गुणा प्रत्येक बॉक्स में 12 अंजीर रखना चाहता है और अंशु प्रत्येक बॉक्स में 7 अंजीर रखना चाहता है। ऐसी कितनी व्यवस्थाएँ संभव हैं? ऐसे विभिन्न तरीके सोचिए और ज्ञात कीजिए, जिनमें— 1. गुणा 12 अंजीर आयताकार रूप में व्यवस्थित कर सकता है। 2. अंशु 7 अंजीरों को आयताकार रूप में व्यवस्थित कर सकता है।
उत्तर
पंक्ति × स्तंभ के रूप में आयताकार व्यवस्था तभी बनेगी जब पंक्तियों और स्तंभों का गुणनफल अंजीरों की संख्या के बराबर हो। अतः हमें केवल गुणनखंडों के युग्म चाहिए।
1. गुणा के 12 अंजीर — 12 = 1 × 12 = 2 × 6 = 3 × 4, और प्रत्येक को घुमाया भी जा सकता है—
12 अंजीरों की छह आयताकार व्यवस्थाएँ। यदि किसी आयत और उसे घुमाकर बनी आकृति को एक ही मानें, तो तीन भिन्न आकार बनते हैं।
2. अंशु के 7 अंजीर — 7 को केवल 1 × 7 के रूप में ही तोड़ा जा सकता है—
7 अंजीरों को केवल एक ही तरह से रखा जा सकता है — एक ही पंक्ति में, खड़ी या पड़ी हुई।
7 × 1 या 1 × 7 → केवल एक आकार
अंतर क्यों: 12 के छह गुणनखंड हैं (1, 2, 3, 4, 6, 12), इसलिए छह व्यवस्थाएँ बनती हैं; परंतु 7 के केवल दो गुणनखंड हैं (1 और 7), इसलिए केवल एक पंक्ति बनती है। यही एक तथ्य 7 को अभाज्य तथा 12 को भाज्य संख्या बनाता है।
प्र2.
प्रत्येक व्यवस्था में पंक्तियों और स्तंभों (कॉलम) की संख्याओं को देखिए। ये 12 से किस प्रकार से संबंधित हैं?
उत्तर
प्रत्येक व्यवस्था में पंक्तियाँ × स्तंभ = 12 होता है। अतः पंक्तियों तथा स्तंभों की संख्याएँ सदैव 12 के गुणनखंड होती हैं।
पंक्तियाँ
12
6
4
3
2
1
स्तंभ
1
2
3
4
6
12
पंक्तियाँ × स्तंभ
12
12
12
12
12
12
ऊपर की पंक्ति पढ़िए — 12, 6, 4, 3, 2, 1 — यह ठीक 12 के गुणनखंडों की सूची है।
संकेत: इससे गुणनखंड ज्ञात करने का एक सुंदर तरीका मिलता है — उतनी ही गोटियाँ या इमली के बीज लेकर देखिए कि उनसे कितने भिन्न आयत बनाए जा सकते हैं।
प्र3.
21 से 30 के बीच कितनी अभाज्य संख्याएँ हैं? 21 से 30 के बीच कितनी भाज्य संख्याएँ हैं?
उत्तर
21 से 30 तक की दसों संख्याओं की जाँच कीजिए।
संख्या
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
1 और स्वयं के अतिरिक्त गुणनखंड
3
2
—
2
5
2
3
2
—
2
अभाज्य / भाज्य
भाज्य
भाज्य
अभाज्य
भाज्य
भाज्य
भाज्य
भाज्य
भाज्य
अभाज्य
भाज्य
21 से 30 तक अभाज्य संख्याएँ → 23 और 29 — अर्थात् 2 संख्याएँ
21 से 30 तक भाज्य संख्याएँ → 21, 22, 24, 25, 26, 27, 28, 30 → 8 संख्याएँ
2 + 8 = 10, और 21 से 30 तक ठीक 10 संख्याएँ हैं। ✔
प्र4.
क्या हम 1 से 100 के बीच की सभी अभाज्य संख्याओं की सूची बना सकते हैं? अभाज्य संख्याएँ ज्ञात करने के लिए एक रोचक तरीका दिया गया है। नीचे दिए गए चरणों का प्रयोग करते हुए देखिए कि क्या परिणाम निकलता है?
उत्तर
हाँ। 1 से 100 तक की संख्याएँ एक जाल (ग्रिड) में लिखिए और पाँचों चरण अपनाइए — 1 को काट दीजिए, फिर 2 पर घेरा लगाकर उसके आगे के गुणज काटिए, फिर 3, फिर 5, फिर 7। इसके बाद जो बचता है, उस पर घेरा लग ही चुका होता है।
इराटोस्थेनीज़ की छलनी। केवल घेरे वाली संख्याएँ बचती हैं — वही अभाज्य संख्याएँ हैं।
संकेत: 7 के बाद काटने की आवश्यकता नहीं रहती। 100 से छोटी किसी भी भाज्य संख्या का कोई न कोई गुणनखंड 10 या उससे छोटा होगा (क्योंकि 11 × 11 = 121 पहले ही 100 से बड़ा है), अतः वह 2, 3, 5 या 7 से कट ही जाएगी।
प्र5.
गुणा और अंशु आश्चर्यचकित हैं कि इस सरल विधि द्वारा अभाज्य संख्याएँ ज्ञात की जा सकती हैं। सोचिए कि यह विधि किस प्रकार कार्य करती है। दिए गए चरणों को पुन: पढ़िए और देखिए कि प्रत्येक चरण के पश्चात् क्या-क्या होता है?
उत्तर
यह छलनी एक सरल विचार पर टिकी है — प्रत्येक भाज्य संख्या का कोई न कोई छोटा अभाज्य गुणनखंड अवश्य होता है, अतः वह किसी न किसी चरण में कट ही जाती है।
देखिए, संख्या 91 के साथ क्या होता है—
91 विषम है → चरण 2 (2 के गुणज) में बच जाती है
9 + 1 = 10, जो 3 का गुणज नहीं → चरण 3 में भी बच जाती है
अंत में 0 या 5 नहीं → चरण 4 में भी बच जाती है
परंतु 91 = 7 × 13 → 7 के गुणज काटते समय यह कट जाती है
और किसी अभाज्य संख्या, जैसे 37, के साथ—
37, 2, 3 या 5 का गुणज नहीं है, तथा 6 × 6 = 36 < 37 < 49 = 7 × 7
अतः 2 से 6 तक की कोई संख्या इसे विभाजित नहीं करती → 37 कभी नहीं कटती → घेरे में बनी रहती है
एक पंक्ति में कारण: प्रत्येक चरण उन संख्याओं को हटा देता है जिनका वह विशेष अभाज्य गुणनखंड है। चूँकि हर भाज्य संख्या का कम से कम एक अभाज्य गुणनखंड होता है, इसलिए हर भाज्य संख्या हट जाती है। जो संख्याएँ बची रहती हैं उनका स्वयं से छोटा कोई अभाज्य गुणनखंड नहीं होता — और अभाज्य होने का यही अर्थ है।
क्या आप जानते हैं? इराटोस्थेनीज़ लगभग 2200 वर्ष पहले ग्रीस में हुए थे। उन्होंने छायाओं की सहायता से पृथ्वी का आकार भी नापा था — और उनका उत्तर सही मान के आश्चर्यजनक रूप से निकट था।
क्या यह उपयोगी रहा?प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद!त्रुटि बताएँ