प्र1.
यह अर्धवृत बनाने के लिए परकार में कितनी लंबाई की त्रिज्या रखनी होगी? AX की लंबाई क्या होनी चाहिए?
उत्तर
दोनों लहरें समान होनी चाहिए, इसलिए केंद्रीय रेखा AB = 8 सेमी दोनों में बराबर-बराबर बँटती है।
AX = XB = 8 ÷ 2 = 4 सेमी
AX ही पहले अर्धवृत्त का व्यास है
त्रिज्या = 4 ÷ 2 = 2 सेमी
AX ही पहले अर्धवृत्त का व्यास है
त्रिज्या = 4 ÷ 2 = 2 सेमी
उत्तर: त्रिज्या = 2 सेमी तथा AX = 4 सेमी। परकार की नोंक AX के मध्य-बिंदु पर, अर्थात् A से 2 सेमी दूर रखी जाती है।
क्यों: अर्धवृत्त सदैव अपने व्यास पर खड़ा होता है। यहाँ अर्धवृत्त A से आरंभ होकर X पर समाप्त होता है, अत: AX ही व्यास है और त्रिज्या व्यास की आधी होती है।