने पर फिर अभाज्य मिलती है — सोफी जर्मेन अभाज्य कहलाती हैं। यह नाम फ्रांसीसी गणितज्ञ सोफी जर्मेन के नाम पर है, जिन्होंने फर्मा की अंतिम प्रमेय पर काम करते हुए इनका उपयोग किया था।
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