गणित प्रकाश अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
ग्रम्पी खजाने को कहाँ रखे कि जम्पी दोनों संख्याओं तक न पहुँच सके। जाँचिए क्या ये युग्म सुरक्षित हैं— a. 15 और 39 b. 4 और 15 c. 18 और 29 d. 20 और 55
उत्तर

नया नियम याद रखिए — छलाँग का आकार 1 लेने की अनुमति नहीं है। अतः कोई युग्म सुरक्षित तभी है जब दोनों संख्याओं का 1 के अतिरिक्त कोई सार्व गुणनखंड न हो

युग्मगुणनखंडसार्व गुणनखंडसुरक्षित?
a. 15 और 3915 → 1, 3, 5, 15
39 → 1, 3, 13, 39
1, 3सुरक्षित नहीं — छलाँग 3 से 15 और 39 दोनों तक पहुँचा जा सकता है
b. 4 और 154 → 1, 2, 4
15 → 1, 3, 5, 15
केवल 1सुरक्षित ✔
c. 18 और 2918 → 1, 2, 3, 6, 9, 18
29 → 1, 29
केवल 1सुरक्षित ✔
d. 20 और 5520 → 1, 2, 4, 5, 10, 20
55 → 1, 5, 11, 55
1, 5सुरक्षित नहीं — छलाँग 5 से 20 और 55 दोनों तक पहुँचा जा सकता है

सुरक्षित युग्म: (4, 15) तथा (18, 29)।

29 युग्म को इतनी सरलता से सुरक्षित क्यों बना देती है: 29 अभाज्य है, अतः उसके गुणनखंड केवल 1 और 29 हैं। 29, संख्या 18 को विभाजित नहीं करती, इसलिए सार्व गुणनखंड के रूप में केवल 1 ही बचता है।
प्र2.
निम्नलिखित में से कौन-सा संख्या युग्म सह-अभाज्य है? a. 18 और 35 b. 15 और 37 c. 30 और 415 d. 17 और 69 e. 81 और 18.
उत्तर
युग्मअभाज्य गुणनखंडसार्व अभाज्य गुणनखंड?सह-अभाज्य?
a. 18 और 3518 = 2 × 3 × 3
35 = 5 × 7
कोई नहींहाँ ✔
b. 15 और 3715 = 3 × 5
37 अभाज्य है
कोई नहींहाँ ✔
c. 30 और 41530 = 2 × 3 × 5
415 = 5 × 83
5नहीं
d. 17 और 6917 अभाज्य है
69 = 3 × 23
कोई नहींहाँ ✔
e. 81 और 1881 = 3 × 3 × 3 × 3
18 = 2 × 3 × 3
3नहीं

सह-अभाज्य युग्म: a (18 और 35), b (15 और 37) तथा d (17 और 69)।

संकेत: सह-अभाज्य युग्म की दोनों संख्याओं का अभाज्य होना आवश्यक नहीं है। 18 और 35 दोनों भाज्य हैं, फिर भी सह-अभाज्य हैं, क्योंकि वे बिल्कुल अलग-अलग अभाज्य संख्याओं से बनी हैं।
प्र3.
भिन्न संख्या युग्म लेकर ‘इडली-वड़ा’ खेल खेलते हुए, अंशु ने एक रोचक बात देखी! 1. कभी-कभी, प्रथम सार्व गुणज, दोनों संख्याओं के गुणनफल के समान था। 2. अन्य स्थितियों में प्रथम सार्व गुणज, दोनों संख्याओं के गुणनफल से छोटा था। उपरोक्त प्रत्येक कथन के लिए उदाहरण खोजिए। यह संख्या युग्म के सह-अभाज्य होने से किस प्रकार संबंधित है?
उत्तर
संख्या युग्मप्रथम सार्व गुणजगुणनफलसमान या छोटा?सह-अभाज्य?
3 और 51515समानहाँ
3 और 72121समानहाँ
4 और 93636समानहाँ
4 और 61224छोटानहीं (2 उभयनिष्ठ)
3 और 6618छोटानहीं (3 उभयनिष्ठ)
6 और 153090छोटानहीं (3 उभयनिष्ठ)

अंशु ने जो नियम पकड़ा—

  • यदि दोनों संख्याएँ सह-अभाज्य हैं, तो प्रथम सार्व गुणज ठीक उनका गुणनफल होता है।
  • यदि उनका कोई सार्व गुणनखंड है, तो प्रथम सार्व गुणज गुणनफल से छोटा होता है — वास्तव में वह गुणनफल में सबसे बड़े सार्व गुणनखंड का भाग देने पर मिलता है।
4 और 6 में 2 उभयनिष्ठ → प्रथम सार्व गुणज = 24 ÷ 2 = 12
6 और 15 में 3 उभयनिष्ठ → प्रथम सार्व गुणज = 90 ÷ 3 = 30
3 और 6 में 3 उभयनिष्ठ → प्रथम सार्व गुणज = 18 ÷ 3 = 6
कारण: गुणनफल तो सदैव एक सार्व गुणज होता ही है। परंतु जब दोनों संख्याओं में कोई गुणनखंड उभयनिष्ठ हो, तो वह गुणनफल में दो बार गिना जाता है, इसलिए उससे छोटा सार्व गुणज पहले ही मिल जाता है। सह-अभाज्य संख्याओं में साझा करने को कुछ होता ही नहीं, इसलिए गुणनफल से छोटा कोई सार्व गुणज संभव नहीं।
प्र4.
सह-अभाज्य कला — नीचे दर्शाई गई धागे की कला को देखिए। पहली आकृति में 12 खूँटियाँ हैं। धागा हर चौथी खूँटी से बंधा है (हम कह सकते हैं कि धागे का अंतर 4 है)। दूसरी आकृति में 13 खूँटियाँ हैं और धागे का अंतर 3 है। अन्य आकृतियों के विषय में आप क्या सोचते हैं? इन आकृतियों को देखिए, अपनी जानकारी को कक्षा में साझा कीजिए और चर्चा कीजिए।
उत्तर

प्रत्येक चित्र में वृत्त पर बनी खूँटियाँ गिनिए और देखिए कि धागा वास्तव में कितनी खूँटियों को छूता है।

पुस्तक की चार धागा-आकृतियाँ12345678910111212 खूँटी, धागे का अंतर 4धागा 3 खूँटियों को छूता है1234567891011121313 खूँटी, धागे का अंतर 3धागा 13 खूँटियों को छूता है1234567891011121314151616 खूँटी, धागे का अंतर 6धागा 8 खूँटियों को छूता है12345678910111213141516171819202122232424 खूँटी, धागे का अंतर 6धागा 4 खूँटियों को छूता है
पुस्तक की चारों धागा-आकृतियाँ पुन: बनाकर दिखाई गई हैं। ध्यान दीजिए कि प्रत्येक में धागा कितनी खूँटियों तक पहुँचता है।
आकृतिखूँटियाँधागे का अंतरसबसे बड़ा सार्व गुणनखंडधागा कितनी खूँटियाँ छूता हैबनने वाली आकृति
पहली124412 ÷ 4 = 3त्रिभुज
दूसरी133113 ÷ 1 = 13 (सभी)13 कोनों वाला तारा
तीसरी166216 ÷ 2 = 88 कोनों वाला तारा
चौथी246624 ÷ 6 = 4वर्ग
पहली: 12 → 4 → 8 → वापस 12। केवल खूँटियाँ 4, 8, 12 प्रयोग होती हैं।
चौथी: 24 → 6 → 12 → 18 → वापस 24। केवल खूँटियाँ 6, 12, 18, 24 प्रयोग होती हैं।
नियम: छुई गई खूँटियों की संख्या = (कुल खूँटियाँ) ÷ (दोनों संख्याओं का सबसे बड़ा सार्व गुणनखंड)। जब यह सार्व गुणनखंड 1 हो — अर्थात् दोनों संख्याएँ सह-अभाज्य हों — तब धागा हर एक खूँटी को छूता है।
प्र5.
कुछ आकृतियों में धागा प्रत्येक खूँटी से बँधा है एवं कुछ में नहीं बँधा है। क्या यह दो संख्याओं (खूँटियों की संख्या और धागे के अंतर) के सह-अभाज्य होने से संबंधित है?
उत्तर

हाँ, बिल्कुल। धागा प्रत्येक खूँटी तक तभी पहुँचता है जब खूँटियों की संख्या और धागे का अंतर सह-अभाज्य हों

खूँटियाँ और अंतरसह-अभाज्य?क्या धागा हर खूँटी तक पहुँचता है?
12 और 4नहीं (4 उभयनिष्ठ)नहीं — 12 में से केवल 3 खूँटियाँ
13 और 3हाँहाँ — तेरहों खूँटियाँ
16 और 6नहीं (2 उभयनिष्ठ)नहीं — 16 में से केवल 8 खूँटियाँ
24 और 6नहीं (6 उभयनिष्ठ)नहीं — 24 में से केवल 4 खूँटियाँ
ऐसा क्यों होता है: धागा उन्हीं खूँटियों पर पड़ता है जो अंतर के गुणज हैं, वृत्त पर घूमते-घूमते गिने जाने पर। वह पहली बार अपनी आरंभिक खूँटी पर तब लौटता है जब दोनों संख्याओं का प्रथम सार्व गुणज आ जाता है। यदि दोनों सह-अभाज्य हैं, तो यह प्रथम सार्व गुणज पूरा गुणनफल होता है — अतः धागे को वृत्त के चारों ओर (अंतर) बार घूमना पड़ता है और वह हर खूँटी को छू लेता है। यदि उनका कोई सार्व गुणनखंड है, तो वह पहले ही लौट आता है और शेष खूँटियाँ छूट जाती हैं।
प्रयास करें: 13 खूँटियाँ और अंतर 5, अथवा 11 खूँटियाँ और अंतर 4 लीजिए — दोनों युग्म सह-अभाज्य हैं, अतः दोनों में ऐसा तारा बनेगा जो हर खूँटी को छूएगा।
प्र6.
निम्नलिखित के लिए ऐसी ही आकृतियाँ बनाइए— a. 15 खूँटी, धागे का अंतर 10 b. 10 खूँटी, धागे का अंतर 7 c. 14 खूँटी, धागे का अंतर 6 d. 8 खूँटी, धागे का अंतर 7
उत्तर

प्रत्येक युग्म के लिए पहले तय कीजिए कि धागा कितनी खूँटियों को छुएगा, फिर आकृति बनाइए।

12345678910111213141515 खूँटी, धागे का अंतर 10धागा 3 खूँटियों को छूता है1234567891010 खूँटी, धागे का अंतर 7धागा 10 खूँटियों को छूता है123456789101112131414 खूँटी, धागे का अंतर 6धागा 7 खूँटियों को छूता है123456788 खूँटी, धागे का अंतर 7धागा 8 खूँटियों को छूता है
पूछी गई चारों आकृतियाँ। केवल (a) और (c) में कुछ खूँटियाँ छूट जाती हैं — (b) और (d) में संख्याएँ सह-अभाज्य हैं, इसलिए हर खूँटी प्रयोग होती है।
भागखूँटियाँअंतरसह-अभाज्य?छुई गई खूँटियाँआकृति
a.1510नहीं (5 उभयनिष्ठ)15 ÷ 5 = 3खूँटी 10, 5, 15 पर त्रिभुज
b.107हाँसभी 1010 कोनों वाला तारा
c.146नहीं (2 उभयनिष्ठ)14 ÷ 2 = 7सम खूँटियों पर 7 कोनों वाला तारा
d.87हाँसभी 8अष्टभुज (हर बार एक खूँटी पीछे)
a. 15 → 10 → 5 → वापस 15 (केवल तीन खूँटियाँ)
b. 10 → 7 → 4 → 1 → 8 → 5 → 2 → 9 → 6 → 3 → वापस 10 (दसों खूँटियाँ)
c. 14 → 6 → 12 → 4 → 10 → 2 → 8 → वापस 14 (सात खूँटियाँ, सभी सम)
d. 8 → 7 → 6 → 5 → 4 → 3 → 2 → 1 → वापस 8 (आठों खूँटियाँ)
बनाने का संकेत: परकार से वृत्त पर बराबर दूरी पर खूँटियाँ अंकित कीजिए, उन्हें क्रम से संख्याएँ दीजिए, फिर हर बार उतना ही अंतर गिनते हुए खूँटी से खूँटी मिलाइए। जहाँ से आरंभ किया था, वहाँ लौटते ही रुक जाइए।
ध्यान दीजिए: इसी प्रश्न के भाग (d) में अंग्रेज़ी संस्करण में 8 खूँटी, धागे का अंतर 3 दिया है। 8 और 3 भी सह-अभाज्य हैं, अतः वहाँ भी धागा आठों खूँटियों को छूता है, पर आकृति अष्टभुज के स्थान पर 8 कोनों वाला तारा बनती है — 8 → 3 → 6 → 1 → 4 → 7 → 2 → 5 → वापस 8।
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