गणित प्रकाश अध्याय 8 रचना कीजिए

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
3. आँखें — आप परकार की सहायता से ये आँखें कैसे बनाएँगे? (संकेत के लिए, इस अध्याय के अंत में दिए गए हैं।)
उत्तर

प्रत्येक आँख समान त्रिज्या के दो चापों से बनी है — एक ऊपर की ओर उभरा और दूसरा नीचे की ओर, जो आँख के दोनों कोनों पर मिलते हैं। बीच में भरा हुआ छोटा वृत्त पुतली है।

रचना के चरण (एक आँख के लिए)

  1. एक हल्की क्षैतिज सहायक रेखा खींचिए। उस पर 4 सेमी की दूरी पर दो बिंदु अंकित कीजिए — ये आँख के दोनों कोने हैं।
  2. परकार में लगभग 2.5 सेमी त्रिज्या लीजिए। नोंक को सहायक रेखा के नीचे बिंदु B पर (मध्य से जाते लंब पर) इस प्रकार रखिए कि पेंसिल दोनों कोनों से गुजरे। चाप खींचिए — यह ऊपर की ओर उभरेगा और ऊपरी पलक बनेगा।
  3. वही खुलाव रखते हुए नोंक को रेखा के ऊपर बिंदु A पर रखिए — ठीक उतनी ही दूरी पर जितनी B नीचे थी। चाप खींचिए — यह नीचे की ओर झुकेगा और निचली पलक बनेगा।
  4. आँख का मध्य-बिंदु अंकित करके वहाँ 0.7 सेमी त्रिज्या का छोटा वृत्त बनाइए और उसे भर दीजिए — यही पुतली है।
  5. दूसरी आँख के लिए यही सब दोहराइए, उसी सहायक रेखा और उन्हीं खुलावों के साथ, जिससे दोनों आँखें एक जैसी दिखें।
A B
एक आँख। B (नीचे) पर रखी नोंक से ऊपरी वक्र बनता है और A (ऊपर) पर रखी नोंक से निचला वक्र। A और B सहायक रेखा से समान दूरी पर हैं, इसलिए आँख सममित बनती है।
A ऊपर और B नीचे क्यों: चाप परकार की नोंक से दूर की ओर मुड़ता है। ऊपर उभरा वक्र चाहिए तो नोंक नीचे रखनी होगी; नीचे झुका वक्र चाहिए तो नोंक ऊपर। A और B को सहायक रेखा से समान दूरी पर रखने से ऊपरी और निचला वक्र एक-दूसरे के दर्पण-प्रतिबिंब बनते हैं — और आँख सममित हो जाती है।
संकेत: इसमें कुछ प्रयास लग सकते हैं। सहायक रेखाएँ कठोर पेंसिल से बहुत हल्की खींचिए ताकि अंत में मिटाई जा सकें।
प्र2.
रूलर (स्केल) और परकार की सहायता से अपनी पसंद की कोई अन्य कलाकृति बनाइए।
उत्तर

केवल रूलर और परकार से बनने वाली कुछ आकृतियाँ नीचे दी हैं। इन्हें अपनी कॉपी में बनाइए और रंग भरिए।

  • छह पंखुड़ियों का फूल (रंगोली): एक वृत्त बनाइए। खुलाव बदले बिना नोंक वृत्त पर कहीं भी रखकर चाप काटिए; फिर नोंक उसी कटान-बिंदु पर रखकर दोहराइए। छह चाप पूरा चक्कर लगाकर फूल बना देते हैं।
  • वृत्तों की शृंखला: एक सरल रेखा पर समान दूरी पर बिंदु अंकित कीजिए और प्रत्येक पर समान त्रिज्या का वृत्त बनाइए। अतिव्यापी वृत्त सुंदर शृंखला बनाते हैं।
  • चंद्रकला: एक वृत्त बनाइए, फिर उसी त्रिज्या का दूसरा वृत्त थोड़ा हटाकर बनाइए। दोनों वक्रों के बीच का भाग चंद्रकला जैसा दिखता है।
  • पत्ती: समान त्रिज्या के दो वृत्त इस प्रकार बनाइए कि हर वृत्त दूसरे के केंद्र से गुजरे। उभयनिष्ठ भाग पत्ती के आकार का बनता है।
  • निशाने के छल्ले: नोंक एक ही बिंदु पर रखकर 1, 2, 3 और 4 सेमी त्रिज्या के वृत्त बनाइए। एक-एक छोड़कर छल्लों में रंग भरिए।
प्रयास करें: छह पंखुड़ियों वाला फूल इसलिए बनता है क्योंकि वृत्त की त्रिज्या उसकी परिधि पर ठीक छह बार बैठती है। चाप गिनिए — सदैव 6 ही मिलेंगे, न 5, न 7।
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