गणित प्रकाश अध्याय 5 आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
2024 एक अधिवर्ष है (अर्थात फरवरी में 29 दिन होते हैं)। अधिवर्ष हर उस वर्ष में होता है जो 4 के गुणज होते हैं, सिवाय उन वर्षों के जो 100 से तो विभाजित हैं लेकिन 400 से नहीं। a. आपके जन्म के वर्ष से लेकर अब तक कौन-से वर्ष अधिवर्ष थे? b. वर्ष 2024 से 2099 तक कितने अधिवर्ष होंगे?
उत्तर

a. अपना जन्म वर्ष लिखिए और आगे बढ़ते हुए 4 का पहला गुणज ढूँढ़िए; उसके बाद हर चौथा वर्ष अधिवर्ष होगा (2001 से 2099 के बीच “शताब्दी वाला” अपवाद कहीं नहीं आता)।

उदाहरण: यदि आपका जन्म 2013 में हुआ है, तो उसके बाद के अधिवर्ष हैं—
2016, 2020, 2024 — और आगे 2028, 2032, 2036, …
जन्म 2014 में → 2016, 2020, 2024
जन्म 2012 में → 2012, 2016, 2020, 2024

किसी भी वर्ष की जाँच 4 वाले नियम से शीघ्र कीजिए — अंतिम दो अंक देखिए: 16 ÷ 4 = 4 ✔, 20 ÷ 4 = 5 ✔, 24 ÷ 4 = 6 ✔, परंतु 22 ÷ 4 में शेषफल 2 ✘।

b. वर्ष 2024 से 2099 तक 19 अधिवर्ष होंगे।

ये हैं 2024, 2028, 2032, …, 2096
गिनती = (2096 − 2024) ÷ 4 + 1 = 72 ÷ 4 + 1 = 18 + 1 = 19
“100 से विभाज्य पर 400 से नहीं” वाला नियम यहाँ क्यों लागू नहीं होता: इस परास के आसपास 100 का गुणज केवल 2100 है, जो हमारी सीमा से बाहर है। (वैसे जान लीजिए — 2100 अधिवर्ष नहीं होगा, क्योंकि वह 100 से विभाजित है पर 400 से नहीं; जबकि 2000 अधिवर्ष था, क्योंकि 2000 ÷ 400 = 5।)
प्र2.
सबसे बड़ी और सबसे छोटी 4 अंकों की संख्याओं का पता लगाइए, जो 4 से विभाज्य हों और पैलिंड्रोम भी हों?
उत्तर

4 अंकों का पैलिंड्रोम अबबअ जैसा दिखता है — पहला और अंतिम अंक समान, तथा बीच के दोनों अंक समान। 4 से विभाज्य होने के लिए अंतिम दो अंकों से बनी संख्या 4 से विभाज्य होनी चाहिए। 4 का गुणज सदैव सम होता है, अतः पहला अंक सम होना चाहिए (2, 4, 6 या 8 — 0 नहीं, क्योंकि 4 अंकों की संख्या 0 से आरंभ नहीं होती)।

सबसे बड़ी: पहला अंक 8 लीजिए और बीच का अंक अधिक से अधिक बड़ा—

अंतिम दो अंकों की जाँच कीजिए (बीच का अंक 9, 8, 7, … लेकर)
98 ÷ 4 → शेषफल 2 ✘    88 ÷ 4 = 22
अतः संख्या है 8888, और 8888 ÷ 4 = 2222

सबसे छोटी: पहला अंक 2 लीजिए और बीच का अंक जितना छोटा हो सके—

02 ÷ 4 → शेषफल 2 ✘    12 ÷ 4 = 3
अतः संख्या है 2112, और 2112 ÷ 4 = 528

उत्तर: सबसे बड़ी = 8888, सबसे छोटी = 2112।

ध्यान दीजिए — पुस्तक के अंत में दिया उत्तर यहाँ ठीक नहीं है। वहाँ 9999 और 1001 दिए गए हैं, परंतु ये दोनों विषम संख्याएँ हैं, अतः इनमें से कोई भी 4 से विभाज्य नहीं हो सकती (9999 ÷ 4 = 2499, शेष 3; 1001 ÷ 4 = 250, शेष 1)। सही उत्तर 8888 तथा 2112 हैं।
प्र3.
खोजिए और ज्ञात कीजिए कि क्या प्रत्येक कथन सदैव सत्य है, कभी-कभी सत्य है या कभी भी सत्य नहीं हैं। आप अपने तर्क के समर्थन में उदाहरण दे सकते हैं। a. दो सम संख्याओं का योगफल, 4 का गुणज होता है। b. दो विषम संख्याओं का योगफल, 4 का गुणज होता है।
उत्तर

a. कभी-कभी सत्य।

2 + 6 = 8 = 4 × 2 ✔    10 + 14 = 24 = 4 × 6 ✔
परंतु 2 + 4 = 6 ✘    8 + 10 = 18

b. कभी-कभी सत्य।

1 + 3 = 4 = 4 × 1 ✔    7 + 9 = 16 = 4 × 4 ✔
परंतु 1 + 5 = 6 ✘    5 + 9 = 14
यह कब सत्य होता है? दो सम संख्याओं का योग सदैव सम होता है और दो विषम संख्याओं का योग भी सदैव सम — अर्थात् दोनों स्थितियों में 2 का गुणज तो मिलता है, पर 4 का सदैव नहीं।
  • दो सम संख्याओं का योग 4 का गुणज तब होता है जब दोनों को 4 से भाग देने पर समान शेषफल मिले (दोनों 2, 6, 10, 14 … जैसी हों, या दोनों 4, 8, 12, 16 … जैसी)।
  • दो विषम संख्याओं का योग 4 का गुणज तब होता है जब एक संख्या 4 + 1 के रूप की हो (1, 5, 9, 13 …) और दूसरी 4 + 3 के रूप की (3, 7, 11, 15 …)।
अतः न तो कोई कथन सदैव सत्य है और न ही कभी भी असत्य — दोनों कभी-कभी सत्य हैं।
प्र4.
निम्नलिखित संख्याओं में से प्रत्येक को (a) 10, (b) 5, (c) 2 से विभाजित करने पर प्राप्त शेषफल ज्ञात कीजिए। 78, 99, 173, 572, 980, 1111, 2345
उत्तर

लंबी भाग-विधि की आवश्यकता ही नहीं — केवल अंतिम अंक देखिए।

  • 10 से: शेषफल स्वयं इकाई का अंक ही होता है।
  • 5 से: इकाई का अंक लीजिए और यदि वह 5 या उससे बड़ा हो तो 5 घटा दीजिए।
  • 2 से: इकाई का अंक सम हो तो शेषफल 0, विषम हो तो 1।
संख्याइकाई का अंक10 से शेषफल5 से शेषफल2 से शेषफल
788830
999941
1733331
5722220
9800000
11111111
23455501
कुछ जाँचें: 78 = 7 × 10 + 8    78 = 15 × 5 + 3    78 = 39 × 2 + 0
2345 = 234 × 10 + 5    2345 = 469 × 5 + 0    2345 = 1172 × 2 + 1
प्र5.
शिक्षक ने पूछा कि क्या 14560, संख्याओं 2, 4, 5, 8 और 10 सभी से विभाज्य है। गुणा ने इनमें से केवल दो संख्याओं से 14560 की विभाज्यता की जाँच की और कहा कि 14560 उन सभी संख्याओं से भी विभाज्य है। वे दो संख्याएँ क्या हो सकती हैं?
उत्तर

वे दो संख्याएँ 8 और 5 हैं।

14560 के अंतिम तीन अंक = 560, और 560 ÷ 8 = 70 → 8 से विभाज्य ✔
इकाई का अंक 0 है → 5 से विभाज्य ✔

इन दो जाँचों से शेष तीनों उत्तर अपने आप मिल जाते हैं—

  • 8 से विभाज्य → 4 और 2 से भी विभाज्य, क्योंकि 8 = 4 × 2 (14560 ÷ 8 = 1820, अतः 14560 = 4 × 3640 = 2 × 7280)।
  • 2 और 5 दोनों से विभाज्य → 10 से भी विभाज्य, क्योंकि 10 = 2 × 5 (14560 ÷ 10 = 1456)।
14560 ÷ 2 = 7280   14560 ÷ 4 = 3640   14560 ÷ 5 = 2912   14560 ÷ 8 = 1820   14560 ÷ 10 = 1456 ✔
8 और 5 ही चतुर चयन क्यों हैं: सूची में 2 की घातों में सबसे बड़ी 8 है, अतः वही अपने नीचे की 4 और 2 को समेट लेती है। और 5, उस 2 के साथ मिलकर (जो 8 से मुफ़्त मिल गई) 10 को भी सिद्ध कर देती है। अभाज्य भाषा में 14560 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 7 × 13 — 8 और 5 की जाँच यही बताती है कि इसमें 2 × 2 × 2 तथा 5 उपस्थित हैं, और शेष तीनों जाँचों को इतना ही चाहिए।
प्र6.
निम्नलिखित में से कौन-सी संख्याएँ 2, 4, 5, 8 और 10 सभी से विभाज्य हैं? 572, 2352, 5600, 6000, 77622160
उत्तर

2, 4, 5, 8 तथा 10 — इन सबसे एक साथ विभाज्य होने का अर्थ है 40 (= 8 × 5) से विभाज्य होना। अतः दो बातें जाँचिए — अंतिम तीन अंक 8 से विभाज्य हों, तथा इकाई का अंक 0 हो (संख्या को सम भी होना है, इसलिए 5 नहीं चलेगा)।

संख्या5 और 10 से?अंतिम तीन अंक 8 से?सभी पाँच से विभाज्य?
5722 पर समाप्त → नहीं572 ÷ 8 में शेष 4नहीं
23522 पर समाप्त → नहीं352 ÷ 8 = 44 ✔नहीं
56000 पर समाप्त → हाँ600 ÷ 8 = 75 ✔हाँ ✔
60000 पर समाप्त → हाँ000 → 0 ÷ 8 = 0 ✔हाँ ✔
776221600 पर समाप्त → हाँ160 ÷ 8 = 20 ✔हाँ ✔

उत्तर: 5600, 6000 तथा 77622160।

5600 ÷ 40 = 140    6000 ÷ 40 = 150    77622160 ÷ 40 = 1940554 ✔
2352 से सावधान: यह 2, 4 और 8 की जाँच पास कर लेती है, पर 5 और 10 पर विफल हो जाती है — अतः यह उत्तर नहीं है। और 572 केवल 2 तथा 4 से विभाज्य है (572 ÷ 4 = 143)।
प्र7.
दो संख्याएँ लिखिए जिनका गुणनफल 10000 हो। दोनों संख्याओं का इकाई का अंक शून्य नहीं होना चाहिए।
उत्तर

उत्तर: 16 और 625।

16 × 625 = 10000 ✔ — किसी भी संख्या के अंत में 0 नहीं है

इन्हें ढूँढ़ने का तरीका देखिए। अभाज्य गुणनखंडन से आरंभ कीजिए—

10000 = 10 × 10 × 10 × 10 = (2 × 5) × (2 × 5) × (2 × 5) × (2 × 5)
10000 = 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 5 × 5

कोई संख्या 0 पर तभी समाप्त होती है जब उसके गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों हों। अतः सारे 2 एक संख्या में और सारे 5 दूसरी संख्या में डाल दीजिए—

2 × 2 × 2 × 2 = 16   तथा   5 × 5 × 5 × 5 = 625
यही एकमात्र विकल्प क्यों है: चार 2 और चार 5 को दोनों संख्याओं में बाँटना है। यदि किसी संख्या को एक 2 और एक 5, दोनों मिल गए तो वह 10 की गुणज बनकर 0 पर समाप्त हो जाएगी। अतः एक संख्या को सारे 2 और दूसरी को सारे 5 लेने ही पड़ेंगे — इससे 16 × 625 के अतिरिक्त कोई और उत्तर बनता ही नहीं।
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