कक्षा ६ गणित अध्याय 5 अभाज्य समय के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
किसी संख्या को 1, 2, 3, … से गुणा करने पर उसके गुणज मिलते हैं। जो संख्या किसी संख्या को पूरी-पूरी विभाजित कर दे (शेषफल 0), वह उसका गुणनखंड (भाजक) है। दोनों संख्याओं के गुणज सार्व गुणज तथा दोनों के गुणनखंड सार्व (उभयनिष्ठ) गुणनखंड कहलाते हैं। अभाज्य संख्या के ठीक दो गुणनखंड होते हैं — 1 और वह संख्या स्वयं (2, 3, 5, 7, 11, …)। भाज्य संख्या के दो से अधिक गुणनखंड होते हैं (4, 6, 8, 9, …)। संख्या 1 न अभाज्य है और न भाज्य , क्योंकि इसका केवल एक ही गुणनखंड है। इराटोस्थेनीज़ की छलनी में किसी संख्या पर घेरा लगाकर उसके आगे के सभी गुणज काट दिए जाते हैं। इससे 100 तक ठीक 25 अभाज्य संख्याएँ प्राप्त होती हैं। जिन दो संख्याओं का 1 के अतिरिक्त कोई सार्व गुणनखंड नहीं होता, वे सह-अभाज्य कहलाती हैं — जैसे 4 और 9, 17 और 69, 40 और 231। कोई भी दो भिन्न अभाज्य संख्याएँ सदैव सह-अभाज्य होती हैं। 1 से बड़ी प्रत्येक
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| पद | अर्थ | अध्याय से उदाहरण | कैसे पहचानें |
|---|---|---|---|
| गुणज | किसी संख्या को 1, 2, 3, … से गुणा करने पर प्राप्त संख्या | 3, 6, 9, 12, … संख्या 3 के गुणज हैं | क्या वह उस संख्या के पहाड़े में आती है? |
| गुणनखंड (भाजक) | वह संख्या जो किसी संख्या को पूरी-पूरी विभाजित करे | 1, 2, 3, 4, 6, 8, 12, 24 — ये 24 के गुणनखंड हैं | भाग देने पर शेषफल 0 आता है? |
| सार्व गुणज | जो दोनों संख्याओं का गुणज हो | 3 और 5 के लिए 15, 30, 45, 60 | ‘इडली-वड़ा’ वाली संख्याएँ |
| सार्व गुणनखंड | जो दोनों संख्याओं का गुणनखंड हो | 14 और 36 के लिए 1 और 2 | वे छलाँग-आकार जो दोनों खजानों तक पहुँचाएँ |
| अभाज्य संख्या | जिसके ठीक दो गुणनखंड हों — 1 और वह स्वयं | 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19 | केवल एक ही आयताकार व्यवस्था बनती है |
| भाज्य संख्या | जिसके दो से अधिक गुणनखंड हों | 4, 6, 8, 9, 10, 12, 14, 15 | एक से अधिक आयत बनाए जा सकते हैं |
| संख्या 1 | न अभाज्य, न भाज्य | 1 का केवल एक गुणनखंड है | यह अकेली पड़ती है |
| इराटोस्थेनीज़ की छलनी | संख्या पर घेरा, उसके आगे के गुणज काट दीजिए | 100 तक 25 अभाज्य संख्याएँ | जो घेरे में बची रहे, वही अभाज्य |
| जुड़वाँ अभाज्य | जिन दो अभाज्य संख्याओं का अंतर 2 हो | 3 और 5, 11 और 13, 71 और 73 | अंतर ठीक 2 है |
| सह-अभाज्य संख्याएँ | 1 के अतिरिक्त कोई सार्व गुणनखंड नहीं | 4 और 9; 40 और 231 | कोई सार्व अभाज्य गुणनखंड नहीं |
| अभाज्य गुणनखंडन | संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में लिखना | 84 = 2 × 2 × 3 × 7 | तब तक तोड़िए जब तक केवल अभाज्य बचें |
| संपूर्ण संख्या | सभी गुणनखंडों का योग = संख्या का दुगना | 6 तथा 28 | 1 + 2 + 3 + 6 = 12 = 2 × 6 |
अभ्यास
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